जी-20 सम्मेलन – वित्तीय और मुद्रा असंतुलन ने कैसे यूरोपीय कृषि को दुर्बल किया है?

 
 
09/11/2010 11:32:25:910PM
 
जी-20 सम्मेलनवित्तीय और मुद्रा असंतुलन ने कैसे यूरोपीय कृषि को दुर्बल किया है?पेरिस,9 नवम्बर:पीआरन्यूजवायरएशियानेटअमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुये तुलनात्मक विश्लेषण ने दर्शाया कि ‘‘50 एयरबस 380’’ के बराबर आर्थिक फायदा अमेरिकी कृषकों के पक्ष में है मोमागरी:सी:, एक थिंक टैंक जो वैश्विक कृषि के बारे में नये विजन की वकालत करता है, के मुताबिक, अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय पूरी तरह से मुद्रा के प्रभाव और मौद्रिक असंतुलन को कृषि गतिविधियों के लिए महत्व नहीं दे रहा है
अभी तक , ऐसे में जहां खाद्यय, वित्तीय और बजटीय संकट का माहौल है और इसका अनुपात अब तक अज्ञात है, मुद्रा विनिमय की दर और मुख्य दरों में जो केंद्रीय बैंक द्वारा निर्धारित है कृषि में प्रतिस्पर्धा के लिए महत्वपूर्ण चर बन गये हैं यूरोप और अमेरिका के बीच की गई तुलना में मुख्य बिंदु जो स्पष्ट किये गये हैं : डालर और यूरो के बीच किये गये कम करके आंके गये मूल्यांकन से विगत दो वषरें में अप्रत्यक्ष किंतु प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि को फायदा हुआ है
इस समर्थन का 2008 में 17.8 बिलियन डालर पर और 2009 में 14.4 बिलियन डालर पर मूल्यांकन किया गया
अमेरिकन फेडेरल रिजर्व: फेड: का यूरोपियन सेन्ट्रल बैंक :इसीबी: के मुकाबले ज्यादा लाभ वाले ब्याज दरों की वजह से अमेरिकी कृषकों को 2008 में 2.9 बिलियन डालर की और 2009 में 106 मिलियन डालर की मदद मिली
कुल मिलाकर यह 2008 में 20.7 बिलियन डालर और 2009 में 14.5 बिलियन डालर, अथवा अमेरिकी कृषि उत्पादन के यह 6.5 और 5.0 प्रतिशत दर्शाता है
मोमागरी:सी: के उपाघ्यक्ष क्रिस्टियन पीस, के लिए,‘‘ वो सभी जो इस असंतुलन को अनुभव कर रहें हैं लगातार बोझ के अधीन रहेंगे जो कि उच्च मूल्य अस्थिरता के दौर में और तीव्र बढ़ेगा ’’ मोमागरी:सी: के अध्यक्ष पियर पगासे के मुताबिक,‘‘ इस मुद्रा विनिमय पर विचार करना जरूरी है और मौद्रिक चर जो कि आगामी जी-20 सम्मेलन में शुरू होगा, क्योंकि कृषि बाजारअब अटकलों की वजह से ज्यादा अस्थिर हैयह नये वित्तीय और खाद्यय संकट के अग्रदूत हैं बताने की जरूरत नहीं कि अन्तर्राष्ट्रीय कृषि ट्रेड पर अनियमित उदारीकरण का खतरा अभी भी विश्व व्यापार संगठन में विद्यमान है ।’’

यह विश्लेषण जो ,सरकारों की तरफ से अपने कृषि गतिविधियों के लिए वास्तविक तौर पर समर्थन उपलब्ध कराया जा रहा है से संबंधित हैं, को मोमागरी:सी: द्वारा संचालित कराया गया अपनी परियोजना के ढांचे में कृषि के लिए और उससे जुड़े दांव पर लगे मुद्दों को लेकर रेटिंग एजेंसी विकसित करने के लिए
अमेरिका और फ्रांस के बीच की गई तुलना की पहली रिपोर्ट मध्यजनवरी 2011 में प्रकाशित होगी
यह प्रत्यक्ष :एग्रीकल्चरल पालिसी बजट: और अप्रत्यक्ष:वित्तीय एवम मौद्रिक नीतियों, खाद्य सब्सिडियों..:समर्थन उपायों को जो दुनिया के दो बड़े उत्पादक क्ष्ेात्रों द्वारा लागू किया जा रहा है को तय करेगा
नये अन्तर्राष्ट्रीय बजट की शब्दावली को राष्ट्रीय बजट से तुलना करने की सुविधा पहुंचाने की हद तक डिजाइन किया गया है
मोमागरी:सी: का तुलनात्मक अध्ययन 2011 में भी जारी रहेगा और ब्राजील, कनाडा, चीन और भारत से संबंधित होगा, सभी बड़े उत्पादक देशों को शामिल करने से पहले
इससे फिर आर्थिक और व्यापार वार्ता के लिए उपयोगी डाटा के फायदा पाना संभव होगा, क्योंकि यह सार्वजनिक नीतियों के निर्विवादों पर आधारित होगा
मोमागिरी:सी: का दृष्टिकोण सामान्य मानकों को नियंत्रित करने में मदद देता है जो आर्थिक वास्तविकता के साथ सामंजस्य स्थापित कर रहें हैं , जो 26 से 30 जनवरी 2011 के बीच होने वाले अगले दावोस फोरम का सटीक थीम भी हैं
स्रोत:मोमागरी पीआरन्यूजवायर:एशियानेट:किरण अमर पीडब्ल्यूआर4 11091109 दि