टेरिफ्लूनोमाइड से एमएस मरीजों में रोग के दोबारा पनपने की दर में आश्चर्यजनक कमी आई और इसे अच्छी तरह बर्दाश्त किया जा सकता है

टेरिफ्लूनोमाइड से एमएस मरीजों में रोग के दोबारा पनपने की दर में आश्चर्यजनक कमी आई और इसे अच्छी तरह बर्दाश्त किया जा सकता है
 
31/08/2010 3:16:32:460PM
 
पेरिस, 30 अगस्त, पीआरन्यूजवायरएशियानेट
टेमसो के तीसरे चरण के परीक्षण से आया पहला नतीजा ईसीटीआरआईएमएस कांग्रेस में अक्तूबर 2010 के दौरान पेश किया गया
सनोफीएवेंटिस : यूरोनेक्स्ट, एसएएन तथा एनवाईएसई, एसएनवाई : ने आज घोषणा की कि रोजाना एक बार ओरल दवा टेरिफ्लूनोमाइड के सेवन की पड़ताल में दो वषरें के अंदर एनुअलाइज्ड रिलैप्स रेट : एआरआर : में आश्चर्यजनक कमी पाई गई है जबकि रिलैप्सिंग मल्टीपल स्क्लेरोसिस : आरएमएस : से पीड़ित मरीजों पर प्लेसबो का परीक्षण अपेक्षाकृत कम प्रभावी पाया गया इस प्रकार टेमसो के तीसरे चरण में प्राइमरी एंडप्वाइंट हासिल किया गया
टेरिफ्लूनोमाइड की 7 मिग्रा और 14 मिग्रा खुराक वाली दोनों दवाएं या तो ट्रीटमेंटएमर्जेंट एडवर्स इवेंट्स : टीईएई : या टीईएई की समान संख्या के मरीजों के लिए अच्छी तरह बर्दाश्त किए जाने योग्य हैं जिससे उपचार की शाखाएं बनाम प्लेसबो में उपचार की अनियमितता पाई जाती है
अन्य क्लिनिकल तथा एमआरआई संबंधी नतीजों के प्रभाव प्राथमिक नतीजे को और ज्यादा समर्थित करते हैं सुरक्षा से जुड़ा यह प्रोफाइल पूर्ववर्ती क्लिनिकल अनुभव पर आधारित है
टेमसो परीक्षण मोनोथेरापी के रूप में टेरिफ्लूनोमाइड पर परिणाम प्रदर्शित करने के लिए तीसरे चरण का एक वृहद क्लिनिकल विकास कार्यक्रम है टेमसो पर किए गए अध्ययन के निष्कर्ष स्वीडन के गुटेनबर्ग में आयोजित यूरोपियन कमेटी फार ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इन मल्टीपल स्क्लेरोसिस : ईसीटीआरआईएमएस: की 26वीं वाषिर्क बैठक के दौरान 15 अक्तूबर 2010 की सुबह 9.15 बजे सीईटी पर शुरू होने वाली प्लेटफार्म प्रस्तुति के समय पेश किए जाएंगे
टेमसो अध्ययन के नतीजे इस मौखिक प्रस्तुति से पहले तक रोककर रखे गए हैं
टेरिफ्लूनोमाइड के बारे में टेरिफ्लूनोमाइड आरएमएस के लिए एक नया ओरल रोग सुधारक है जो डी नोवो पिरामिडाइन सिंथेसिस को ब्लाक कर देता है और इस प्रकार टी तथा बी कोशिकाओं में साइटोटाक्सिटी के बगैर कमी आती है टेरिफ्लूनोमाइड पर किया गया एक समग्र क्लिनिकल विकास कार्यक्रम मोनोथेरापी में लांच किया गया है एमएस में टेरिफ्लूनोमाइड मोनोथेरापी की सुरक्षा तथा प्रभावशीलता पर किए गए दूसरे चरण के अध्ययन के नतीजे पहली बार वर्ष 2006 में न्यूरोलाजी में प्रकाशित किए गए टेमसो परीक्षण के अलावा तीसरे चरण के दो अन्य परीक्षण टावर एवं टेनेयर भी आरएमएस पर आने वाले हैं तीसरे चरण का एक अध्ययन टापिक शुरुआती एमएस या क्लिनिकली आइसोलेटेड सिंड्रोम : सीआईएस : में भी जारी हैं दूसरे चरण के दो अध्ययनों में टेरिफ्लूनोमाइड का या तो इंटरफेरान 1-बीटा या ग्लेटीरेमर एसीटेट के लिए एक एडजंक्ट थेरापी के तौर पर भी मूल्यांकन किया जा चुका है
इन अध्ययनों के नतीजे क्रमश: अमेरिकन कमेटी फार ट्रीटमेंट एंड रिसर्च इन मल्टीपल स्क्लेरोसिस मीटिंग : एसीटीआरआईएमएस : कांग्रेस तथा अमेरिकन एकेडमी आफ न्यूरोलाजी : एएएन : बैठक के दौरान इस वर्ष की शुरुआत में पेश किए जा चुके हैं इंटरफेरान 1-बीटा से जुड़े टेरिफ्लूनोमाइड : 7 मिग्रा तथा 14 मिग्रा : पर दूसरे चरण के अध्ययन से नतीजों में सुधार देखा गया और मरीजों पर आईएफएनबीटा से इलाज तथा प्लेसबो उपचार पद्धति हासिल करने वाले मरीजों की तुलना में एडजंक्ट ट्रीटमेंट कराने वाले मरीजों में एक निरंतर सुरक्षित प्रोफाइल देखा गया दूसरे चरण के अन्य अध्ययन में ग्लेटीरेमर एसीटेट : जीए : से लैस टेरिफ्लूनोमाइड को जीए तथा प्लेसबो उपचार पद्धति अपनाने वाले मरीजों की तुलना में अधिक सहनशील पाया गया हालांकि जीए से लैस प्लेसबो की अपेक्षा एडजंक्ट शाखा में टी-1 ब्रेन एमआरआई लेजियंस बढ़ाने वाले गैडोलिनियम की संख्या और मात्रा में कमी के लिए एक सांख्यिकी परंपरा अपनाई गई और इसका संबंधित प्रभाव उतना सख्त नहीं था जितना कि आईएफएनबीटा से टेरिफ्लूनोमाइड के लिए देखा गया
टेमसो अध्ययन के बारे में टेमसो एक दो वर्षीय रैंडमाइज्ड, डबलब्लाइंड, प्लेसबो नियंत्रित अध्ययन है जिसमें वैश्विक स्तर के 1088 आरएमएस मरीजों को शामिल किया गया जिनकी आयु 18 से 55 वर्ष के बीच थी और जिनका एक्पेंडेड डिसेबिलिटी स्टेटस स्केल : ईडीएसएस : 5.5 से कम या बराबर है ऐसे मरीजों में पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान कम से कम एक बार यह रोग दोबारा पनपा या पूर्ववर्ती दो वषरें में कम से कम दो बार रिलैप्स हुआ था इन मरीजों में प्लेसबो या टेरिफ्लूनोमाइड, 7 मिग्रा या 14 मिग्रा, से रोजाना एक बार रैंडमाइज्ड उपचार कराया गया प्राथमिक एंडप्वाइंट प्रति मरीज पर साल में एक बार निश्चित रूप से रिलैप्स होने की संख्या के तौर पर सालाना रिलैप्स रेट के आधार पर दर्ज किया गया प्रमुख द्वितीय एंडप्वाइंट को ईडीएसएस द्वारा अक्षमता प्रगति की अवधि के तौर पर मापा गया सुरक्षा तथा सहनशीलता का मूल्यांकन उपचार से उभरी प्रतिकूल घटनाओं, शारीरिक जांच, महत्वपूर्ण लक्षणों तथा लेबोरेटरी जांच पर आधारित है
मल्टीपल स्क्लेरोसिस के बारे में मल्टीपल स्क्लेरोसिस : एमएस : एक गंभीर, गैर अनुमानित तथा लगातार अक्षमता बढ़ाने वाला रोग है एमएस से पीड़ित मरीजों को विशेष रूप से कम उम्र में ही उपचार कराया जाता है और लगातार गिरते स्वास्थ्य के कारण उनके जीवनकाल की अनिश्चितता से उन्हें जूझते रहना पड़ता है आज पूरी दुनिया के 20 लाख से ज्यादा लोग एमएस से पीड़ित हैं एमएस केंद्रीय स्नायु प्रणाली के नर्व फाइबर्स के इर्दगिर्द लगे सुरक्षा कवच माइलिन में क्षति होने का परिणाम होता है माइलिन जब क्षमिग्रस्त हो जाता है तो इससे मस्तिष्क और शरीर के अन्य अंगों के बीच संदेश प्रसारित होने में व्यवधान पहुंचता है मल्टीपल स्क्लेरोसिस बेहद उतारचढ़ाव वाली स्थिति में मौजूद रहता है और इसके लक्षण इस बात पर निर्भर होते हैं कि केंद्रीय स्नायु तंत्र का कौनकौन से क्षेत्र प्रभावित हुए हैं एमएस को लेकर कोई निश्चित पैटर्न कायम नहीं किया जा सकता और एमएस से पीड़ित प्रत्येक रोगी में लक्षणों का अलगअलग रूप देखा जाता है
ये लक्षण समय समय पर बदलते रहते हैं और एक ही मरीज में गंभीरता तथा अवधि के आधार पर परिवर्तित हो सकते हैं एमएस पर नियंत्रण बेहद जटिल होता है, पैथोलाजिकल प्रोग्रेस में शुरुआती हस्तक्षेप का अनुमोदन देर से रोग की प्रगति पता चलने या कम से कम इसे धीमा करने के आधार पर किया जाता है एमएस के मरीजों की देखभाल के लिए एक कंप्लेक्स सपोर्ट सिस्टम की जरूरत पड़ती है जिसमें स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाएं तथा स्वास्थ्य सेवा से जुड़े विभिन्न पेशेवरों की आवश्यकता भी शामिल है हालांकि मल्टीपल स्क्लेरोसिस से निजात पाने के कोई ज्ञात उपाय उपलब्ध नहीं हैं लेकिन कई उपचार पद्धतियां इसमें मददगार साबित हुई हैं और एक स्वीकार्य लाभ या जोखिम प्रोफाइल से लैस नई ओरल उपचार पद्धतियों के लिए एक अनमेट आवश्यकता बनी हुई है
सनोफीएवेंटिस के बारे में सनोफीएवेंटिस एक अग्रणी वैश्विक फार्मास्यूटिकल कंपनी है जो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुधार के लिए थेराप्यूटिक समाधानों की खोज, इसके विकास और वितरण करती है
सनोफीएवेंटिस पेरिस : यूरोनेक्स्ट, एसएएन : तथा न्यूयार्क : एनवाईएसई, एसएनवाई : में सूचीबद्ध है
उम्मीदों पर आधारित बयान इस प्रेस विज्ञप्ति में कुछ उम्मीदों पर आधारित बयान हैं जैसा कि संशोधित रूप में वर्ष 1995 के प्राइवेट सिक्योरिटीज लिटिगेशन रिफार्म एक्ट में परिभाषित किया गया है उम्मीदों पर आधारित ये बयान कुछ ऐसे बयान हैं जिनका कोई ऐतिहासिक तथ्य नहीं है इन बयानों में अनुमान और आकलन शामिल हैं जो परिकल्पनाओं, योजनाओं, संभावनाओं, इरादों तथा भविष्य के वित्तीय नतीजों, घटनाओं, अभियानों, सेवाओं, उत्पादन विकास तथा क्षमता के भविष्य से संबंधित उम्मीदों से जुड़े बयानों के तहत रेखांकित किए गए हैं और ऐसे बयान भविष्य के प्रदर्शन से संबंधित हैं उम्मीदों पर आधारित इन बयानों को आम तौर पर ‘‘उम्मीदों’’, ‘‘आकलनों’’, ‘‘भरोसों’’, ‘‘इरादों’’, ‘‘अनुमानों’’, ‘‘योजनाओं’’ तथा इसी तरह की अभिव्यक्ति वाले शब्दों से पहचाना जा सकता है
हालांकि सनोफीएवेंटिस के प्रबंधन का मानना है कि उम्मीदों पर आधारित ऐसे बयानों में जताई गई उम्मीदें विश्वसनीय हैं लेकिन निवेशकों को आगाह किया जाता है कि उम्मीदों पर आधारित सूचना और बयान विभिन्न जोखिमों और अनिश्चितताओं से जुड़े होते हैं, इनमें से कई बयानों पर भविष्यवाणी करना मुश्किल है और आम तौर पर ये बयान सनोफीएवेंटिस के नियंत्रण से परे होते हैं, जिस वजह से उम्मीदों पर आधारित सूचनाओं तथा बयानों में व्यक्त किए गए या क्रियान्वित या अनुमानित नतीजे और मूल रूप से भिन्न गतिविधियां वास्तविक नतीजों तथा गतिविधियों से अलग हो सकती हैं इन जोखिमों तथा अनिश्चितताओं में अन्य चीजों के अलावा शोध एवं विकास से जुड़ी अनिश्चितताएं, भविष्य के क्लिनिकल डाटा और विश्लेषण शामिल हैं इसके अलावा मार्केटिंग के बाद की स्थितियां, एफडीए या ईएमए जैसे नियामक प्राधिकरणों के फैसले जैसे जोखिम और अनिश्चतताएं इनसे जुड़ी हुई हैं जो किसी दवा, उपकरण या बायोलाजिकल अनुप्रयोग की मंजूरी दिए जाने के समय तथा स्थान पर निर्भर हैं
ऐसे जोखिमों और अनिश्चितताओं को किसी ऐसे उत्पाद प्रत्याशियों द्वारा उनके लेबलिंग तथा अन्य मामलों से संबंधित फैसलों के तहत दर्ज किया जा सकता है जिससे ऐसे उत्पाद कैंडिडेट्स की उपलब्धता या व्यावसायिक क्षमता प्रभावित हो सकती है और यदि प्रोडक्ट्स कैंडिडेट्स अनुमोदित होने के बाद व्यावसायिक रूप से सफल भी हो जाते हैं तो इसमें गारंटी का अभाव होता है और भविष्य की मंजूरी तथा थेराप्यूटिक विकल्पों की व्यावसायिक सफलता प्रभावित हो सकती हैं ग्रुप की बाहरी विकास अवसरों से लाभ पाने की क्षमता और इससे जुड़ी बातें, जो सनोफीएवेंटिस द्वारा एसईसी तथा एएमएफ में दर्ज सार्वजनिक फाइलिंग में वर्णित या चिन्हित की जाती हैं, 31 दिसंबर 2009 की समाप्ति पर वर्ष के अंत में सनोफीएवेंटिस की वाषिर्क रिपोर्ट के फार्म 20-एफ में ‘‘रिस्क फैक्टर्स’’ तथा ‘‘काउसनरी स्टेटमेंट रिगार्डिंग फारवर्ड लुकिंग स्टेटमेंट्स’’ के तहत सूचीबद्ध की गई हैं सनोफीएवेंटिस मान्य कानून द्वारा वांछित तथ्यों से इतर किसी भी उम्मीदों पर आधारित सूचनाओं या बयानों को अपडेट करने या संशोधित करने का कोई दायित्व नहीं लेती है
स्रोत : सनोफएवेंटिस पीआरन्यूजवायरएशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर10 08301505 दि