रूमेटोइड अर्थराइटिस के मरीज क्रिसमस के मौके पर दर्द से मुक्ति पाना चाहते हैं ब्रुसेल्स, 14 दिसंबर, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।

सात बड़े औद्योगिक देशों में रूमेटोइड अर्थराइटिस से पीड़ित महिलाओं की जीवनशैली का अध्ययन करते हुए यूसीबी द्वारा किए गए सर्वेक्षण के नतीजेरूमेटोइड अर्थराइटिस से पीड़ित हर तीसरी महिला का कहना है कि उनकी इस बीमारी की वजह से त्योहार के इस मौसम में उनका आनंद प्रभावित होता है
रूमेटोइड अर्थराइटिस से पीड़ित महिलाएं उपहारों के लिए शापिंग, होलीडे के व्यंजन तैयार करने, कार्ड लिखने और उपहारों की पैकिंग करने में खासी दिक्कत महसूस करती हैं
रूमेटोइड अर्थराइटिस से पीड़ित तकरीबन दो तिहाई महिलाओं को रोजाना दर्द का अहसास होता है
एक वैश्विक सर्वेक्षण से जाहिर हुआ है कि रूमेटोइड अर्थराइटिस : आरए : के कारण इस रोग से पीड़ित लोगों और उनके परिवार वालों पर गंभीर भावनात्मक और शारीरिक प्रभाव पड़ता है
आरए के कारण ऐस लोग अपने करीबियों से अलगथलग और कटा हुआ महसूस करते हैं और खासकर क्रिसमस के दौरान लुत्फ उठाने से वंचित रह जाते हैं जो वर्ष का सबसे खुशनुमा दौर रहता है वैश्विक स्तर पर सात देशों में आरए से पीड़ित 1,958 महिलाओं पर किए गए सर्वेक्षण के निष्कर्ष बताते हैं कि आरए से पीड़ित 35 प्रतिशत महिलाएं त्योहारों के मौसम के दौरान अपने पारिवारिक आनंद के कार्यक्रमों को उनका यह रोग प्रभावित करता है
बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी यूसीबी द्वारा प्रायोजित इस सर्वेक्षण के मुख्य अंशों में दिखाया गया है कि आरए से पीड़ित 23 प्रतिशत महिलाएं इस रोग के हमेशा कष्टप्रद मानती हैं, अपनी खराब स्थितियों के कारण वे पार्टी या किसी समारोह में कठिनाई महसूस करती हैं या वहां से हटने को बाध्य हो जाती हैं आरए से आंशिक या गंभीर रूप से पीड़ित 44 प्रतिशत महिलाओं ने बताया कि वे क्रिसमस जैसे पारिवारिक समारोहों में लुत्फ नहीं उठा पाती हैं और इस तरह इनसे वंचित रहने की वे आदी हो चुकी हैं यहां तक कि युवा महिलाएं : 25- 35 वर्ष के उम्र की : भी आरए से पीड़ित रहने के कारण पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने से वंचित रह जाती हैं
आरए से पीड़ित एक तिहाई महिलाओं के व्यक्तिगत संबंध भी इस रोग के कारण प्रभावित हुए हैं और ऐसे मरीजों का मानना है कि उनकी मौजूदा स्थिति के कारण ही उनके घनिष्ठ संबंध बदतर रूप से प्रभावित हुए हैं जबकि आधी से ज्यादा पीड़ित महिलाएं मानती हैं कि उनके दर्द को उनके मित्र या परिजन नहीं समझ पाते हैं
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल आफ मेडिसिन में इम्युनोलाजीरूमेटोलाजी विभाग के एडजंक्ट क्लिनिकल प्रोफेसर डा. विबेकी स्ट्रैंड ने कहा, ‘‘छुट्टियों का दौर एक ऐसा अवसर होता है जिसमें लोग परिवार और मित्रों के साथ उत्कृष्ट स्तर का लुत्फ उठाने का वक्त बिताते हैं और व्यस्त कार्यक्रमों, सामाजिक एकजुटता के कारण उनके लिए यह मुश्किलों से जूझने का वक्त नहीं रहता है और अत्यधिक सक्रियता की वजह से वे दर्द का भी अहसास नहीं करते हैं हालांकि आरए से पीड़ित ज्यादातर महिलाओं के लिए अलगथलग रहने और इस दर्द का अहसास एक जैसा ही है अक्सर अकिधतर महिलाएं अपने दर्द की पराकाष्ठा को छिपाने में ही बेहतरी समझती हैं और त्योहार के इन अवसरों का जश्न फीका होने पाए इसलिए अपने दर्द के बारे में परिवार वालों तथा मित्रों को बताना नहीं चाहतीं
इस वजह से ही उनमें भीड़ से अलगथलग पड़ जाने की भावना भी पनपती है ।’’ रोजाना का दर्द एक समस्या है – 63 प्रतिशत पीड़ितों ने दर्द के साथ ही जीने की बात स्वीकारी हैयह दर्द क्रिसमस के दौरान किए गए जरूरी साधारण कार्यों में तत्परता दिखाने से भी और बढ़ सकता है जिसे सर्वेक्षण द्वारा दिखाया गया है कि सामान्य या गंभीर आरए से पीड़ित 28 प्रतिशत लोगों ने हमेशा इस तरह के दर्द को महसूस किया है, इस दौरान ज्यादा कठिनाई महसूस की है या पूरी तरह से कार्ड लिखना बंद करने पर मजबूर होना पड़ा है
उपहारों के लिए खरीदारी, भोजन तैयार करना, कार्ड लिखना तथा उपहारों की पैकिंग करना त्योहारों के चार प्रमुख कार्य हैं जिन्हें करने में आरए से पीड़ित महिलाएं ज्यादा कठिनाई महसूस करती हैं इन महिलाओं में 28 प्रतिशत पीड़ित महिलाओं ने दर्द और कष्ट का अनुभव किया है जब वे उपहारों की खरीदारी करती हैं, या सभी काम रोक देती हैं और एक चौथाई से ज्यादा महिलाओं ने बताया है कि उनके लिए त्योहारी भोजन तैयार करना काफी कष्टप्रद होता है
यूनिवर्सिटी आफ लीड्स में रूमेटोलाजी के प्रोफेसर पाल एमेरी ने कहा, ‘‘आरए से पीड़ित तकरीबन दो तिहाई महिलाएं रोजाना इस तरह के दर्द से रूबरू होती हैं जो क्रिसमस जैसे वर्ष के व्यस्ततम मौकों पर और ज्यादा बढ़ सकता है और इसका त्योहारी मौसम का जश्न मनाने के लिए मरीजों पर गंभीर असर पड़ सकता है सर्वेक्षण में शुमार किए गए लगभग आधे मरीज अपने दर्द निवारक विकल्पों के बारे में अपने फिजिशियनों की सलाह नहीं ले रहे हैं जबकि दर्द की इस पराकाष्ठा पर नियंत्रण पाने के लिए यह बेहद जरूरी होता है, खासकर क्रिसमस के दौरान जब दर्द एक गंभीर समस्या बन सकता है इससे यह सुनिश्चित होगा कि ज्यादातर मरीज दर्द मुक्त एकअच्छा दिन’ का लुत्फ उठा सकते हैं और आखिरकार वे अपने जीवन की गुणवत्ता में सुधार ला सकते हैं ।’’ सर्वेक्षण के इन निष्कषरें के परिप्रेक्ष्य में यूसीबी ने कुछ सुझावों के साथ ‘‘12 टिप्स आफ क्रिसमिस’’ तैयार किया है कि छुट्टियों के मौसम के व्यस्ततम दौर का कैसे प्रबंधन किया जाए और इसका कैसे लुत्फ उठाया जाए
विशेष जानकारी और ‘‘12 टिप्स आफ क्रिसमस’’ के बारे में पूर्ण दिशानिर्देश पाने के लिए कृपया 12टिप्स एट एफलिशमैन डाट काम पर ईमेल करें जिससे नजदीक आते क्रिसमस का स्वागत करने और लुत्फ उठाने की विस्तृत जानकारी दी जाएगी
गुड डेज’ सर्वे के बारे मेंगुड डेज’ सर्वे अगस्त 2009 में शुरू किया गया था और यह सात बड़े औद्योगिक देशों : कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, ब्रिटेन तथा अमेरिका में रूमेटोइड अर्थराइटिस से पीड़ित महिलाओं की जीवनशैली की जानकारी के लिए चलाए गए वैश्विक कार्यक्रम का हिस्सा है सर्वे के उद्देश्यों को आरए से पीड़ित महिलाओं के दैनिक जीवन पर इस रोग के भौतिक तथा भावनात्मक प्रभाव की पहचान के तहत शामिल किया गया है इसी सर्वे का एक हिस्सा यह भी है कि त्योहारी मौसम के दौरान आरए से पीड़ित लोग इस रोग से कैसे प्रभावित होते हैं, इसकी जांच की जाए
आनलाइन के जरिये आर से पीड़ित 25 से 65 वर्ष उम्र की तकरीबन 2,000 महिलाओं का साक्षात्कार छह महीने या ज्यादा समय तक यह जानने के लिए किया गया कि उनके जीवन पर इस रोग का क्या प्रभाव पड़ता है
रूमेटोइड अर्थराइटिस के बारे में ऐसा अनुमान लगाया गया है कि वैश्विक स्तर पर तकरीबन 50 लाख लोग आरए से पीड़ित हैं हालांकि इसकी मौजूदगी लिंग के आधार पर नहीं फैली है लेकिन पुरुषों की तुलना में तीन गुनी ज्यादा महिलाएं इस रोग से पीड़ित हैं हालांकि आरए से सभी उम्र के लोग प्रभावित हो सकते हैं लेकिन माना जाता है कि यह रोग आम तौर पर 35 से 55 वर्ष की उम्र के लोगों को ही शिकार बनाता है
आरए के लक्षण अक्सर लोगों को कहीं आनेजाने से रोक देते हैं और इससे जोड़ तथा हड्डियां स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और विकृत हो जाती हैं आरए से पीड़ित मरीजों में हृदय रोग, आघात, अवसाद, संक्रमण, फेफड़े की समस्या और ओस्टियोपोरोसिस जैसी अन्य समस्याएं पनपने का अत्यधिक खतरा रहता है
यूसीबी के बारे में यूसीबी, ब्रुसेल्स, बेल्जियम : एचटीटीपी : डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट यूसीबी डाट काम : एक बायोफार्मास्यूटिकल कंपनी है जो मुख्य नाड़ी तंत्र तथा रोग प्रतिरोधन संबंधी डिसआर्डर के क्षेत्रों पर केंद्रित रहते हुए नवोन्मेष दवाओं पर शोध, विकास और व्यावसायीकरण के लिए समर्पित है
यूसीबी ने 40 देशों में कार्यरत अपने तकरीबन 10,000 कर्मचारियों की मदद से वर्ष 2008 में 3.6 अरब ईयूआर राजस्व अर्जित किया है यूसीबी को यूरोनेक्स्ट ब्रुसेल्स : संकेत, यूसीबी : पर सूचीबद्ध किया गया है
स्रोत : यूसीबी पीआरन्यूजवायरएशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर23 12141522 दि