एफआई इंडिया खाद्य उद्योग के लिए नए एवेन्यू का प्रदर्शन करेगी

 
 
22/10/2010 1:50:34:340PM
 
एफआई इंडिया खाद्य उद्योग के लिए नए एवेन्यू का प्रदर्शन करेगी
मुंबई, भारत, 19 अक्तूबर, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
– भारत वर्ष 2015 तक 20 प्रतिशत अधिक कुल खाद्य उत्पादन बढ़ाने की प्रक्रिया में है ।
भारत सरकार अगले पांच वषरें के दौरान खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के पर्याप्त निवेश पर विचार कर रही है । खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर वर्ष 2009 के 6 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2010 में 14.9 प्रतिशत तक विकसित हो चुका है । खाद्य प्रसंस्करण के कारोबार में अधिक से अधिक विचारों, नवीनता, परिकल्पना तथा मस्तिष्क को एकजुट करने के लिए एफआई इंडिया का आयोजन मुंबई के गोरेगांव ईस्ट स्थित बंबई एक्जीबिशन सेंटर में 22 से 23 अक्तूबर 2010 को किया जाएगा । यूबीएम इंडिया अपने एफआई इंडिया के पांचवें संस्करण की घोषणा करने को लेकर गर्व महसूस कर रही है ।
एफआई इंडिया इस महाद्वीप का एकमात्र ऐसा कार्यक्रम है जो समस्त खाद्य सामग्री उद्योग को एक मंच पर लाता है । एफआई इंडिया की शुरुआत सिर्फ 600 दर्शकों के साथ हुई थी और वर्तमान में इसके 4800 खाद्य प्रोफेशनल विजिटर्स हैं जो एफआई इंडिया 2010 में हिस्सा लेने आ रहे हैं । यह भागीदारी न सिर्फ घरेलू कंपनियों की वजह से इतनी बड़ी संख्या में बढ़ी है बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की कंपनियां भी इसमें शामिल हो रही हैं । इस वर्ष भागीदारी करने वाली अंतरराष्ट्रीय कंपनियों में बेल्जियम, चीन, फ्रांस, सिंगापुर और मलेशिया की कंपनियां भी शामिल हैं । पिछले वर्ष 74 भागीदारों की तुलना में इस वर्ष 103 से ज्यादा प्रदर्शनियों का आयोजन किया जा रहा है ।
एफआई इंडिया 2010 में खाद्य प्रसंस्करण, खाद्य विज्ञान और पैकेजिंग के लिए संपूर्ण रूप से बेहतर प्लांट आपरेशन और इनसे जुड़ी तकनीकी की जरूरतों को भी बताया जाएगा ताकि 21वीं शताब्दी की प्रतिस्पर्धा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण साधन जुटाए जा सकें – खाद्य सुरक्षा : स्वस्थ एवं साफ-सफाई :, स्वास्थ्य : फोर्टिफाइड फूड :, टिकाउ पैकेजिंग, सुविधाजनक और उत्पादनशीलता ।
एफआई इंडिया 2010 में एक उच्च स्तरीय दो दिवसीय माड्यूलर सम्मेलन भी उसी स्थान पर आयोजित किया जा रहा है । मशहूर वक्ता खाद्य उद्योग के नियमों, इनग्रेडिएंट इनोवेशन और इनोवेशन इन बेकरी, कन्फेक्शनरी, बीवरेज, डेयरी, कोल्ड चेन तथा पैकेजिंग जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा करेंगे । नोवेल्टी एंड आइडिएशन इस कार्यक्रम के समान मूल्य पर कार्यक्रम पेश करेगी ।
यूबीएम इंडिया के परियोजना निदेशक बिपिन सिन्हा ने कहा, ‘‘निवेश और निर्यात दोनों संदर्भ में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर के विस्तार की राह में सबसे बड़ी बाधा पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर का अभाव होना है ।’’ सिन्हा ने आगे कहा कि एफआई इस कारोबार के विकास के लिए और भारत को खाद्य इनग्रेडिएंट तथा कई अन्य मामलों में विश्व का आउटसोर्सिंग केंद्र के तौर पर विकसित करने के लिए एक विशाल प्लेटफार्म के तौर पर काम करेगा । इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और इससे स्थानीय तथा वैश्विक बाजार में मसालों को उचित महत्व और कीमत मिलेगी ।
विजिटरों को निम्नलिखित अवसर मिल सकेंगे : – भारत में खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य क्लेम संचालित करने के लिए रेगुलेटर फ्रेमवर्क अपडेट हो सकेगा ।
– विशेष उत्पादों की नवीनता के लिए नवीनतम उपभोक्ता चलन की तलाश करना और इसे भारत में लागू करना – बेकरी, कन्फेक्शनी, डेयरी तथा बीवरेज श्रेणियों में नए बाजार के अवसर तलाशना – कोल्ड-चेन की चुनौतियों से निपटना और पैकेजिंग की नवीनताओं से वाकिफ होना – यूनीलिवर, मारिको, अमूल, गोदरेज हर्शी’ज तथा कई अन्य प्रमुख उपभोक्ता कंपनियों के आंतरिक अध्ययनों की जानकारी पाना ।
एफआई इंडिया जैसे कार्यक्रम कारोबार बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करने तथा बाजार के विकास को गति देने के लिए एक प्लेटफार्म की तरह काम करता है ।
विशेष जानकारी के लिए संपर्क करें : यूबीएम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बिपिन सिन्हा ईमेल : बिपिन डाट सिन्हा एट यूबीएम डाट काम फोन : 91 22 6612 2612 कांफ्रेंस के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए http://www.fiindia-conference.com 
एफआई इंडिया 2010 के बारे में अधिक जानकारी के लिए :http://www.ingredientsnetwork.com/india
 स्रोत : यूबीएम इंडिया पीआरन्यूजवायर- एशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर9 10191457 दि