एसजीआई के सर्वे में जाहिर हुआ कि युवाओं ने परमाणु हथियारों को खारिज कर दिया

 
 
28/04/2010 8:17:47:433PM
 
एसजीआई के सर्वे में जाहिर हुआ कि युवाओं ने परमाणु हथियारों को खारिज कर दिया टोक्यो, 28 अप्रैल, क्योदो जेबीएनएशियानेट
जनवरी से मार्च 2010 के दौरान छह देशों में सोका गाकई इंटरनेशनल : एसजीआई : के युवा सदस्यों ने परमाणु हथियारों और आगामी एनपीटी समीक्षा सम्मेलन में इनके नष्ट करने को लेकर अपने प्रमुख नजरिये सर्वे में दिए
कुल 4,362 इंटरव्यू को शामिल करते हुए यह सर्वेक्षण जापान, कोरिया, फिलीपींस, न्यूजीलैंड, अमेरिका तथा ब्रिटेन के नाबालिगों से लेकर 30 वर्ष की आयु के युवकों पर कराया गया
उनसे पूछा गया कि परमाणु हथियारों की मौजूदगी से क्या वैश्विक शांति और स्थिरता बनाई रखी जा सकती है, इसके जवाब में परमाणु संपन्न राष्ट्रों के युवाओं सहित 59 प्रतिशत भागीदारों ने कहा नहीं
इसके अलावा 67.3 प्रतिशत युवकों ने कहा कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है जबकि 17.5 प्रतिशत युवाओं ने इसे अंतिम विकल्प के तौर पर स्वीकार्य माना जब देश का वजूद खतरे में पड़ रहा हो और 6.1 फीसदी युवकों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद या हिंसा की रोकथाम के लिए इसके इस्तेमाल का पक्ष रखा
कुल 59.1 फीसदी युवकों ने कहा कि यदि परमाणु हथियार नष्ट कर दिए जाएं तो वे ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे
किनकिन देशों के पास परमाणु हथियार हैं, इसके जवाब में 66.9 फीसदी भागीदारों ने अमेरिका, 48.7 फीसदी ने रूस, 30 फीसदी ने चीन, 19.8 फीसदी ने ब्रिटेन तथा 19.8 फीसदी ने फ्रांस का नाम लिया इनमें से चंद प्रतिभागियों को ही पता था कि भारत, पाकिस्तान और इजराइल भी परमाणु हथियार रखते हैं जबकि 40.7 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि ये हथियार उत्तरी कोरिया के पास भी हैं
परमाणु संपन्न राष्ट्रों के सिर्फ 59.2 फीसदी अमेरिकी प्रतिभागियों को ही पता था कि उनके देश के पास परमाणु हथियार हैं जबकि ब्रिटेन के 43.2 फीसदी युवाओं को अपने देश के परमाणु संपन्न होने की जानकारी थी
सर्वे के आयोजक और सोका गाकई छात्र समूह के नेता तकाहिसा मियाओ ने कहा : ‘‘तकरीबन 70 फीसदी भागीदारों ने कहा कि परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता है यह हमारे लिए उत्साहजनक जवाब है युवाओं द्वारा परमाणु हथियारों को बड़े पैमाने पर खारिज किए जाने की वकालत करना इन हथियारों को नष्ट करने की दिशा में किए गए प्रयासों के लिए अहम कदम है ।’’ जनवरी से मार्च 2010 के दौरान जापान के सोका गाकई युवा सदस्यों ने न्यूक्लियर वीपन्स कन्वेंशन की स्वीकार्यता की अपील करने वाली याचिका पर 2,276,167 लोगों के हस्ताक्षर लिए इस कन्वेंशन में परमाणु हथियारों के विकास, परीक्षण, उत्पादन, एकत्रीकरण, हस्तांतरण, इस्तेमाल तथा धमकी दिए जाने की पाबंदी है
सर्वे के पूर्ण नतीजे इस साइट पर हैं : एचटीटीपी : डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट पीपुल्सडिकेड डाट ओआरजी, अबाउट, अफोर्डस, इनडेक्स डाट एचटीएमएल सोका गाकई इंटरनेशनल एक बौद्ध संगठन है जिसके साथ 192 देशों तथा प्रांतों में 1.2 करोड़ से ज्यादा सदस्य जुड़े हुए हैं वर्ष 2007 में एसजीआई ने पीपुल्स डिकेड फार न्यूक्लियर एबालिशन शुरू किया जिसमें विविध प्रकार के शैक्षणिक टूल्स की पेशकश की जाती है देखें डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट पीपुल्सडिकेड डाट ओआरजी स्रोत : सोका गाकई इंटरनेशनल संपर्क : जोएन एंडरसन आफिस आफ पब्लिक इन्फार्मेशन सोका गाकई इंटरनेशनल टेलीफोन : 81 3 5360 9482 फैक्स : 81 3 5360 9885 यूआरएल : डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डाट एसजीआई डाट ओआरजी मेल : जेएंडरसन :एट: एसजीआई डाट जीआर डाट जेपी क्योदो जेबीएनएशियानेट : रंजन रंजन