वैश्विक स्तर पर अल्झेइमर की विशाल कीमत उजागर करती महत्वपूर्ण रिपोर्ट : वैश्विक जीडीपी का एक प्रतिशत और बढोतरी जारी

 
 
22/09/2010 3:53:58:390PM
 
 लंदन, 18 सितंबर पीआर न्यूजवायरएशियानेट
वैश्विक आर्थिक प्रभाव पर डेमेंटिया की महत्वपूर्ण रिपोर्ट ने पाया कि अल्झेइमर रोग और उसे जुडी परेशानियों की वजह से वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी कीमत चुकानी पडती है यह समस्या आगामी वषरें में बढने वाली है
विश्व अल्झेइमेर दिवस पर अल्झेइमेर डीजीज इंटरनेशनल :एडीआई: द्वारा प्रकाशित विश्व अल्झेइमेर रिपोर्ट 2010 इस बीमारी के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों का सर्वाधिक ताजा और समन्वित वैश्विक तस्वीर प्रस्तुत करती है इस रिपोर्ट को कैरोलिन्सका इंस्टीच्यूट, स्टाकहोम के प्रो. एंडेर्स विमो प्रो. मार्टीन प्रिंस ने लिखा है
जो किंग्स कालेज लंदन के इंस्टीच्यूट आफ साइकियाटरी से जुडे हैं एडीआई के अध्यक्ष डॉ. डेजी अकोस्टा ने कहा कि ‘‘यह संभल जाने के लिए चेतावनी है कि अल्झेइमेर बीमारी और उससे संबंधित अन्य परेशानियां 21 वी शताब्दी की इकलौती सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्वास्थ्यगत और सामाजिक संकट है इस बीमारी से उत्पन्न सामाजिक और आर्थिक अवरोधों का निराकरण करने के लिए विश्व की सरकारंे अफसोसजनक ढंग से तैयार नहीं हैं ।’’ रिपोर्ट उजागर करती है कि :- डेमेंटिया की वैश्विक स्तर पर कीमत 2010 में वैश्विक जीडीपी की एक प्रतिशत से अधिक हो जाएगी जो 604 अरब अमेरीकी डालर के बराबर होगा
अगर डेमेंटिया पर होने वाला नुकसान किसी देश की अर्थव्यवस्था होती तो वह विश्व का 18 वां सबसे बडी अर्थव्यवस्था होती अगर यह कोई कंपनी होती तो यह विश्व की सबसे बडी वाषिर्क राजस्व वाले वालमार्ट और एक्सोन मोबाइल से बडी होती
डेमेंटिया के शिकार लोगों की संख्या वर्ष 2030 तक दोगुना और वर्ष 2050 तक तीन गुना हो जाएगा
डेमेंटिया से ग्रस्त लोगों की देखभाल पर होने वाले खर्च के वर्तमान स्तर से बढने की संभावना हैविशेष रूप से विकासशील देशों में क्योंकि उनमें अधिक औपचारिक सामाजिक देखभाल प्रणाली उभरने वाली है और आमदनी में बढोतरी से अवसरों की लागत उच्चतर होगी
अलगअलग देशों से आई रिपोर्टें जैसे यूके की रिपोर्ट बताती है कि डेमेंटिया एक सबसे मंहगा रोग है और इसके बारे में शोध और निवेश अन्य प्रमुख बीमारियों की तुलना में अभी निम्नतर स्तर पर बना हुआ है
एडीआई के कार्यकारी निदेशक मार्क वार्टमैन ने कहा कि ‘‘ इस संकट का स्तर वैश्विक कार्यवाई की मांग करता है इतिहास दिखाता है कि प्रमुख बीमारियों को प्रबंधनयोग्य बनाया जा सकता है और उनका निरोध भी पर्याप्त वैश्विक जागरुकता और राजनीतिक इच्छाशक्ति के बदौलत किया जा सकता है इसके लिए शोध और देखभाल के विकल्पों पर पर्याप्त निवेश करने की आवश्यकता होगी सरकारों को स्वाथ्य सेवाओं की प्राथमिकता में डेमेंटिया को निश्चित रूप से शामिल करना चाहिए
साथ ही इस बीमारी का सामना करने के लिए राष्ट्रीय योजना विकसित करना चाहिए ।’’ रिपोर्ट के लेखक प्रोफ.एन्डेर्स विमो ने कहा कि ‘‘इस नई रिपोर्ट से हमें डेमेंटिया के वैश्विक आर्थिक और सामाजिक लागत का स्पष्टतम, सर्वाधिक समन्वित तस्वीर प्राप्त होती है ।’’
एशियानेट : अमरनाथ
 
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