सीजीएपी-डीएफआईडी रिपोर्ट ने पाया कि गरीबों के लिए वित्तीय सेवाओं को आरंभ करने में सरकारी भुगतानों से सहायता मिल सकती है ।

 
 
03/02/2010 5:52:54:637PM
 
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वाशिंगटन, 3 फरवरी पीआर न्यूजवायरएशियानेट
विश्वस्तर पर 17 करोड से अधिक लोगों अपनी सरकारों से नियमित भुगतान प्राप्त होता है , लेकिन इन भुगतानों का वित्तीय समावेश में उपयोग करने के संभावना का मोटे तौर पर व्यवहार नहीं किया जा पाता यह जानकारी विश्व बैंक में स्थित माइक्रोफिनांस समूह सीजीएपी और यूनाइटेड किंगडम के अंतराष्ट्रीय विकास विभाग : डीएफआईडी : की एक नई रिपोर्ट ‘‘ जी2पी भुगतान के माध्यम से गरीबों की बैंकिंग ’’ में दी गई है
सरकारी भुगतानों के प्राप्तकर्ताओं को बचत खाता और इलेक्ट्रोनिक नगदी भुगतान जैसी वित्तीय सेवाएं प्रदान करना ब्राजील , भारत , मैक्सिको और दक्षिण अफ्रीका में प्रमुख कार्यक्रम हैं।
मगर रिपोर्ट ने पाया है कि विश्वस्तर पर व्यक्तियों को होने वाले सरकारी भुगतानों :जी2पी: का एक चौथाई से भी कम गरीबों के हक में वित्तीय समावेश खाता में जा पाता है उदाहरणस्वरुप, जैसे कि किसी प्राप्तकर्ता को कोष का भंडारण करने का समाथ्र्य प्राप्त होना, वित्तीय व्यवस्था के अंतर्गत अन्य व्यक्तियों से भुगतान प्राप्त करने और सौपने का अधिकार मिलना और लागत तथा दूरी के मामले में पहुंच के अंतर्गत होना
सीजीएपी के सीईओ एलिजाबेथ लिटलफिल्ड ने कहा कि ‘‘विकासशील विश्व के करीब 17 करोड से अधिक लोगों के पास स्कूली शिक्षा , भोजन , और यहां तक कि वेतन भी पहुंचता है इन भुगतानों को अक्सर नगदी या डेबिट कार्ड के जरिए किया जाता है जिसका इस्तेमाल केवल रकम को निकालने के लिए किया जा सकता है
भुगतान करने में किसी कार्ड या सेल फोन या गैर फ्रिल्स बैंक खाते का उपयोग करके सरकारें लोगों को उन वित्तीय सेवाओं को प्राप्त करने में समर्थ बना सकती है जो सरकारी भुगतानों के दायरे में नहीं आती ’’ उदाहरण के लिए, ब्राजिल में बैंक काइक्सा इकोनामिका सरकारी सामाजिक हस्तांतरण भुगतान प्राप्त करने वाले एक करोड 24 लाख लोगों के भुगतान प्राप्त करने के ढंग को बदल रहा है बैंक को इलेक्ट्रोनिक लाभदायक काडरें को बदलने की जिम्मवारी दी गई है जो सरलतापूर्वक गरीब लाभान्वितों को अपना भुगतान बैंक की शाखाओं में वित्तीय समावेश खाता के साथ प्राप्त करने का समाथ्र्य देती है जिसके साथ उन्हें एक विसा ब्रांड डेबिट कार्ड के माध्यम से वित्तीय सेवाओं की एक बुनियादी पांत प्राप्त होती है
इसका उपयोग 20 हजार से अधिक एटीएमों और भंडारों में किया जा सकता है जो डेबिट खरीददारी को स्वीकार करते है। और उन व्यापारियों के पास भी इनका उपयोग किया जा सकता है जो बिलों के भुगतान, जामा और निकासी के लिए एजेंट के रूप में काम करते हैं
बैंक ने 20 हजार से अधिक प्राप्तकर्ताओं के नए खाता खोले हैं और उनके लिए अनेक वित्तीय सेवाओं को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराया है और अधिक सुविधाजनक ढंग से उपलब्ध कराया है।
व्यापार और विकास के यूके मंत्री गरेथ थॉमस ने कहा कि ‘‘ आज लाखोंलाख गरीब सरकारी भुगतान को प्राप्त करने के लिए बैंक शाखा तक पहुंचने भर में काफी समय और धन व्यतीत करते हैं इन भुगतानों को इलेक्ट्रोनिक तरीके से करने से यह लोगों के लिए सिर्फ अधिक सुविधाजनक हो जाएगा बल्कि सरकार के लिए प्रशासनिक खर्च को घटाने में भी मददगार होगा और जालसाजी तथा भ्रष्टाचार के खतरे को भी कमतर करेगा ’’ रिपोर्ट बताती है कि सरकारें अनुदानों का बैंकों की एकल खिडकियों पर नगद भुगतान करने के बजाए बिक्रय बिंन्दु टर्मीनलों से लैस एजेंटों के माध्यम से पहुंचयोग्य वित्तीय समावेश खाता से इलेक्ट्रोनिक रूप से करके अपने खचरें में उल्लेखनीय बचत कर सकती है।
उदाहरण के लिए, दस लाख प्राप्तकर्ताओं को माहवार 40 डालर का भुगतान करने वाले किसी परिकल्पित सामाजिक हस्तांतरण कार्यक्रम में इलेक्ट्रोनिक भुगतान प्रणाली का उपयोग करके सरकारें पांच वषरें के दौरान एक करोड 26 लाख डालर की बचत कर सकती हैं।
रिपोर्ट बताती है कि पिछले दस वषरें में आरंभ सभी सरकारी भुगतान कार्यक्रमों के करीब आधे इलेक्ट्रोनिक भुगतान प्रणाली का उपयोग करते हैं जो वित्तीय समावेश खाताओं के लिए बुनियाद बन सकती है
हालांकि वित्तीय संस्थान अक्सर गरीब लोगों की सेवा में चलाए जाने वाले कार्यक्रमों की व्यवसायिकता को लेकर संशयग्रस्त रहते हैं , परन्तु रिपोर्ट रेखांकित करती है कि वे किफायती भुगतान प्रध्दतियों का उपयोग करके किसतरह से इस बाजार में अपनी सफलता के अवसरों को बढा सकते हैं, मानकों को शीघ्रतापूर्वक प्राप्त कर सकते हैं और गुणवत्तापूर्ण उत्पादनों को विकसित कर सकते हैं जो गरीब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके
इसका यह परिणाम हुआ है कि शाखाविहिन बैंकिंग पध्दतियांमोबाइल फोन या कार्ड आधारित समाधान जो अक्सर उन व्यापारियों के पास होते है जो नगदी का प्रबंधन करने वाले एजेंटों के रूप में कार्यरत होते हैं, भविष्य में सरकारी भुगतान उनके प्राप्तकर्ताओं को प्रदान करने में प्रमुख भूमिका निभाने की स्थिति में हैं
सीजीएपी के तकनीकी कार्यक्रम का उदेश्य लाखों को गरीब लोगों के जीवन को सुधारना है। हम यह काम तकनीकों के नवोन्मेषपरक प्रयुक्तियों के माध्यम से वित्तीय सेवाओं को विस्तार देने वित्तीय संस्थानों और दूसरों को सहायता प्रदान करके करते हैं।
इस कार्यक्रम का सहप्रायोजक बिल एंड मेलिंदा गेटस फाउंडेशन है। कार्यक्रम के मोबाइल बैंकिंग ब्लॉग को पढने के लिए देखें:- एचटीटीपी : टेक्नोलाजी डाट सीजीएपी डाट ओआरजी सीजीएपी के बारे में:- सीजीएपी एक स्वतंत्र नीति और शोधकेंन्द्र है जो विश्व के गरीबों के लिए वित्तीय पहुंच को उन्नत बनाने के प्रति समर्पित हैं। इसे 30 से अधिक विकास एजेंसियों और व्यक्तिगत फाउंडेशनों का समर्थन प्राप्त है जो गरीबी उन्मूलन के साझा उदेश्य के सहयोगी हैं।
विश्वबैंक में अवस्थित सीजीएपी बाजर की जानकारियां प्रदान करता है, मानदंडों को प्रोत्साहित करता है, नवोन्मेषपरक समाधानों को विकसित करता है।
पीआर नंबर-38173 फिनांसियल सात वाशिंगटन साथ ही सरकारों, माइक्रोफिनांस प्रदाताओं, दानदाताओं औश्र निवेशकों को परामर्शसेवाएं प्रदान करने की पेशकश करती है। अधिक जानकारी निम्नलिखित साइट पर उपलब्ध है:- एचटीटीपी : डब्लूडब्लूडब्लू डाट सीजीएपी डाट ओआरजी डीएफआईडी के बारे में:- अंतराष्ट्रीय विकास विभाग यूनाइटेड किंगडम सरकार का विभाग है जो गरीब देशों को दिए जाने वाले और बेहद गरीबी की स्थिति से छुटकारा पाने के कामों केलिए ब्रिटेन के अनुदानों का प्रबंधन करता है। अधिक जानकारी निम्नलिखित साइट पर उपलब्ध है:- एचटीटीपी : डब्लूडब्लूडब्लू डाट डीएफआईडी डाट जीओवी डाट यूके स्लैस