चाइना कान्फ्रेंस में घोषणा : ‘‘बाजार की अव्यवस्था के बीच हम विश्व शांति स्थापित नहीं करेंगे ’’

स्रोत: 43715 CHINA CONFRENCE
श्रेणी: General
 
 
 
12/03/2011 4:40:42:103PM
 
चाइना कान्फ्रेंस में घोषणा : ‘‘बाजार की अव्यवस्था के बीच हम विश्व शांति स्थापित नहीं करेंगे ’’
बीजिंग,11 मार्च, पीआरन्यूजवायर-एशिया-एशियानेट:- चाइनीज पीपल‘स इंस्टीटयूट आफ फॉरेन अफेयर्स के रिसर्च सेन्टर फार द फ्रेंच-स्पीकिंग वर्ल्ड ने हाल ही में बिजिंग में एक दिवसीय सम्मेलन का आयोजन किया जिसे वैश्विक खाद्य सुरक्षा से सम्बंधित भू-राजनीतिक मुद्दों पर केन्द्रित किया गया । इस कार्यक्रम में सौ चीनी, अफ्रीकी और कनाडियाई विशेषज्ञ इकट्ठे हुये और इसके लिए उन्हें फ्रेंच ग्रुप लिमाग्रेन और क्यूबेक कूप फेडेरी से सहयोग प्राप्त हुआ ।
प्रस्तुतियों के बाद, चीनी सरकार के ग्लोबल डेवलेपमेंट रिसर्च सेन्टर के अध्यक्ष डिंग यिफान, ने चीन की खाद्य सुरक्षा नीति को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुये उस की महत्ता पर बल दिया ।
320 मिलियन कृषकों के साथ, चीन वास्तव में दुनिया के दूसरे देशों के लिए एक उदाहरण पेश कर सकता है, विशेष तौर पर फ्रेंच-भाषी देशों के लिए जिनके कृषक खासकर अफ्रीका समेत, गिनती में ज्यादा हैं, । चीन द्वारा लागू की गई नीतियों से कई देश सीख ले सकते हंै, जिसने बीस वषरें के भीतर ही खाद्य मामले में आत्म-निर्भरता हासिल कर ली है ।
2008 और 2011 में तीव्र खाद्य संकट तथा उनके सामाजिक और राजनीतिक परिणामों ने चेतावनी के रूप में काम किया । स्थिति की गंभीरता और विश्वभर के लोगों द्वारा उठाई जा रहा जोखिम बेहद खतरनाक है और यह इतना सामान्यकृत है कि अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय निष्क्रिय बना रहता है, लेकिन इस संकेत को चीनी सरकार विचार मंच के उच्च अधिकारियों ने समझा ।
लिमाग्रेन और मोमाग्री के चेयरमैन, पिअर पगास्से, ने फिर जी-20 देशों और कृषि तथा खाद्य मामलों को लेकर चिन्तित अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों से एक गंभीर अपील की, और अंतर्राष्ट्रीय-विशेषतौर पर एफएओ- से इन मुददों पर न्यूनतम वैश्विक सहयोग देने के लिए सिद्धांत बनाने की मांग की ।
पिअर पगासे ने कहा, ‘‘हम विश्व शांति को बाजार की अव्यवस्था पर नहीं खड़ा करेंगे । सामंजस्यपूर्ण अन्तर्राष्ट्रीय सम्बंधों की मांग है कि कृषि और खाद्य से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर संबोधित किया जाए और नये सिद्धांतों पर आधारित हो । हम कृषि के लिए विश्व संगठन बनाने का आहवान करते हैं और कृषि और खाद्य को ‘ग्लोबल पब्लिक गुडस’ के तौर पर एलान करने की मांग कर रहें हैं । सम्मेलन जिसकी संरचना फ्रेंच-स्पीकिंग वर्ल्ड को ध्यान में रख कर की गई है से हमें ‘कल्चरल एक्सेप्शन ’ के बाद, ‘एग्री-कल्चरल एक्सेप्शन’ पर विशेष दांव लगने का प्रमाण मिल रहा है, जो अन्तर्राष्ट्रीय समुदाय का अगले तीस वषरें में सामना करेगा । ’’ मोमाग्री फ्रेंच स्थित विचार मंच है जो कृषि में नये विचारों को प्रोत्साहित करता है । फ्रेंच ग्रुप आफ लिमाग्रेन के चेयरमैन पिअर पगासे द्वारा स्थापित, इस संगठन में कृषि उद्योगों से जुड़े प्रतिनिधि और स्वास्थ्य सेवा, आर्थिक विकास, रणनीति और डिफेंस क्षेत्रों से जुड़े कर्मचारी शामिल हैं ।
स्रोत: मोमाग्री पीआरन्यूजवायर:एशियानेट: किरण अमर पीडब्ल्यूआर1 03121303 दि