औषधियों के लिए नई गुणवत्ता मानदंड, रसायनिक और जैविक दवाओं में अवसरों और चुनौतियों को संयुक्त यूएसपी-आईपीसी बैठक में प्रदर्शित किया गया ।

स्रोत: U.S. Pharmacopeial Convention-43295
श्रेणी: Medical and Health Care
 
 
 
24/02/2011 6:20:41:030PM
 
रॉकविले, मिडलटन और हैदराबाद, भारत 18 फरवरी, 2011 पीआर न्यूजवायरएशियानेट
औषधियों के लिए नए गुणवत्ता मानदंडों को स्थापित करना और तकनीकी चुनौतियों तथा उपलब्ध अवसरों पर विचार विमर्श 10 वें विज्ञान और मानदंड सम्मेलन :एसएसएस: के उल्लेखनीय आकषर्ण हैं जिसका आरंभ आज हैदराबाद में हुआ है
सम्मेलन का आयोजन यू.एस. फार्माकोपियल कंवेन्शन :यूएसपी: और इंडियन फार्माकोपियस कमीशन :आईपीसी: ने संयुक्त रूप से किया है
उदघाटन भाषण में यूएसपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोजर एल. विलियम्स, एमडी ने एक नए, मुफ्त ऑनलाइन यूएसपी मेडिसीन कंपेडियम :एमसी: की स्थापना करने की घोषणा की जिसमें वैश्विक कारोबार करने वाली औषधियों के लिए गुणवत्ता मानदंड शामिल होंगे
चूंकी भारतीय निर्माता इस कारोबार में मजबूत योगदान करते हैं, इसलिए यूएसपी भारत और अन्य उन देशों में कार्य करना चाहती है जो औषधियों का निर्माण करते है इसप्रकार एमसी की स्थापना समूची दुनिया के औषध निर्मातार्ओ के लिए उपयोगी है
यूएसपी ने एक विशेषज्ञ समिति का चुनाव किया है जिसमें भारत के वैज्ञानिक शामिल किए गए हैं जो एमसी के लिए मानदंडों का आंकलन और अनुमोदन करेंगे इस समूहयूएसपी औषध कंपेडियम विशेषज्ञ समितिकी अध्यक्षता डॉ. अंटोनी राज गोम्स करेंगे और इसमें 11 अन्य विशिष्ट भारतीय वैज्ञानिक शामिल किए जाएगे
आईपीसी के एक प्रतिनिधि के विशेषज्ञ समिति के कार्यों के लिए सरकारी संपर्कसूत्र के रूप में कार्य करना अपेक्षित है जिसकी शुरूआती बैठक इसी सप्ताह होगी
डॉ. विलियम्स ने उल्लेख किया कि यूएसपी के प्रयासों की रूपरेखा भारतीय फार्मायोपीया को सहायता प्रदान करने के लिहाज से की गई है जो भारत का आधिकारिक कंपेडियम होगा
एमसी पहलकदमी के बारे में डॉ. विलियम्स की घोषणा यूएसपी और आईपीसी, भारतीय नीति निर्धारकों, वैज्ञानिकों तथा औषध निर्माताओं के बीच सहयोगात्मक प्रयास का ताजा उदाहरण है
एसएसएस के उदघाटन समारोह में भारतीय अधिकारियों के प्रतिष्ठित समूह, सहप्रायोजक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई उनमें आईपीसी के सचिव सह वैज्ञानिक निदेशक जीएन सिंह, पीएचडी, इंडियन बल्क ड्रग निर्माता संघ के डॉ. शुभ्रा राव, इंडियन ड्रग निर्माता संघ के सचिव दारा पटेल, भारतीय औषध निर्माता संगठन के प्रतिनिधि देविंदन पटेल और भारतीय फार्मेसी कौंसिल के अध्यक्ष बी.सुरेश, पीएचडी ने भी अपनी बातें रखीं
यूएसपी विशेषज्ञ समिति के छह सदस्य और यूरोप से आए वक्ताओं ने सम्मानित मेहमानों और पूरी दुनिया के वक्ताओं की बातों का निचोड प्रस्तुत किया
विभिन्न विषयों पर हुए तकनीकी सत्रों में 350 से अधिक भागीदारों ने हिस्सा लिया जिनमें प्रमुख चुनौतियों और उनसे निपटने के तौरतरीकों पर विचार विमर्श किया गया उन विषयों में परिवर्तनशील जैविक औषधियों के लिए गुणवत्ता मानदंड तैयार करने से संबंधित विशेष चुनौतियों से लेकर औषधियों में तात्विक अशुध्दिकारकों की उपस्थिति को पहचानने की विकासशील पध्दतियों और विकासशील वैश्विक फार्मासियुटिकल उद्योग में बेहतर निर्माण पध्दतियों के तौरतरीकों के बारे में विचार विमर्श शामिल थे
अनेक वक्ताओं ने जिस एक विषय पर अपनी बातें रखी, वह इस वैश्विक माहौल में फार्मासोपियस की विकासमान भूमिका को लेकर था डॉ. विलियम्स ने इस विषय को आरंभिक सत्र और नई यूएसपी एमसी के बारे में विचार विमर्श दोनों बार सीधे संबोधित किया
डॉ. विलियम्स ने कहा कि ‘‘एमसी की स्थापना यूएसपी की सार्वजनिक स्वास्थ्य मीशन और उसकी बढती अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति का ता*++++++++++++++++++++++++++++र्* विकास है ।’’ ‘‘चूंकी फार्मासियुटिकल उद्योग अधिकाधिक वैश्विक होता जा रहा है, यह अतिशय महत्वपूर्ण हो गया है कि विश्वस्तर पर मरीजों को औषधियों की वैज्ञानिकता से युक्त गुणवत्ता के मानदंड, पहचान, शुध्दता और शक्ति की अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो भारत विश्वस्तर पर दवाओं और उनके अवयवों का अग्रणी आपूर्तिकर्ता के रूप में उभरा है यूएसपी और भारत सरकार, आईपीसी, उद्योग जगत तथा वैज्ञानिक समुदाय के बीच दीर्घमीयादी साझीदारी ने इस नई एमसी पहलकदमी के लिए उपयुक्त माहौल तैयार किया है
हम भारत में एमसी के विकसित होने के साथ नीतिनिर्धारकों, सहयोगी विशेषज्ञों और निर्माताओं के साथ वर्तमान और अतिरिक्त साझीदारी के विकसित होने के लिए भविष्य का इंतजार कर रहे हैं ’’ एमसी के मानदंडों का मकसद समूचे विश्व के निर्माताओं, नीतिनिर्धारकों और अनुदानदाता संगठनों द्वारा औषधों की गुणवत्ता का कठोर आश्वासन की चाहत में उपयोग किया जाने योग्य बनना है जो दूसरे तरीके से उपलब्ध नहीं होता
एमसी के अंतर्गत डाक्यूमेंट्री मानदंड मुफ्त और केवल आनलाइन उपलब्ध होते हैं और अगर इच्छा हो तो उन्हें अन्य कंपेडिया में अपनाया या अनुकूलित किया जा सकता है एमसी में शामिल होने की शर्त प्रभावित सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाव आकलन जैसे आबादी में प्रचलित होना है
डॉ. विलियम्स ने कहा कि ‘‘हमारा पूर्वनुमान है कि इन आधिकारिक सार्वजनिक मानदंडों के मुफ्त उपलब्ध होने से औषधियों का पंजीकरण और नियमन सुविधाजनक हो सकेगा और यह नीतियिामकों को गैरमानक, घटिया, नकली और फर्जी दवाओं के प्रचलन को रोकने के प्रयासों में सहायता मिलेगी ’’ एमसी के बारे में अधिक विस्तार से जानकारी विशेषज्ञ समिति के कामकाज के आगे बढने के साथ आगामी महीनों में उपलब्ध हो जाएगी
अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें :- मेडियारिलेशंस :एैट: यूएसपी डाट ओआरजी यूएसपीसार्वजनिक स्वास्थ्य की हालत को 1820 से ही आगे बढा रहा है
यूनाइटेड स्टेटस फार्मासोपियल कंन्वेंशन :यूएसपी: एक वैज्ञानिक, गैरमुनाफाकारी, मानदंडनिर्धारक संगठन है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य को सार्वजनिक मानदंड और संबंधित कार्यक्रमों के माध्यम से उन्नत बनाता है जिनसे औषधियों और आहार की गुणवत्ता, सुरक्षा और फायदों को सुनिश्चित किया जाता है
यूएसपी के मानदंडों को विश्वस्तर पर मान्यता प्राप्त है और उनका उपयोग किया जाता है यूएसपी के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें :- http://www.usp.org.

संपर्क :- लौरा प्रोवेन , यूएसपी 1-301-816-8268 एलएनपी :एैट: यूएसपी डाट ओआरजी

स्निग्धा शर्मा 919701224007 स्निग्धा डाट शर्मा :एैट: हानमेरमएसएल डाट कॉम

अनुपमा पोलासा 919885358558 अनुपमा डाट पोलासा :एैट: हानमेरमएसएल डाट कॉम