बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने 81 गैर परंपरागत वैश्विक स्वास्थ्य शोध परियोजनाओं में निवेश किया

सिएटल, 5 मई, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
 100,000 डालर के अनुदान से खोज की जाएगी कि टमाटर, गाय अ©र चुंबकों के इस्तेमाल सहित अनोखी पहल से कैसे संक्रमित रोग से बचाव किया जा सकता है ।
 बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने विकासशील देशों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए साहसिक अ©र बडे पैमाने पर असिद्ध पद्धतियों की खोज की खातिर प्रत्येक तरीके पर 100,000 डालर के अनुदान की आज घोषणा की । ये अनुदान फाउंडेशन की ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशन पहल के जरिये 17 देशों में शोध के लिए दिए जा रहे हैं जिनका लक्ष्य रचनात्मक विचारों को विकसित करना है जिससे वैश्विक स्वास्थ्य की तस्वीर बदल सकती है ।
 ये परियोजनाएं एचआईवी, मलेरिया, क्षयरोग, न्यूमोनिया अ©र डायरिया जैसी संक्रमित बीमारियों की रोकथाम अ©र उपचार के लिए आदर्श प्रयोगों पर केंद्रित हैं । 104 ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस के पहले द©र की घोषणा अक्तूबर 2008 में की गई थी ।

 गेट्स फाउंडेशन में वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अध्यक्ष डारु ताची यमादा ने कहा, ‘‘वैश्विक स्वास्थ्य शोध में निवेश पहले से ही अच्छा लाभांश दे रहे हैं । नए टीकों, दवाओं अ©र अन्य उपकरणों की अविश्वसनीय संख्या विकासशील देशों में स्वास्थ्य सुधार के लिए उपलब्ध कराई जा रही है । ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस ठोस विचारों को प्रेरित करने में मदद करने का हमारा ऐसा तरीका है जो एक दिन वैश्विक स्वास्थ्य को बदलने में मदद कर सकता है ।’’
 वित्त्ीय सुविधा उपलब्ध कराए गए 81 शोधकर्ता नए विचारों की एक व्यापक श्रृंखला विकसित करेंगे जिनमें मच्छरों को ‘‘हेड कोल्ड’’ दिया जाना भी शामिल है जिससे उसे मनुष्य की खोज करने अ©र उन्हें काटने से रोका जा सके । इसके अलावा एंटीवायरल दवाओं की आपूर्ति के लिए एक प्रकार के टमाटर का विकास करना अ©र टीकों के प्रभाव को बढाने के लिए एक लेजर का इस्तेमाल करना इसमें शामिल होगा ।
   एक नया अनुदान स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी मेडिकल स्कूल के डा. बिकुल दास को दिया गया है जिन्होंने पिछले एक दशक के द©रान कैंसर स्टेम सेल बायोलाजी का अध्ययन किया है लेकिन भारत तथा भूटान में क्लिनिकल प्रशिक्षण के कारण संक्रमणकारी रोगों में अपनी खास रुचि बरकरार रखी है ।

         नया अनुदान मिलने से वह लैटेंट टीबी संक्रमण में स्टेम सेल की संभावित भूमिका की खोज करने में सक्षम हो सकेंगे ।
        कैंसर स्टेम सेल पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करने के बाद एक विमान पर ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस के बारे में पढ चुके डा. दास ने कहा, ‘‘संक्रमणकारी रोगों के खिलाफ संघर्ष में शामिल होने का अवसर पाकर मैं काफी रोमांचित हुआ हूं । मैं उम्मीद करता हूं कि कैंसर अ©र स्टेम सेल बायोलाजी में मेरी विशेषज्ञता इस क्षेत्र्ा का विस्तार पाने अ©र रोग से निजात दिलाने में मदद करेगी ।’’
       वित्त्ीय सहायता प्राप्त अन्य परियोजनाओं के उदाहरणों में शामिल हैं:
  – रोगों के निदान अ©र उपचार के लिए नए उपकरण
   – ब्रिटेन में यूनिवर्सिटी आफ एक्सेटर के ल्यूक सैवेज एवं डेव न्यूमैन चंुबकों का इस्तेमाल करते हुए मलेरिया रोग के उपचार के लिए एक बिना खर्चे वाला अ©र बैटरी संचालित उपकरण के निर्माण का प्रयास करेंगे ताकि मनुष्य के रक्त नमूनों में मलेरिया पारासाइट के अवशिष्ट उत्पादों की पहचान की जा सके ।
   – दक्षिण अफ्रीका स्थित काउंसिल फार साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के बोइट्यूमेलो सिमेट ‘‘चिपकने वाला नैनोपारासाइट’’ विकसित करने का प्रयास करेंगे ।

        यह उपकरण क्षयरोग से संक्रमित कोशिकाओं से जुडा होगा अ©र क्षयरोग दवाओं को धीरे-धीरे निकालेगा । इस नई उपचार पद्धति के जरिये म©जूदा दवाओं का इस्तेमाल करते हुए उपचार के समय को कम किया जा सकता है अ©र दुष्प्रभाव में कमी लाई जा सकती है ।
     – अमेरिका में स्टेट यूनिवर्सिटी आफ न्यू जर्सी स्थित रूटगर्स के एरिक लैम एक ऐसा टमाटर विकसित करने का काम करेंगे जिसे खाने पर एंटीवायरल दवाओं की आपूर्ति की जा सकेगी ।               
     – स्विटजरलैंड में विसेन्सशाफ्टलिशर फोंड्स इन्कोलोगी के एरिक चर्नी अपने भाई थामस के साथ इस बात का परीक्षण करेंगे कि एंटी मलेरिया से जुडी दवाओं पर एंटीबाडीज लागू करने से क्या शरीर में उन दवाओं के हाफ-लाइफ प्रभाव को महत्वपूर्ण रूप से बढाया जा सकता है अ©र उनका प्रभाव विस्तारित किया जा सकता है ।
     – मनुष्य को संक्रमित करने से मच्छरों को रोकने का रचनात्मक तरीका:
– तंजानिया में इफाकारा हेल्थ इंस्टीट्यूट के फ्रेडरोज ओकुमू ग्रामीण इलाकों में मलेरिया के प्रसार को रोकने में मदद के लिए घर के बाहर के मच्छरों को पकडने के लिए एक नेटवर्क विकसित करने का प्रयास करेंगे ।                      

         – अमेरिका स्थित पेनिसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के थामस बेकर फंगस के जरिये मलेरिया ढोने वाले मच्छरों को संभावित संक्रमित करने की जांच करेंगे जो हेड कोल्ड की तरह होगा अ©र जिससे मनुष्य की म©जूदगी के लिए उनकी घ्राण शक्ति अ©र मनुष्यों की खोज करने की उनकी क्षमता को कम किया जा सकेगा ।
      – अमेरिका में ही यूनिवर्सिटी आफ नार्थ डेकोटा के जेफरसन वाउघन मवेशियों को मच्छरों से रोग प्रतिरोधक बनाने का प्रयास करना चाहते हैं । उनके प्रयास सफल होने पर गाय को काटने वाले मच्छर या तो तत्काल मर जाएंगे या उनके प्रजनन की क्षमता कम हो जाएगी ।
    – अन्य प्रभावशाली अ©र कारगर टीके:
   – इटली में सान रैफेली साइंटिफिक इंस्टीट्यूट के ल्यूसिया लोपाल्को ‘‘सेल्फ टारगेटिंग एंटीबाडीज’’ विकसित करने का तरीका ईजाद करेंगे जो मनुष्य की रोग प्रतिरोधी कोशिकाओं में म©जूद एक रिसेप्टर प्रोटीन पर आक्रमण करेगा अ©र जिससे कोशिकाओं में एचआईवी वायरस को प्रवेश करने से महत्वपूर्ण तरीके से रोकेगा अ©र एचआईवी का संक्रमण इससे प्रसारित नहीं हो पाएगा ।
    – आस्ट्रेलिया में मोनाश यूनिवर्सिटी के फैसेली ककूलीबेली इस तथ्य का परीक्षण करेंगे कि कीटाणुओं के वायरस से पनपने वाले प्रोटीन क्रिस्टल को क्या टीके बनाने के नए तरीके के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है ।

          इस तरह के ‘‘माइक्रोक्यूब’’ प्रोटीन अणु स्थिर होते हैं अ©र इनका इस्तेमाल कई तरह के रोगों के खिलाफ किया जा सकता है अ©र साथ ही इन्हें वातानुकूलित रखने की आवश्यकता भी नहीं पडती है ।
      – अमेरिका में मैसाच्यूसेट्स जनरल हास्पिटल एंड हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के मेई वू इस बात का पता लगाएंगे कि कोई टीका लगाए जाने से पहले लेजर के जरिये लक्षित कर प्रकाशवान की गई त्वचा क्या प्रतिरोधी क्षमता बढाने में मदद कर सकती है ।
       अनुदान के लिए मिले 3,000 से ज्यादा प्रस्तावों में से इन आवेदकों का चयन दूसरे द©र में किया गया है । प्रसिद्ध शोधकर्ताओं से लेकर युवा पोस्ट ग्रैजुएट जांचकर्ताओं तक सभी स्तर के वैज्ञानिक विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के रूप में उपस्थित हुए जिनमें न्यूरोबायोलाजी, इम्यूनोलाजी तथा पालीमर विज्ञान विभाग के वैज्ञानिक शामिल हैं । अनुदान पाने वाले ये सभी वैज्ञानिक अफ्रीका, एशिया, आस्ट्रेलिया, यूरोप, लैटिन अमेरिका तथा उत्त्री अमेरिका स्थित विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, गैर लाभकारी संस्थानों तथा निजी कंपनियों से जुडे हैं ।
     ग्रांड चैलेंजेज से वित्त्ीय सहायता वाली परियोजनाओं की पूरी सूची के बारे में विशेष जानकारी के लिए संपर्क करें ।

         ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस के बारे में
    ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस 10 करोड अमेरिकी डालर का एक पंचवर्षीय कार्यक्रम है जो वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य में नवीनता को बढावा देता है । यह ग्लोबल हेल्थ कार्यक्रम में ग्रांड चैलेंजेज का एक हिस्सा है जिसे गेट्स फाउंडेशन द्वारा सहायता प्रदान की जाती है ताकि वैश्विक स्वास्थ्य में बडी उपलब्धियां हासिल की जा सकें ।
      ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस के अगले द©र के लिए आवेदन 28 मई 2009 से स्वीकार किए जाएंगे । अनुदान के आवेदन निर्देशों में उन विषय क्षेत्र्ाों की सूची शामिल की गई है जिनके प्रस्ताव फिलहाल स्वीकार किए गए हैं अ©र जो ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस की वेबसाइट पर उपलब्ध है ।
     बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन
प्रत्येक जीवन का समान मूल्य है, इस मान्यता से संचालित बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन सभी लोगों के बेहतरीन स्वास्थ्य अ©र उत्पादनशील जीवन में मदद के लिए काम करती है । विकासशील देशों में यह लोगों के स्वास्थ्य में सुधार पर केंद्रित रहती है अ©र उन देशों को अपनी जनता को भुखमरी अ©र अत्यधिक गरीबी से निजात दिलाने का अवसर प्रदान करती है । अमेरिका में यह संस्था सभी लोगों खासकर न्यूनतम संसाधनों पर आश्रित रहने वाले लोगों को स्कूल अ©र जीवन में सफलता के लिए आवश्यक अवसर हासिल कराना सुनिश्चित करती है ।

        सिएटल, वाशिंगटन स्थित यह संस्था मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ रेकीज अ©र इसके सह अध्यक्ष विलियम एच. गेट्स सीनियर द्वारा बिल एंड मेलिंडा गेट्स तथा वारेन बफेट के निर्देशन के तहत संचालित होती है । विशेष जानकारी डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट गेट्सफाउंडेशन डाट ओआरजी पर प्राप्त करें ।
     हाई रिजोल्यूशन वाली स्थिर तस्वीरों अ©र फाउंडेशन के कार्यों के बारे में जानकारी के लिए कृपया देखें:
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट गेट्सफाउंडेशन डाट ओआरजी, प्रेस-रूम, पेजेज, न्यूज-मार्केट डाट एएसपीएक्स
स्रोत: बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन
संपर्क: बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन,
1 206 709 3400,
मीडिया एट गेट्सफाउंडेशन डाट ओआरजी
पीआरन्यूजवायर- एशियानेट: रंजन