बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने स्वास्थ्य के खतरे को कम करने के मकसद से पोलियो प्रतिरोधन, गंदगी के बीच चार्ज होने वाले सेलफोन और फर्टिलाइजर पैलेट म

स्रोत: Gates Foundation Asianet 44393
श्रेणी: Medical and Health Care
 
 
 
30/04/2011 9:12:26:050AM
 
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने स्वास्थ्य के खतरे को कम करने के मकसद से पोलियो प्रतिरोधन, गंदगी के बीच चार्ज होने वाले सेलफोन और फर्टिलाइजर पैलेट में सुधार लाने के लिए खाली वायरस कोशिकाओं सहित ठोस विचारों पर फंड जारी किया
 सिएटल, 28 अप्रैल, 2011, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
इन महान चुनौतियों की खोज करने वाले 25 देशों के विजेताओं का लक्ष्य वैश्विक स्वास्थ्य और विकास में बदलाव लाना है ।
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने नवोन्मेष शोध में सहयोग करने वाले 88 नए विजेताओं की आज घोषणा की जिनमें से हरेक को 100,000 अमेरिकी डालर दिए जाएंगे । उनके नवोन्मेष शोध में विश्व के कुछ सर्वाधिक गरीब देशों में रहने वाले लोगों के जीवन में आश्चर्यजनक सुधार लाने की संभावना देखी गई है । ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशन : जीसीई : के जरिये संभव हुई यह फंडिंग वैश्विक स्तर के शोधकर्ताओं को अपरंपरागत विचारों के परीक्षण में सक्षम बनाएगी जिनके तहत निरंतर स्वास्थ्य एवं विकास चुनौतियों से निपटा जाएगा ।
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन में ग्लोबल हेल्थ के अध्यक्ष डा. ताची यामदा ने कहा, ‘‘इन सबमें से एक ठोस विचार वैश्विक स्वास्थ्य और विकास के प्रति नई पहल को प्रोत्साहित कर सकता है । वैश्विक स्वास्थ्य एवं विकास की तेज रफ्तार के बावजूद हमें जीवन रक्षक टीकों की खोज और आपूर्ति के लिए रचनाशील विचार गढ़ने की सख्त आवश्यकता है और साथ ही नई बीमारियों को समूल मिटाने या बचाव योग्य बीमारियों के विस्तार की गति धीमी करने की जरूरत है ।’’ जीसीई ने शोधकर्ताओं से पोलियो उन्मूलन सुनिश्चित करने की दिशा में रफ्तार को तेज करने, जीवन रक्षक टीकों की उपलब्धता में सुधार लाने के लिए वैश्विक स्वास्थ्य समाधानों की खातिर सेलफोन की निर्भरता, मातृत्व और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए नई प्रौद्योगिकियों के इस्तेमाल, किसी मरीज से एचआईवी के सभी संभावित ठिकानों को नष्ट करने के तरीके तलाशने तथा डायरिया जैसी बीमारी का बोझ कम करने में मदद करने वाली आगामी पीढ़ी की साफ-सफाई तकनीकें निर्मित करने जैसी समस्याओं से निपटने की अपील की है ।
बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन में ग्लोबल हेल्थ डिस्कवरी के निदेशक क्रिस विल्सन ने कहा, ‘‘जीसीई के विजेता गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य और विकास चुनौतियों से निपटने के लिए विचारों की रूपरेखा विस्तारित कर रहे हैं जहां रचनात्मक विचारों की सख्त आवश्यकता है । यह प्रयास काफी महत्वपूर्ण है यदि हम लाखों लोगों के जीवन बचा सकने वाली नई खोजों को लेकर प्रेरित हो जाते हैं ।’’ विजेताओं का चयन 2,500 से अधिक प्रस्तावों से और तकरीबन 100 देशों से किया जा गया है । ये सभी स्वास्थ्य शोधों, कंप्यूटर तथा इलेक्ट्रानिक इंजीनियरों तथा उद्यमियों सहित व्यापक पृष्ठभूमि और विभागों का प्रतिनिधित्व करते हैं । जीसीई के राउंड 6 के शोध क्षेत्रों में शामिल हैं : – पोलियोवायरस एंडगेम : उन्मूलन में तेजी लाने, इसे जारी रखने और इस पर निगरानी रखने के तरीके तलाशे जा रहे हैं ।
-आगामी पीढ़ी के लिए साफ-सफाई की तकनीकें तैयार करना – एचआईवी संक्रमण मिटाने के लिए नई पहल का निर्माण करना – प्राथमिकता वाली वैश्विक स्वास्थ्य स्थितियों के लिए कम लागत वाले सेलफोन आधारित अनुप्रयोग तैयार करना – मां और नवजात बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए नई तकनीकें तैयार करना जीसीई पूरी दुनिया से नवोन्मेषक विचारों के लिए अपनी तलाश जारी रखे हुए है और इसके लिए यह एक त्वरित तथा आसान अनुदान निर्मित चयन प्रक्रिया का इस्तेमाल कर रही है । अगले दौर के लिए आवेदन 19 मई 2011 से स्वीकार किए जाएंगे । राउंड 7 के विषयों और अनुप्रयोग निर्देशों को देखने के लिए यहां क्लिक करें :(http://www.grandchallenges.org/Explorations/Pages/ApplicationInstructions.aspx)
विजेताओं के राउंड 6 शोध प्रस्तावों में शामिल है : पोलियो के खात्मे को गति देने और इसके उन्मूलन को जारी रखने की रणनीतियां : – यूनिवर्सिटी आफ फ्लोरिडा, अमेरिका के जेम्स फ्लैनेजन वायरस कैपसाइड- वायरस का प्रोटीन शेल- के मिश्रित पोलियोवायरस टीके के विकास की खोज करेंगे । यह वायरस की तरह दिखता है लेकिन संक्रामक नहीं है ।
– ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी आफ ईस्ट एंगलिया के सिमोन कार्डिंग इस बात की जांच करेंगे कि क्या लाइव गट बैक्टीरिया आंत के मुकोसा में पोलियोवायरस एंटीजेन जारी करते हुए रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर सकता है ।
– भारत के क्रिश्चियन मेडिकल कालेज के जैकब जान उन भारतीय बच्चों में गट इम्युनिटी पर निष्क्रिय पोलियो वायरस वैक्सीन : आईपीवी : के प्रभाव का अध्ययन करेंगे जिन्हें पूर्व में ओरल पोलियो टीके : ओपीवी : दिए गए हैं । आईपीवी से लैस इम्युनिटी का इस्तेमाल पोलियो उन्मूलन की गति तेज करने की रणनीतियों में फलदायी साबित हो सकता है ।
नए जीवनरक्षक टीके और अन्य उपकरण : – अमेरिका स्थित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के एरेज लिबरमैन-एडेन तथा उनकी टीम ने प्राकृतिक रूप से उपलब्ध मृदा माइक्रोब्स से कम लागत वाली माइक्रोबियल फ्यूल सेल : एमएफसी: विकसित करने का प्रस्ताव दिया है जिसका इस्तेमाल किसी सेलफोन को रिचार्ज करने के लिए किया जा सकता है । इन फ्यूल कोशिकाओं को तैयार करने के लिए किसी तरह के परिष्कृत तत्वों की आवश्यकता नहीं पड़ती है और इन्हें स्थानीय तौर पर उपलब्ध पदाथरें का इस्तेमाल करते हुए ही आसानी से एसेंबल किया जा सकता है ।
– कनाडा स्थित यूनिवर्सिटी आफ ओटावा के मार्क-एंड्रयू लैंगलुइस ऐसे छोटे अणुओं का विकास करेंगे जिन्हें एक साथ मिलाकर एक टाक्सिक कंपाउंड बनाया जा सके और इसके जरिये सिर्फ एचआईवी संक्रमित कोशिकाएं ही विशेष रूप से खत्म किया जा सके । यदि यह सफल हो जाता है तो एचआईवी के उन्मूलन में यह कारगर प्रयोग हो सकता है ।
आगामी पीढ़ी की साफ-सफाई तकनीकों के लिए नवोन्मेषक विकास : – अमेरिका स्थित यूनिवर्सिटी आफ कैलिफोर्निया, सांता बारबरा के गुलेरमो बेजेन मानव अवशिष्ट को खंडित करने के एक नवोन्मेषक तरीके की खोज करेंगे और इसे उर्जा में परिवर्तित कर बिजली और ताप पैदा करेंगे ।
– ब्रिटेन स्थित लूवाट लिमिटेड के वर्जीनिया गार्डिनियर एक जलविहीन शौचालय का निर्माण करेंगे जिससे लोगों की गंधरहित पाचनक्रिया के लिए बायोडिग्रेडेबल फिल्म में एक पोर्टेबल काट्रेज में इस अवशिष्ट को परिवर्तित किया जा सके । यह डायजेस्टर ईंधन तथा खाद तैयार करेगा और स्थानीय अवशिष्ट निदान अर्थव्यवस्थाएं स्थापित करेगा ।
– घाना स्थित इंटरनेशनल वाटर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट के ओलुफ्यूक कोफी सब सहारा इलाके अफ्रीका में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए बाजार बिक्री वास्ते मानव अवशिष्टों से फर्टिलाइजर पैलेट विकसित करेंगे और बचे हुए अवशिष्टों से मानव स्वास्थ्य के नुकसान को कम करेंगे ।
ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस के बारे में
ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस (http://www.grandchallenges.org/Explorations/Pages/Introduction.aspx) 10 करोड़ अमेरिकी डालर का कार्यक्रम है जिसे बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन द्वारा वित्तीय सहायता मिलती है । वर्ष 2008 में लांच किया गया ग्रांड चैलेंजेज एक्सप्लोरेशंस ने अब तक 40 से अधिक देशों के तकरीबन 500 शोधकर्ताओं को पुरस्कृत किया है । यह विशाल कार्यक्रम किसी भी विभाग और किसी संगठन के सभी व्यक्तियों के लिए खुला है । यह कार्यक्रम महज दो पेज के छोटे आनलाइन आवेदनों के जरिये एक लचीला, गतिशील अनुदान-निर्माता प्रक्रिया का इस्तेमाल करता है और इसमें किसी तरह के प्रारंभिक आंकड़े की आवश्यकता नहीं पड़ती है । शुरुआती 100,000 डालर का अनुदान साल में दो बार दिया जाता है । सफल परियोजनाओं के लिए 10 लाख अमेरिकी डालर तक का अनुदान हासिल करने का यह अच्छा अवसर होता है ।
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का मूल्य समान है, इस सिद्धांत पर काम करते हुए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य और उत्पादनशील जीवन में मदद करने के लिए काम करती है । विकासशील देशों में यह लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाने और उन्हें भूख तथा अत्यधिक गरीबी से बाहर निकालने के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित रहती है । अमेरिका में यह संस्था यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी लोग खासकर न्यूनतम संसाधनों वाले व्यक्तियों को स्कूल तथा जीवन में सफलता पाने के लिए अवसरों की आवश्यकता होती है । वाशिंगटन के सिएटल में स्थित यह संस्था बिल एंड मेलिंडा गेट्स तथा वारेन बफेट के निर्देशन में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ रेकीज एवं सह-अध्यक्ष विलियम एच. गेट्स सीनियर के नेतृत्व में संचालित होती है । अधिक जानकारी के लिए देखें http://www.gatesfoundation.org
हाई-रिजोल्यूशन वाली तस्वीरों और फाउंडेशन के कामकाज के बारे में सूचनाओं के लिए कृपया निम्नलिखित वेबसाइट को देखें :-http://www.gatesfoundation.org/press-room/Pages/news-market.aspx स्रोत : बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन संपर्क : बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन 1 206 709 3400 या मीडिया एट गेट्सफाउंडेशन डाट ओआरजी पीआरन्यूजवायर- एशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर1 04300822 दि