नया अध्ययन प्रकाशित : लैक्टोबैसिलस रूटेरी प्रोडेंटिस से पीरियडोंटिटिस का इलाज कारगर

 
 
11/11/2010 1:09:29:090AM
 
नया अध्ययन प्रकाशित : लैक्टोबैसिलस रूटेरी प्रोडेंटिस से पीरियडोंटिटिस का इलाज कारगर
 स्टाकहोम, 10 नवंबर, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
अध्ययन से ज्ञात हुआ है कि एल. रूटेरी प्रोडेंटिस आश्चर्यजनक तरीके से प्रोबिंग पाकेट डेफ्थ : पीपीडी : और क्लिनिकल अटैचमेंट लेवल : सीएएल : को कम करने में मानक उपचार : स्केलिंग और रूट प्लेनिंग, एसआरपी : के समान गतिशीलता के साथ काम करता है जो पीरियडोंटिटिस की गंभीरता का पता लगाने के लिए दो महत्वपूर्ण मानदंड माने जाते हैं । इसके अलावा अब तक के पहले प्रोबायोटिक के रूप में एल. रूटेरी प्रोडेंटिस इस बात का खुलासा करता है कि गंभीर पीरियोंटिटिस से पीड़ित मरीजों के तीन अलग-अलग पैथोजन में आश्चर्यजनक कमी आती है । यह अध्ययन गम इनफ्लेशन :जिंजिवाइटिस : पर एल. रूटेरी प्रोडेंटिस के एंटी-इनफ्लेमेटरी प्रभाव की भी पुष्टि करता है ।
  http://www.newscom.com/cgi-bin/prnh/20101110/418565
क्रोनिक पीरियडोंटिटिस युवा आबादी की 40 प्रतिशत से अधिक संख्या में पाई जाती है । मानक उपचार का लक्ष्य पीरियडोंटल पैथोजन में कमी लाने के लिए दांतों की गंदगी हटाने और फिर रोग के पनपने की संभावना को दूर करना है ।
क्रोनिक पीरियडोंटिटिस से पीड़ित 30 मरीजों को इस डबल ब्लाइंड, रैंडमाइज्ड, प्लेसबो-कंट्रोल्ड क्लिनिकल ट्रायल में शामिल किया गया जो 42 दिनों तक चला । पहले ही दिन मरीजों के मुंह में मौजूद आधे से ज्यादा दांतों का इलाज एसआरपी के जरिये किया गया जबकि आधी संख्या के दांतों को वैसे ही छोड़ दिया गया । 21वें से 42वें दिन तक मरीजों को एल. रूटेरी प्रोडेंटिस लाजेंस : 1 गुणा 108 सीएफयू डीएसएम 17938 तथा 1 गुणा 108 सीएफयू एटीसीसी पीटीए 5289 : या प्लेसबो लाजेंस रोजाना दो बार दिया गया ।
इसके नतीजे बताते हैं कि जिंजिवाइटिस तथा प्लेक कम करने के लिए अपनाई जाने वाली अन्य पद्धतियों की तुलना में एल. रूटेरी प्रोडेंटिस और एसआरपी से उपचार काफी बेहतर रहा । इसके अलावा एल. रूटेरी प्रोडेंटिस, अकेले या एसआरपी को अपनाते हुए, आश्चर्यजनक रूप से पैथोजन एग्रीजिबैक्टर एक्टिनोमाइसेटेमकोमिटेंस, पोरफायरोमोनस जिंजिवेलिस तथा प्रीवोटेला इंटरमीडिया में 90 प्रतिशत तक की कमी लाता है जबकि इसकी तुलना में अन्य उपचार पद्धतियों में एल. रूटेरी प्रोडेंटिस को शामिल नहीं किया जाता है । एल. रूटेरी प्रोडेंटिस तथा एसआरपी का समायोजन पीपीडी : पी 0.001 से छोटा : तथा सीएएल : पी 0.001 से बड़ा : दोनों में कमी लाने के लिए सिर्फ एसपीआर से भी काफी बेहतर माना गया है, संलग्न दस्तावेज देखें ।
-दावनगेड़े, भारत स्थित कालेज आफ डेंटल साइंस की प्रोफेसर वंदना का मानना है कि यह अल्पकालीन अध्ययन साबित करता है कि एल. रूटेरी प्रोडेंटिस खुद ही पीरियडोंटिटिस के पैथोगन पर मजबूत प्रभाव रखता है और एल. रूटेरी प्रोडेंटिटिस और एसआरपी का समावेश सहगतिशीलता के साथ पीपीडी तथा सीएएल दोनों में सुधार लाता है ।
– बायोगेया एबी के अध्यक्ष पीटर रोथ्सचाइल्ड कहते हैं कि यह परिणाम पीरियडोंटल रोग से पीड़ित मरीजों के लिए एक सिद्ध उपचार के रूप में एल. रूटेरी प्रोडेंटिस की स्थिति को मजबूत आधार प्रदान करता है ।
अध्ययन के नतीजे जर्नल आफ ओरल माइक्रोबायोलाजी में 2 नवंबर 2010 को आनलाइन प्रकाशित किया गया, डीओआई : 10.3402, जेओएम डाट वी2आई0 डाट 5344 । इस अध्ययन को इस साइट से हासिल किया जा सकता है : http://www.journaloforalmicrobiology.net/index.php/jom/article/view/5344
बायोगेया एक बायोटेक्नोलाजी कंपनी है जो डाक्यूमेंटेड स्वास्थ्य लाभ के साथ प्रोबायोटिक उत्पादों का विकास, विपणन और बिक्री करती है । इसके उत्पाद लैक्टिक एसिड बैक्टेरियम लैक्टोबेसिलस रूटेरी : रूटेरी : पर आधारित हैं जो प्रोबायोटिक, स्वास्थ्य सुधारने के प्रभाव वाले उत्पाद हैं । पैरेंट कंपनी बायोगेया एबी के क्लास बी के शेयर को नास्दैक ओएमएक्स नार्डिक एक्सचेंज स्टाकहोम की स्माल कैप सूची में शामिल किया गया है । http://www.biogaia.com
 स्रोत : बायोगेया पीआरन्यूजवायर- एशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर15 11101419 दि