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ग्लोबल कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज इंस्टीच्यूट ने विविध परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया। : प्रेस विज्ञप्ति

ग्लोबल कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज इंस्टीच्यूट ने विविध परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया।

 
 
07/11/2009 5:13:44:397PM
 
कैनबेरा, 4 नवंबर। मीडियानेट इंटरनेशनलएशियानेट।
वैश्विक सीसीएस संस्थान की दूसरी केद्रीय रिपोर्ट के अनुसार, विश्व को कार्बन पकडने और भंडारण करने :सीसीएस: की परियोजनाओं के वाणिज्यिक स्तर पर विकास को विभिन्न उद्योगों, भौगोलिक क्षेत्रों और तकनीकों को समेटते हुए व्यापक बनाने की आवश्यकता है ताकि इनके संस्थापन की गति को तेज किया जा सकेगा। इस रिपोर्ट को आज जारी किया गया।
रिपोर्ट को वैश्विक सीसीएस संस्थान ने परियोजनाओं कीवैधानिक पोर्टफोलियो’ की विशेषताओं को चिन्हित करने के लिए तैयार कराया गया है जिनमें 2020 तक बडे पैमाने पर सीसीएस संस्थापनों को संभव बनाने में उल्लेखनीय योगदान करने की सक्षमताएं विद्यमान हों।
सीसीएस जानकारियों को बढाने के अभियान के अंतर्गत तकनीकों में आम लोगों के विश्वास को कायम करने और उनकी लागत को घटाने के मकसद से वैश्विक सीसीएस संस्थान इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर सहायता देने के लिए एक आदर्श पोर्टफोलियो का इस्तेमाल अपने एक औजार के रूप में करेगी। वैश्विक सीसीएस संस्थान के वाषिर्क वजट 10 करोड अस्ट्रेलियाई डालर का बहुत बडा हिस्सा बडे पैमाने पर सीसीएस परियोजनाओं को आगे बढाने के लिए आवंटित की जाएगी।
इस रिपोर्ट को वैश्विक विशेषज्ञों के परामर्श और विस्तृत विश्लेषण के आधार पर एल..के. कंसल्िंटग ने तैयार किया है। इसमें विविधतापूर्ण, पर अंतरसंबंधित 26 परियोजनाओं के विविरण विस्तर से हांेगे, इन प्राथमिकता प्राप्त परियोजनाओं से यह सुनिश्चित हो सकेगा कि सीसीएस के सामने आई विभिन्न चुनौतियों का सामना आज कहीं बेहतर ढंग से किया जा सकता है।
आदर्श पोर्टफोलियों के निर्माण ने सर्वाधिक विशाल सीओ 2 उत्सर्जन क्षेत्रों के महत्व को स्वीकृत हुआ है।
उसने लौह इस्पात तथा सिमेंट उद्योगों को चिन्हित करके उनके लिए छह परियोजनाएं आवंटित की है। वे ऐसे क्षेत्र हैं जिनकी तकनीकी प्रगति और योगदान को कम करके आंका जाता रहा है।
वैश्विक सीसीएस संस्थान के सीईओ निक ओटर ने कहा कि ‘‘ लौह इस्पात तथा सिमेंट उद्योगों को विश्व के कूल सीआ– 2 उत्सर्जन के 20 प्रतिशत के लिए जिम्मेवार माना जाता है। सीसीएस को अगर विश्व की आवश्यकता के अनुसार उत्सर्जन में गहरी कटौती करने में अपना योगदान करना है तो इन उद्योगों को निश्चित रूप से उस समाधान का हिस्सा बनना होगा।’’ रिपोर्ट स्वीकार करता है कि कुछ औद्योगिक क्षेत्र जिसमें गैस निष्कषर्ण और प्रसंस्करण प्रक्षेत्र भी शामिल है, वैश्विक उत्सर्जन में मामूली हिस्सेदारी करने के बावजूद सीओ-2 पृथक्कीकरण के उपाय पहले से कर रहे हैं। इन उद्योगों से सीसीएस विकास के लिए आरंभिक सहयोग प्राप्त किया जा सकता है और वे आदर्श पोर्टफोलियो को प्राथमिकता प्रदान कर सकते हैं क्योंकि उनके पास संस्थापवन को तीव्र गति प्रदान करने की योग्यता है।
इसकी सिफारिश की जाती है कि आदर्श पोर्टफोलियों के अंतर्गत आने वाली अधिकतर परियोजनाएं उत्तर अमेरीका, यूरोप और चीन में स्थित हैं। इसका कारण प्रारंभिक रूप से वैश्विक उत्सर्जन में उनकी हिस्सेदारी है।
आस्ट्रेलिया और जापान को भी प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रों में वर्गीकृत किया गया है, जिसमें लगभग 15 प्रतिशत परियोजनाएं आवंटित की गई हैं। इसका कारण उनकी नीतियों और वैधानिक माहौल का सकारात्मक होना है।
निक ओटर ने कहा कि ‘‘सीसीएस का संस्थापन दरअसल तकनीकों का संस्थापन है। अगर हम तेज गति से संस्थापन चाहते हैं तो हमे निश्चित रूप से तकनीकी पांत को तैयार करना होगा और उन वैधानिक सुविधाओं का फायदा उठाना होगा जो उन देशों में मौजूद हों। जिनको अग्रीम पहरेदार के रूप में खडा किया जा सके।’’ यह रिपोर्ट वैश्विक सीसीएस संस्थान को उन परियोजनाओं की रूपरेखा के बारे में सलाह भी प्रदान करती है जिनको सहायता प्रदान की जानी चाहिए और सहायता प्रदान करने के तौरतरीकों के बारे में भी सलाह देता है।
समूची रिपोर्ट ‘‘ एन आइडियल पोर्टफोलियो आफ सीसीएस प्रोजेक्ट्स एंड रेशनल फार सपोर्टिंग प्रोजेक्ट्स’’ को निम्नलिखित वेबसाइट पर प्राप्त किया जा सकता है।डब्लूडब्लूडब्लू . ग्लोबलसीसीएसइंस्टीच्यूट . काम संपादकों के लिए टिप्पणी:- ग्लोबल सीसीएस संस्थान के बारे में:- –वैश्विक सीसीएस संस्थान समूचे विश्व में सीसीएस प्रकल्पों के वाणिज्यिक स्तर पर बडे पैमाने पर संस्थापन के लिए एक पहलकदमी है जिसमें सीओ-2 को पकडने, स्थानांतरित करने और धरती के भीतर काफी गहराई में प्रविष्ट कराने की प्रक्रिया शामिल हैं ताकि उनका सुरक्षित और दीर्घमीयादी भंडारण संभव किया जा सके।
वैश्विक सीसीएस संस्थान को अप्रत्याशित अंतराष्ट्रीय समर्थन प्राप्त है जिनमें कम से कम 20 राष्ट्रीय सरकारें और 130 से अधिक अग्रणी कारपोरेशनों, गैरसरकारी संगठनों और शोध संस्थानों का समर्थन शामिल हैं। जिन्होंने इसके सदस्य के रूप में या साझीदारी करने वाले हिस्सेदार के रूप में हस्ताक्षर किए हैं।
वैश्विक सीसीएस संस्थान की पहली रिपोर्ट -‘स्ट्रैटिजिक एनालिसिस आफ ग्लोबल स्अेटस आफ कार्बन कैप्चर एंड स्टोरेज :28 अक्टूबर 2009 को जारी: को वार्लेपार्सन्स की नेतृत्व वाली समिति ने तैयार किया था। समिति का गठन विश्व के वर्तमान सीसीएस परियोजनाओं के कार्यकलापों की समीक्षा और विष्लेषण करने के लिए किया गया था।
अतिरिक्त जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:- चंद्रन विज्ञनेश्वरन संचार मीडिया वैश्विक सीसीएस संस्थान

पी:- 61 :0: 2 6175 5331 एम:- 61 :0: 414 762 390 :- चंद्रन . विज्ञनेश्वरन :एैट: ग्लोबलसीसीएसइंस्टीच्यूट . काम