क्यूएस डाट काम एशियाई विश्वविद्यालय रैंकिंग ने आश्चर्यजनक परिणाम प्रदर्शित किया

 लंदन, 12 मई। पीआर न्यूजवायर – एशियानेट।
 श्रेष्ठ एशियाई विश्वविद्यालयों का आंकलन क्यूएस क्यैक्वारेली साइमंडस लिमिटेड के पहले क्षेत्र्ाीय रैंकिंग में किया गया। यह टाइम्स उच्च शिक्षा क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग का समन्वयक है।
 पांच देशों ने क्यूएस . काम एशियाई विश्वविद्यालय रैंकिंग के पहले दस स्थानों पर प्रभुत्व का प्रदर्शन किया।
 
 रैंक संस्थान     देश
    1.         यूनिवर्सिटी आफ हांगकांग                हांगकांग
    2.         द चाइनिज यूनिवर्सिटी आफ हांगकांग          हांगकांग
    3.         यूनिवर्सिटी आफ तोक्यो                  जापान
    4.      हांगकांग यूनिवर्सिटी आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी      हांगकांग
    5.      क्योटो यूनिवर्सिटी                      जापान
   6.      ओसाका  यूनिवर्सिटी                    जापान
   7.      केएआईएसटी –
        कोरिया एडवांस इंस्टीच्यूट आफ साइंस एंड टेक्नोलाजी   दक्षिण कोरिया
  8.      सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी                  दक्षिण कोरिया
  9.      तोक्यो इंसटीच्यूट आफ टेक्नोलाजी               जापान
  10.-      नेशनल यूनिवर्सिटी आफ सिंगापुर:एनयूएसः        सिंगापुर
  10.-      पेकिंग यूनिवर्सिटी                       चीन
                  बाकी बचे छह देशों में स्थित श्रेष्ठ एशियाई     विश्वविद्यालय क्यूएस .काम एशियन यूनिवर्सिटी रैंकिंग में निम्नलिखित क्रम में आए।-
 रैंक          संस्थान                        देश
 22.         नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी                ताइवान
 30.-        इंडियन इंस्टीच्यूट आफ टेक्नोलाजी बाम्बे         भारत
 30.-        माहिडोल यूनिवर्सिटी                    थाईलैंड
 39.          यूनिवर्सिटी मलाया                     मलेशिया
 50.          यूनिवर्सिटी आफ इंडोनेशिया                इंडोनेशिया
 63.-         यूनिवर्सिटी आफ द फिलिपिन्स              फिलिपिन्स
            
             क्यूएस के प्रबंध निदेशक नुंजियो ने स्पष्ट किया कि ‘‘क्यूएस .  काम एशियाई विश्वविद्यालय रैंकिंग के परिणाम उत्कृष्टता के क्षेत्र्ाीय स्तर पर प्रासंगिक मानकों के आधार पर होता है।
              इसमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को न सिर्फ गुणवत्त के आधार पर जांचा जाता है, बल्कि समान क्षेत्र्ाीय संस्थानों की तुलना में शोधकार्यों की उच्च उत्पादनशीलता के आधार पर भी रैंकों का निर्धारण किया जाता है।’’
              क्यूएस में शोधकर्यों के प्रमुख बेन सोवटर ने कहा कि ‘‘ इन क्षेत्र्ाीय रैंकिंगों में सुविधा यह होता है कि हम कुछ अतिरिक्त कारकों को सम्मिलित करके क्षेत्र्ाीय स्तर पर हुए कायों के आधार पर वैश्विक स्तर पर तुलनात्मक परिदृश्य का बेहतरीन सृजन कर सकते हैं।
           उदाहरणस्वरुप, जिन देशों में पहली भाषा अंग्रेजी के अलावा कोई अन्य भाषा प्रयुक्त होती है, वे अंतराष्ट्रीयकरण के लिए छात्र्ाों के आदान-प्रदान को प्रमुख उपादान के रूप में प्रयोग करते हैं। जो क्यूएस एशियाई विश्वविद्यालय रैंकिंग में प्रतिबिंम्बित होता है।
            इन समायोजनों का अप्रत्याशित प्रभाव हांगकांग, जापान अ©र सिंगापुर में संस्थानों के अपेक्षित स्थान के बारे में परिणामों पर होता है। लेकिन दक्षिण कोरिया के संस्थानों के शक्तिशाली प्रदर्शन विश्व रैंकिंग के विपरीत दिखते हैं। इनसे संकेत मिलता है कि क्षेत्र्ाीस स्तर पर ज्ञात शक्ति का विश्व स्तर पर जानकारी नहीं हैं’’
            पूरे परिणामों अ©र  क्यूएस विश्व विश्वविद्यालय रैंकिंग अ©र क्यूएस . काम एशियाई विश्वविद्यालय रैंकिंग में प्रमुख पध्दतिगत फर्क को जानने के लिए इस वेबसाइट को देखेंः-
            एचटीटीपी: डबलूडब्लूडब्लू . टापयूनिवर्सिटीज . काम
            मीडिया पूछताछः-
            साइमन बिज्जोजेरो
            क्यूएस हेड आफ मीडिया रिलेशंस
            44:0ः 20 – 7284 – 7248
            साइमन:एैट क्यूएसनेटवर्क . काम
            स्रोतः क्यूएस
एशियानेट: अमरनाथ