स्वच्छता में नवोन्मेष के जनक अ©र भारतीय समाजसेवी को 2009 का स्टाकहोम जल-पुरस्कार
स्टाकहोम, 25 मार्च। पीआर न्यूजवायर – एशियानेट।
भारत में सुलभ स्वच्छता आंदोलन के जनक डा. बिंदेश्वर पाठक को 2009 के स्टाकहोम जल-पुरस्कार के लिए नामित किया गया है।
मल्टीमीडिया समाचार विज्ञप्ति को देखने के लिए क्लीक करेंः-
एचटीटीपी: डब्लूडब्लूडब्लू . पीआरन्यूजवायर . काम , एमएनआर , एसआईडब्लूआई , 37595 ,
सुलभ अंतराष्ट्रीय सामाजिक सेवा संगठन के संस्थापक के रूप में डा. पाठक को दुनियाभर में जन-स्वास्थ्य को सुधारने, सामाजिक प्रगति को प्रोत्साहित करने अ©र मानवाधिकारों की स्थिति को सुधारने के क्षेत्र्ा में विविध प्रकार के कार्यो के लिए जाना जाता है।
उनकी उपलब्धियों के दायरे में अपने स्वदेश के लाखों लोगों के बीच स्वच्छता तकनीकों, सामाजिक उद्यमों अ©र स्वास्थ्यगत शिक्षा को प्रोत्साहित करना शामिल है।
उनके कार्यो को दुनियाभर में गैर-सरकारी संगठनों के लिए अनुकरणीय एजेंसी अ©र जन-स्वास्थ्य के क्षेत्र्ा में पहलकदमियों को लेकर पहचाना जाता है।
सुलभ स्वच्छता आंदोलन का 1970 में स्थापना करने के समय से ही डा. पाठक मलीन बस्तियों, ग्रामीण इलाकों अ©र सघन शहरी आबादी के बीच श©चालयों को लेकर परंपरागत अस्वच्छ अभ्यासों के बारे में सामाजिक प्रवृतियों को बदलने की दिशा में सक्रिय रहे हैं।
उन्होंने किफायती श©चालय प्रणालियों को विकसित किया जिसके माध्यम से लाखों लोगों की दैनिक दिनचर्या को उन्नत अ©र अधिक स्वस्थ्यप्रद बनाया जा सका।
मैला ढोने की परंपरागत प्रध्दति को समाप्त करने की दिशा में पहले से चल रहे अभियान को सफलता के मुकाम तक पहुंचाने में उनकी सक्रियता अ©र योगदान काफी सराहनीय रही।
भारत में परंपरागत रूप से मानवीय मैला को बाल्टी में रखकर सिरपर ढोने का प्रचलन था।
उन मैला ढोने वाले समुदायों के अधिकारों को सुनिश्चित करने अ©र उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति को सुधारने, बेहतरीन मानदंड की जीवन-पध्दति अ©र सामाजिक सम्मान प्रदान करने काम में वे चैंपियन रहे हैं।
स्टाकहोम जल-पुरस्कार नामांकन समिति ने अपनी टिप्पणी में उल्लेख किया है कि ‘‘डा. पाठक के उद्यमों के परिणाम इसके असाधारण उदाहरण हंै कि कोई एक व्यक्ति किसतरह से लाखों लोगों के कुशलक्षेम पर सकारात्मक ढंग से प्रभावित कर सकता है।
डा. पाठक के नेतृत्व में संपन्न कार्यों के इन उल्लेखनीय सामाजिक-पर्यावरणीय परिणामों को अंतराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया गया है। इसे महज उनके द्वारा ही नहीं स्वीकार किया गया जिनको उनके प्रयासों के परिणामस्वरुप मानवीय सम्मान की स्वतंत्र्ाता को सुनिश्चित करने का अवसर मिला।’’
डा. पाठक 2009 स्टाकहोम जल-पुरस्कार को विश्व जल- सप्ताह के द©रान ग्रहण करेंगे।
आगामी अगस्त में स्टाकहोम में अ©पचारिक रूप से आयोजित शाही पुरस्कार वितरण समारोह अ©र भोजसभा में पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
स्टाकहोम जल-पुरस्कार के बारे मेंः-
स्टाकहोम जल-पुरस्कार पहली बार 1991 में प्रदान किया गया। यह विश्व का सर्वाधिक प्रतिष्ठित पुरस्कार है जिसे जल से संबंधित गतिविधियों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए प्रदान किया जाता है।
इस वार्षिक पुरस्कार में डेढ लाख डालर नगद अ©र एक क्रिस्टल मूर्तिशिल्प प्रदान किया जाता है।
पुरस्कार के लिए आए नामांकनों की समीक्षा करने अ©र एक चयनित उम्मीदवार के नाम का प्रस्ताव करने की जिम्मेवारी एक अंतराष्ट्रीय समिति की है जिसकी नियुक्ति रायल स्वीडीश अकादमी आफ साइंस करती है।
पुरस्कार की स्थापना स्टाकहोम नगर, स्वीडेन अ©र कुछेक अंतराष्ट्रीय कंपनियों के सहयोग से होती है। पुरस्कार कार्यक्रम का संचालन स्टाकहोम अंतराष्ट्रीय जल संस्थान करती है।
स्टाकहोम जल-पुरस्कार के संरक्षक एच.एम.किंग कार्ल 16, गुस्टेफ आफ स्वीडेन हैं।
संपर्क विवरणः-
माइकल मैकविलियम,
स्टाकहोम इंटरनेशनल वाटर इंस्टीच्यूट
46 – 8 – 522 – 139 – 89
माइकल . मैकविलियमस:एैटः एसआईडब्लूआई . ओआरजी
स्रोत:
स्टाकहोम इंटरनेशनल वाटर इंस्टीच्यूट
एशियानेट: अमरनाथ