भारत में मोबाइल ब्रौडबैंड को सहायता करने में सरकार और उद्योग एकजुट

स्रोत: GSMA-44174
श्रेणी: High Technology
 
 
 
12/04/2011 12:21:31:357PM
 
 नई दिल्ली। 11 अप्रैल, 2011 पीआर न्यूजवायरएशियानेट
भारत सरकार, जीएसएमए, सीओएआई और टीआरएआई ने मोबाइल ब्रौडबैंड सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन का अनुरोध किया
भारत के संचार और सूचना तकनीक मंत्री, जीएसएमए, सेलुलर आपरेटर्स आफ इंडिया और टेलीकॉम रेगुलेटरी आथिरिटी आफ इंडिया: टीआरएआई: ने आज समूचे भारत में मोबाइल ब्रौडबैंड सेवाओं के विकास की सुविधा देने के लिए एकसाथ मिलकर काम करने की घोषणा की
संचार और सूचना तकनीक मंत्री श्री कपिल सिब्बल, जीएसएमए के सीईओ रौब कोनवेय, सीओएआई के अध्यक्ष और भारती एयरटेल इंडिया दक्षिण एशिया के सीईओ संजय कपूर तथा टीआरएआई के अध्यक्ष डॉ.जे.एस.शर्मा नेमोबाइल ब्रौडबैंडमोबाइल इकोसिस्टम को सशक्त बनाता भारत’ नामक सेमीनार में इस सहभागिता की रूपरेखा प्रस्तुत किया सेमीनार आज नई दिल्ली के इंपेरियल होटल में आयोजित हुआ
भारत में मोबाइल संचार का विकास भारत सरकार, नियामक और मोबाइल समुदाय के बीच सफल साझीदारी का परिणाम है यह समाचार राष्ट्रव्यापी ब्रौडबैंड संयोगिकता की आवश्यकता को पूरा करने के लिए सभी पक्षों के बीच सहभागी प्रतिबध्दता को प्रदर्शित करता है
यह सेमीनार इसपर केन्द्रीत था कि अगली पीढी की एलटीई तकनीक का उपयोग करके मोबाइल ब्रौडबैंड की सुपुर्दगी किसतरह शहरी और ग्रामीण इलाकों के नागरिकों को इंटरनेट से संयोगित रखने में सहायता कर सकता है
यह भारतीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करेगा और लोगों खासकर ग्रामीण समुदायों को आनलाइन सूचनाएं प्रदान करेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा की सुविधाएं और रोजगार की संभावनाओं के साथसाथ वित्तीय और सरकारी सेवाओं तक पहुंच प्रदान करेगा
संचार और सूचना तकनीक मंत्री कपिल सिब्बल ने बताया कि ‘‘सूचना तकनीक में भारत हमेशा से वैश्विक अगुवा रहा है और विश्व को सूचना तकनीक, शोध विकास में आवश्यक नेतृत्व और दिशा प्रदान करता है
हालांकि, अब ग्रामीण समुदायों के बीच इंटरनेट क्रांति लाने का समय गया है और मैं विश्वास करता हूं कि मोबाइल ब्रौडबैंड इसे हासिल करने में उल्लेखनीय भूमिका अदा करेगा
भारत सरकार को वायरलेस ब्रौडबैंड संयोगिकता की आवश्यकता की समझ है और इन सेवाओं की सहायता करने में लिए उपयुक्त स्पेक्ट्रम तैयार करने की दिशा में कार्यरत है ।’’ जीएसएमए के सीईओ रॉब कोनवेय ने कहा कि ‘‘मोबाइल ब्रौडबैंड ने इंटरनेट की पहुंच को समूचे विश्व में 45 करोड से अधिक संयोगिकताओं के बदौलत एकदम से बदल दिया है
पर्याप्त स्पेक्ट्रम आवंटन के माध्यम से भारत ब्रौडबैंड की उपलब्धता के लिहाज से अगुवा बन सकता है और व्यापक आर्थिक फायदों को प्राप्त कर सकता है जो भारत के सकल घरेलू उत्पाद में सन 2020 तक 3146 अरब रूपयों से अधिक का योगदान कर सकता है
हम सभी नागरिकों को इंटरनेट से संयोगित करने के भारत सरकार के प्रयासों का पूरा समर्थन करते हैं और अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों की तर्ज पर 700 एमएचजेड और 2.6जीएचजेड दोनों बैंडों के लिए स्पेक्ट्रम के शीघ्र आवंटन का इंतजार कर रहे हैं ।’’ सीओएआई के अध्यक्ष और भारती एयरटेल भारत दक्षिण एशिया के सीईओ श्री संजय कपूर ने कहा कि ‘‘ वैश्विक मोबाइल उद्योग ने पिछले साल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की जब मोबाइल डाटा आवागमन ने कूल ध्वनि आवागमन को पीछे छोड दिया
भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं में प्रभावशाली बढोतरी के कारण अब केवल समय का इंतजार है कि हम कब इस धारा का अनुगमन करना आरंभ करें मोबाइल ध्वनि सेवाओं को तेजी से अपनाया जाना देखने के बाद मुझे पूरा विश्वास है कि भारत शीघ्र ही मोबाइल ब्रौडबैंड तकनीक की अगली कतार में होगा
सीओएआई मोबाइल ब्रौडबैंड की मांग को पूरा करने में जीएसएमए, टीआरएआई और सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबध्द है ताकि सर्वव्यापी इंटरनेट संयोगिकता प्रदान किया जा सके जो लाखों भारतीयों के जीवन को सशक्त और संपन्न बनाएगा ।’’ टीआरएआई के अध्यक्ष डॉ.जे.एस.शर्मा ने कहा कि ‘‘टीआरएआई ऐसे इकोसिस्टम का विकास करने के लिए प्रतिबध्द है जिससे हमारे नागरिकों को राष्ट्रीय ब्रौडबैंड योजना की तर्ज पर संयोगित होने की आवश्यकता को पूरा किया जा सके
मोबाइल ब्रौडबैंड 2014 तक 16 करोड ब्रौडबैंड संयोग प्रदान करने के हमारे लक्ष्य को पूरा करने में उल्लेखनीय भूमिका अदा करेगा ।’’ सेमीनार में इसपर भी चर्चा हुई कि मोबाइल ब्रौडबैंड के लिए उन्नत स्पेक्ट्रम उपलब्धता भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसे परिवर्तित करेगी
भारत ने अगर इस पहलकदमी, विशेष रूप से उच्चतकनीक उद्योग के उछाल के साथ तालमेल बिठा लिया तो कम लागत की इंटरनेटसक्षम एचएसपीए, एलटीई और टीडीएलटीई स्मार्ट उपकरणों के साथसाथ संबंधित प्रयुक्तियों और सेवाओं का विकास करने में वैश्विक अगुवा बन सकता है जिसका उपयोग भारत और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में किया जा सकेगा
संपादकों के लिए टिप्पणी :- – सेमीनार का आयोजन जीएसएमए और सीओएआई की ओर से 11 अप्रैल 2011 को नई दिल्ली में किया गया अन्य वक्ताओं में एयरटेल, भारती एयरटेल, बोस्टन कंसल्िंटग ग्रूप,एरिसन, आईडीईए सेलुलर, क्वालकोम, टाटा, यूनिनोर और वोडाफोन इसार के प्रतिनिधि शामिल थे
जीएसएमए के बारे में :- जीएसएमए विश्वस्तर पर मोबाइल संचालकों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है इसने विश्व के करीब 800 मोबाइल संचालकों और व्यापक मोबाइल इकोसिस्टम के 200 से अधिक कंपनियों को संगठित किया है
जीएसएमए का ध्यान अपने सदस्यों के लिए नवोन्मेष करने, देखभाल करने और नए अवसरों का निर्माण करने पर केन्द्रीत होता है और यह मोबाइल उद्योग के विकास को संचालित करता है
अधिक जानकारी के लिए कृपया मोबाइल वर्ल्ड लाइव को देखें जो मोबाइल संचार उद्योग का आनलाइन पोर्टल है उसका पता है :- http://www.mobileworldlive.com 
या जीएसएमए के निम्नलिखित वेबसाइट को देखें :- http://www.gsmworld.com.
 सीओएआई के बारे में :- सीओएआई का गठन 1995 में एक पंजीकृत,गैरसरकारी समिति के रूप में हुआ जो संचार विशेषकर सेलुलर मोबाइल टेलीफोन सेवा के माध्यम से आधुनिक संचार के उन्नयन के प्रति संमर्पित है
भारत में विश्वस्तरीय सेलुलर अधिसंरचनाओं की स्थापना करने और देखभाल करने तथा वहनक्षम मोबाइल सेवाओं की सुविधा प्रदान करने की अवधारणा से संचालित सीओएआई का मुख्य उदेश्य अपने सदस्यों के साधारण और सामुहिक हितों की हिफाजत करना है
प्रमुख निजी सेवा प्रदाता और अधिसंरचना वेडर सीओएआई के सदस्य हैं और उद्योग से संबंधित विभिन्न मसलों पर एकसाथ मिलकर काम करते हैं
सीओएआई के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें :- (http://www.coai.in)
स्रोत:- जीएसएमए

संपर्क :- प्रियंका सेठ, जीएसएमए की ओर से 91- 9810449951 प्रियंकासेठ :एैट:कोरोवोशैंडविक डाट सीओ डाट आईएन