ग्रामीण संस्थान भारत के माइक्रोफायनेंस सेक्टर में सामरिक मानव पूंजी अनुशीलन के लिए समर्थन बढ़ा रहा है

स्रोत: 43724 Grameen Foundation
श्रेणी: Business and Finance
 
 
 
15/03/2011 4:28:43:010PM
 
ग्रामीण संस्थान भारत के माइक्रोफायनेंस सेक्टर में सामरिक मानव पूंजी अनुशीलन के लिए समर्थन बढ़ा रहा है
नई दिल्ली ,14 मार्च 2011, पीआरन्यूजवायर-एशिया-एशियानेट:- ग्लोबल माइक्रोफाइनेंस इंडस्ट्री के लिए यह पहल माडल प्रदान करेगा ग्रामीण संस्थान ने भारत के सामाजिक-रूप से केन्द्रित माइक्रोफाइनेंस संस्थानों :एमएफआईस: में मानव पूंजी प्रबंधन संबंधी रणनीति को बेहतर करने के लिए किये जा रहे प्रयासों की आज घोषणा की । प्रयास, जो कि भारतीय संस्था में हुये हालिया उथल-पुथल के बाद आहिस्ता से खुद को स्थापित करने के तौर पर सामने आया है, को कुल सिटी फाउंडेशन, द मैक्ग्रा-हिल कम्पनिज और द कैपिटल ग्रुप की ओर से 550,000 डालर की फंडिंग से सहायता मिलेगी ।
(Logo: http://photos.prnewswire.com/prnh/20091026/GFLOGO)
 यह घोषणा ठीक उस समय आई है जब राष्ट्रीय माइक्रोफाइनेंस सम्मेलन जिसे स-धन और फेडेरेशन आफ इंडियन चैम्बर्स आफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्री ने प्रायोजित किया है में, भारतीय माइक्रोफायनेंस के नेता उन उपायों पर चर्चा कर रहें हैं जिनसे उद्योग को पुन स्थापित किया जा सके ।
पिछले साल जिस तरह आन्ध्रप्रदेश में तनाव रहा उसने एमएफआईस को अपनी संस्थागत शक्ति और अपने‘‘लोगों की कार्यप्रणाली’’ को फिर से सही करने की जरूरत पर काफी नजदीक से ध्यान देने पर प्रकाश डाला । इसे ग्लोबली-फोकस्ड 2011 माइक्रोफाइनेंस बनाना स्किन रिपोर्ट द्वारा जारी निष्कषरें पर रेखांकित किया गया, जिसने प्रतिष्ठा संबंधी जोखिम, कारपोरेट गर्वेनेंस, प्रबंधन गुणवत्ता, स्टाफिंग और मिशन ड्रिफ्ट को पहचाना जो कि व्यवसायियों और अन्य मुख्य उद्योग हितधारकों के बीच चिन्ता का प्रमुख कारण था ।
ग्रामीण फाउंडेशन ने आज मानव पूंजी संबंधी मसलों के विश्लेषण को भी जारी किया जिसे बनाना स्किन्स रिपोर्ट में पहचाना गया था, जो अब http://www.grameenfoundation.org/BananaSkinsReview.
 पर उपलब्ध है ।
ग्रामीण फाउंडेशन के प्रेसिडेंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलेक्स काउन्टस ने बताया, ‘‘माइक्रोफाइनेंस उद्योग अपनी तरक्की के बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ी है और यह क्षण कार्यप्रणालियों खासतौर पर मानव पूंजी प्रबंधन जैसे क्षेत्रों का दोबारा परीक्षण करने के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध करा रहा है जो कि इस सेक्टर के बड़े कॉस्ट सेन्टर है, और इसके बदले में यह बेहतर समग्र प्रदर्शन और गरीबी पर बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं । ’’ ‘‘ भारत इस उद्योग के अगुआओं में से एक है और हम विश्वास करते हैं कि वहां किया गया हमारा काम जतायेगा कि कैसे मानव पूंजी प्रबंधन रणनीतियों को अपग्रेड कर माइक्रोफायनेंस संस्थान गरीबों के लिए कम कीमत पर बेहतर मूल्य की रचना कर पायेंगे । ’’ भारतीय ग्रामीण संस्थान प्राइवेट लिमिटेड:जीएफआई:, पूर्ण-स्वामित्व वाली ग्रामीण फाउंडेशन की सहायक है, जो भारत में काम की अगुआ होगी । नेतृत्व की मदद सीटी से मिलेगी जो रोजगार बढ़ाने की प्रतिबद्धता और प्रभावशीलता, पर केन्द्रित होगा, जो खासकर ग्राहक संरक्षण के संदर्भ में – जो विस्फोटक विकास, चरम पर प्रतिस्पर्धा और बढ़ते व्यावसायिकरण वाले भारतीय एमएफआई का नाजुक मामला है । द मैक्ग्रा -हिल कम्पनिस और द कैप्टिल ग्रुप कम्पनिस एमएफआई के मिड-लेवल प्रबंधकों के नेतृत्व विकास पर केन्द्रित होगा जिन्हें अनेक मुख्य फिल्ड अफसरों के साथ न के बराबर प्रबंधन प्रशिक्षण के साथ काम करना होता है । इस मध्य प्रबंधन स्तर में नेतृत्व विकास भविष्य के एमएफआईस गर्वेनेंस के लिए भी आवश्यक है ।
सिटी फाउंडेशन के प्रेसीडेंट और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पाम फ्लाहेर्ती ने बताया, ‘‘ सिटी और द सिटी फाउंडेशन हमेशा माइक्रोफाइनेंस को ग्लोबल फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर का अन्तरिम हिस्सा बनाने में आगे रहें हैं, लेकिन हम माइक्राफाइनेंस उत्पादों और उनकी सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में भी गंभीरता से पूंजी लगा रहें हैं । ’’ वह चुनौतियां जो तेजी से उन्नति कर रहे उद्योगों के साथ आती हैं, में पहले की अपेक्षा माइक्रोफाइनेंस सेक्टर में मानव पूंजी उत्पादों और सेवाओं को अभिनव और प्रभावशाली विकास हेतु श्रेष्ठ कार्यप्रणाली की स्थापना करने में, ग्रामीण फाउंडेशन का कार्य बेहद महत्वपूर्ण हो गया है ।‘‘ ग्रामीण फाउंडेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बारे में ग्रामीण फाउंडेशन इंडिया :जीएफआई: एक सामाजिक व्यवसाय है जो कीमाइक्रोफाइनेंस को एक्सेस करने और तकनीकी सहायता के लिए प्रोत्साहित करने पर केन्द्रित है, जिससे भारत के सबसे गरीब लोगों को लाभ मिल सके । प्रोफेसर मोहम्मद युनूस के आदशरें पर स्थापित, जीएफआई ग्रामीण फाउंडेशन के दशकों के अनुभव पर बनेगा जो भारत में तकनीक, मानव संसाधन प्रबंधन उपकरण और कार्यप्रणाली उपलब्ध कराता है तथा गरीबी पर सामाजिक उद्यमों के नये बिजनेस माडलों पर केन्द्रित होगा ।
ग्रामीण फाउंडेशन के बारे में वैश्विक स्तर की एक गैर-लाभकारी संस्था ग्रामीण फाउंडेशन विश्व के सबसे गरीब लोगों को वित्तीय, तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए उनकी गरीबी दूर करती है और ऐसे स्थानीय संगठनों को प्रबंधन रणनीतियां प्रदान करती है जो उन गरीबों की सेवा करते हैं । यह गरीबों के बीच उपकरण, सूचना और स्वास्थ्य, कृषि, वित्तीय सेवाओं और आजीविका निमार्ण के लिए मोबाइल फोन-आधारित समाधान का भी विकास करता है जो ‘‘गरीबी सम्बंधी जानकारी’’ की व्याख्या करता है । वर्ष 1997 में स्थापित ग्रामीण फाउंडेशन के कार्यालय वाशिंगटन, डीसी, सिएटल, डब्ल्यूए, कोलंबिया, घाना, हांगकांग, फिलीपींस तथा युगांडा में हैं । माइक्रोफाइनेंस के प्रमुख और ग्रामीण बैंक के संस्थापक तथा वर्ष 2006 में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता डा. मोहम्मद यूनुस इसके निदेशक मंडल के संस्थापक सदस्य हैं और अब सेवानिवृत निदेशक के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं । अधिक जानकारी के लिए कृपया देखें ग्रामीणफाउंडेशन डाट ओआरजी संपर्क : लिसेली योर्क एलयोर्क एट ग्रामीणफाउंडेशन डाट ओआरजी ग्रामीण फाउंडेशन 202 628 3560, एक्स 128 स्रोत: ग्रामीण फाउंडेशन पीआरन्यूजवायर- एशियानेट : किरण अमर पीडब्ल्यूआर1 03151149 दि