ओस्टियोआर्थराइटिस के शोध क्षेत्र्ा में एक महत्वपूर्ण कदम: बायोएक्टिव कोलाजेन पेप्टाइड्स ने कार्टिलेज टिश्यूू के पुनः उत्पादन की उम्मीद जगाई

मांट्रियल एवं किएल, 14 सितंबर, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
 किएल यूनिवर्सिटी के साथ आपसी सहयोग करते हुए किएल स्थित कोलाजेन रिसर्च इंस्टीट्यूट: सीआरआई: के शोधकर्ताओं ने कोशिकाओं के प्रयोग के संदर्भ में विशेष बायोएक्टिव कोलाजेन पेप्टाइड्स: फोर्टिजेल:आरः: का बढता प्रभाव प्रदर्शित किया है । पिछले सप्ताहांत सीआरआई ने मांट्रियल में ओस्टियोआर्थराइटिस रिसर्च सोसायटी इंटरनेशनल: ओएआरएसआई: के सम्मेलन में अपने शोध निष्कर्ष पेश किए हैं । सीआरआई की जांच से हार्वर्ड मेडिकल स्कूल तथा टफ्ट्स मेडिकल सेंटर द्वारा किए गए साझ्ाा क्लिनिकल परीक्षण के निष्कर्ष के लिए एक विवरण पेश किया गया है – जैसा कि सम्मेलन में पेश किया गया । विशेष इमेजिंग: एमआरआई: तकनीकों के सहयोग से इस क्लिनिकल परीक्षण ने दर्शाया है कि फोर्टिजेल:आरः से घुटने के जोड पर म©जूद कार्टिलेज में सेल मेटाबोलिज्म सक्रिय हुआ है ।

 यह कार्टिलेज टिश्यू के फिर से उत्पादन को बढावा देता है ।
 किएल यूनिवर्सिटी के साथ आपसी सहयोग के द©रान सीआरआई के शोधकर्ताओं ने फोर्टिजेल:आरः के गतिशील प्रभाव को प्रदर्शित करने के संदर्भ में सीधे त©र पर मोलेकुलर-बायोलाजी तथा प्रोटीन-केमेस्ट्री विश्लेषण पद्धतियों को क्रियान्वित किया है । जेलिटा एजी द्वारा विकसित इस उत्पाद में अत्यधिक शुद्धता वाले बायोएक्टिव कोलाजेन पेप्टाइड्स का विशेष मिश्रण म©जूद रहता है । सीआरआई के निदेशक डा. स्टीफन ओएसर ने कहा, ‘‘अपनी जांच के द©रान हमने प्रदर्शित किया है कि टाइप टू कोलाजेन के संश्लेषण के साथ साथ फोर्टिजेल:आरः एक विशेष प्रोटियोग्लिकैन एग्रेकैन के उत्पादन को बढाने में सहयोग किया है जो कार्टिलेज क्रिया के लिए अहम महत्व वाला माना जाता है ।’’ यह सिद्ध प्रमाण पेश करता है कि बायोएक्टिव कोलाजेन पेप्टाइड्स का अनुप्रयोग एक्स्ट्रासेलुलर कार्टिलेजन मैट्रिक्स के नवीनीकृत संश्लेषण को बढावा देता है ।
 कोशिका का प्रयोग हार्वर्ड-टफ्ट्स के क्लिनिकल अध्ययन की पुष्टि करता है
सीआरआई का कोशिका आधारित प्रयोग हार्वर्ड मेडिकल स्कूल तथा टफ्ट्स मेडिकल सेंटर द्वारा किए गए क्लिनिकल परीक्षण के निष्कर्षों की पुष्टि करता है ।

 सीआरआई ने सेल्युलर स्तर पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है कि फोर्टिजेल:आरः को प्रोटियोग्लिकैन में वृद्धि के लिए इस्तेमाल किया जाता है । इससे पहले हार्वर्ड-टफ्ट्स के क्लिनिकल परीक्षण ने इमेजिंग तकनीक के एक विकल्प का इस्तेमाल करते हुए घुटनों के जोडों के कार्टिलेज पर फोर्टिजेल:आरः के पुनः उत्पादन प्रभाव को साबित किया था । ये दोनों जांच एक-दूसरे की पूरक हैं ।
 दोहरे स्तर वाले, प्लेसबो-नियंत्र्ाित हार्वर्ड-टफ्ट्स परीक्षण में घुटनों के ओस्टियोआर्थराइटिस से पीडित 30 मरीजों के इलाज के लिए शामिल किया गया अ©र इसमें फोर्टिजेल:आरः ग्रुप में कार्टिलेज टिश्यू के एक महत्वपूर्ण पुनःउत्पादन का खुलासा हुआ । प्लेसबो ग्रुप कार्टिलेज में डिजेनरेशन पहले ही विकसित हो जाता है ।
     कार्टिलेज टिश्यू में ढांचागत बदलाव का विश्लेषण करने के लिए हार्वर्ड-टफ्ट्स के शोधकर्ताओं ने एक विशेष इमेजिंग तकनीक:डीजेमरिकः स्थापित की है । मरीजों के घुटनों के जोडों में विशेष डाय के इंजेक्शन के बाद कार्टिलेज में उच्च स्तर की सटीकता के साथ प्रोटियोग्लिकैन का घनत्व आंकना संभव हो जाता है । इस क्लिनिकल परीक्षण के नतीजे फोर्टिजेल:आरः के अनुप्रयोग के बाद प्रोटियोग्लिकैन में एक महत्वपूर्ण वृद्धि के संकेत देते हैं ।

         यह सीआरआई के प्रायोगिक निष्कर्षों के लिए क्लिनिकल सुनिश्चितता बताता है ।
 ओस्टियोआर्थराइटिस का इलाज
      डा. ओएसर ने जोर देकर कहा, ‘कार्टिलेज मेटाबोलिज्म का लक्षित व्यवस्थापन ओस्टियोआर्थराइटिस के उपचार तथा बचाव के लिए नई संभावनाएं पैदा करता है ।’’ एनलजेसिक तथा एंटीरूमेटिक दवाओं, जो बमुश्किल लक्षणों तथा प्रभावों को कम कर पाती हैं, के विपरीत फोर्टिजेल:आरः अब एलिमेंटरी तथा आपात उपचार की संभावना की पेशकश करती है ।
        वैश्विक स्तर पर तकरीबन 13.50 करोड लोग ओस्टियोआर्थराइटिस से पीडित हैं । विशेषज्ञों ने इससे पीडित रोगियों की संख्या में अ©र तेजी से वृद्धि की आशंका जताई है – ये सभी अ©द्योगिकीकृत देशों के मरीज होंगे । स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों में सर्वाधिक खर्च आने के कारण आर्थराइटिस रोगों का बचाव शीर्ष प्राथमिकता पर रखा गया है ।
      किएल-जर्मनी स्थित कोलाजेन रिसर्च इंस्टीट्यूट: सीआरआई: की स्थापना वर्ष 2003 में एक स्वतंत्र्ा शोध संगठन के त©र पर किया गया था । इस संस्थान की गतिविधियों का केंद्र टिश्यू से संपर्क जोडने में डिजेनरेटिव बदलाव पर अ©र ओस्टियोआर्थराइटिस, ओस्टियोपोरोसिस एवं जख्म भरने के क्षेत्र्ा में पूरक तथा वैकल्पिक उपचार पद्धतियों के विकास पर केंद्रित है ।

         अपनी स्थापना के बाद से ही सीआरआई आर्टिकुलर कार्टिलेज के एक्स्ट्रासेलुलर मैट्रिक्स पर कोलाजेन पेप्टाइड्स के प्रभाव की जांच करने को लेकर विशेष ध्यान देने के लिए समर्पित रही है ।
कोलाजेन रिसर्च इंस्टीट्यूट
डा. स्टीफन ओएसर
टेलीफोन 49:0ः 431 56 06 610
फैैक्स 49:0ः 431 56 06 613
स्टीफन डाट ओएसर एट सीआरआई-मेल डाट ओआरजी
स्रोत: कोलाजेन रिसर्च इंस्टीट्यूट
पीआरन्यूजवायर- एशियानेट: रंजन