आईईईई विशेषज्ञ : कल तकनीकी प्रगति, आज व्यवहारों में परिवर्तन वैश्विक स्थिरता के लिए आवश्यक ।

स्रोत: IEEE-44795
श्रेणी: General
 
 
 
01/06/2011 11:04:14:610AM
 
नई दिल्ली, 31 मई 2011 । पीआर न्यूजवायर – एशियानेट ।
चूंकि हम विश्व पर्यावरण दिवस मनाते हैं, इसलिए हमें बडे विचारों से जुडकर नवोन्मेष करने के साथ-साथ संरक्षण पर ध्यान केन्द्रीत करने की आवश्यकता है- ऐसा आईईईई के वैश्विक विशेषज्ञों का कहना है ।
जब समूची दुनिया पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर समारोह आयोजित करने की तैयारी में है, विश्व के तकनीकी पेशेवरों के सबसे बडे संगठन आईईईई से जुड़े भूमि-विशेषज्ञों ने कहा है कि पृथ्वी के महत्वपूर्ण लक्षणों की स्थिति सुधारने के लिए बहुत कुछ करने की आवश्यकता है जिसमें वनों का स्वास्थ्य, जल की स्वच्छता और उपलब्धता, जलवायु की स्थिरता और बसावटों का संरक्षण शामिल है ।
उन्होंने कहा कि इन चुनौतियों की विशालता का प्रबंधन करने के लिए उल्लेखनीय तकनीकी प्रगति के साथ-साथ समूची दुनिया के लोगों की दैनिक आदतों में परिवर्तन करने की आवश्यकता है ।
आईईईई के वरीय सदस्य और आईईईई के दिल्ली विभाग की कार्यकारिणी समिति के सदस्य दमन देव सूद ने कहा कि ‘‘भारत इस वर्ष के विश्व पर्यावरण दिवस आयोजनों का मेजबान देश है और इस दिशा में कार्रवाई का आहवान करने का इससे बेहतर अवसर दूसरा नहीं हो सकता ।’’ ‘‘हम जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अनेक गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं जिसे बढती जनसंख्या, औद्योगिकरण और शहरीकरण की वजह से बडे पैमाने पर जंगलों की कटाई अधिक गंभीर बना रहा है ।
इस वर्ष के आयोजन का विषय -‘वन : प्रकृति आपकी सेवा में ’ जंगलों के संरक्षण और स्वसंपोषित उपयोग की आवश्यकता को रेखांकित करता है और भारत के लिए मानदंडों का निर्धारण करता है क्योंकि इसकी आबादी में बढोतरी तथा अर्थव्यवस्था विकास लगातार हो रहा है। ’’ इस उद्योग में लगभग 26 वषरें के अनुभवों के बदौलत श्री सूद भारत में हरित पर्यावरणीय आंदोलनों के जोरदार प्रवक्ता हैं । उनकी गतिविधियों में वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना, स्वच्छतर पर्यावरण की प्रगति के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करना और ‘‘सस्टेनेबलइंडिया’’ नामक याहू ग्रूप का संचालन करना शामिल हैं ।
जहां लोगों को पर्यावरणीय स्थिरता के बारे में सीखने और विचारों का आदान-प्रदान करने का अवसर मिलता है । श्री सूद ने अर्थ डे, अर्थ आवर और पर्यावरण दिवस की गतिविधियों में सक्रियता के साथ हिस्सेदारी भी की है ।
श्री सूद ने कहा कि ‘‘टिकाउपन केवल अभियंताओं और तकनीकी लोगों के मतलब की चीज नहीं है, बल्कि यह हर उस व्यक्ति के काम का है जो उपलब्ध चीजों का उपयोग कर सकता है और स्वच्छ तकनीकों का समर्थन कर सकता है। चाहे यह जब जरूरत नहीं हो रोशनी को बंद कर देना या उर्जा की बचत करने वाली स्टार रेटेड घरेलू उपकरणों का उपयोग करना हो।’’ विश्व पर्यावरण दिवस के समर्थन में आईईईई पूरे जून महीने में टिकाउपन को लेकर साझीदारियों के बारे में विचारों के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने जा रहा है जिसे प्रत्येक व्यक्ति को परिवर्तन का माध्यम बनाने के मकसद से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरणीय कार्यक्रम ने एक पहलकदमी के रूप में तैयार किया है ।
अब फेसबुक पर आईईईई ग्रीन योर वर्ड चैलेंज को जीवंत देख सकते हैं:-  http://www.facebook.com/IEEEGreenYourWorld.. अक्षय उर्जा विशेषज्ञ सैफुर रहमान जो आईईईई के फेलो और वर्जिनिया टेक. यूनिवर्सिटी में उर्जा व वैश्विक पर्यावरण विभाग के निदेशक हैं, ने कहा कि ‘‘टिकाउपन का मतलब आपूर्ति का ध्यान रखने के साथ मांग का ध्यान रखना भी है।’’ उन्होंने कहा कि ‘‘उदाहरण के लिए अगर आप अपने मकान में 25 प्रतिशत कम उर्जा की खपत करते हैं, आप 25 प्रतिशत कम कोयला जला रहे हैं और इसप्रकार 25 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन कर रहे हैं ।’’ ‘‘इसका बडा प्रभाव होना है । याद रखें कि अभी पवन उर्जा की संस्थापित क्षमता केवल दो प्रतिशत है और सौर्य उर्जा केवल 0.2 प्रतिशत है । इन तकनीकों का बडी भूमिका निभाने में कई वर्ष लगने वाले हैं । इसलिए संरक्षण महत्वपूर्ण है। ’’ इसके साथ ही श्री रहमान ने उल्लेख किया कि तकनीकी उन्नयन नाटकीय बना रहने वाला है । तकनीकी नवोन्मेषों के बदौलत सौर्य पैनलों के मूल्य में केवल पिछले पांच महीने में 50 प्रतिशत की गिरावट आई है ।
उन्होंने कहा कि ‘‘बडे आयतन की भंडारण तकनीकों जैसे- कंप्रेस्ड पवन उर्जा भंडारण क्षमता से सौर्य और पवन उर्जा को पूरी रात बचकर रखना संभव हो सका है ।’’ पवन उर्जा के बारे में आईईईई डाट टीवी विडियो में श्री रहमान को देखें :-
http://www.ieee.org/portal/ieeetv/viewer.html?progId=77479

एक संगठन के रूप में आईईईई और उसके सदस्यों ने वैश्विक समुदाय को टिकाउ प्रबंधन अ5यासों, तकनीकों और पृथ्वी की निगरानी प्रणालियों का विकास इसतरह से करने के लिए प्रेरित किया है जिसका लाभ पूरी मानवता को हो सके ।
आईईईई ई4सी : 
(https://www.engineeringforchange.org/home) :परिवर्तन के लिए अभियंत्रण:गठबंधन का एक प्रमुख सदस्य है, जो ऐसा फोरम प्रदान करता है जहां आपस में संयोगित होने, साझीदारी करने, चुनौतियों का समाधान करने और जानकारियों के आदान-प्रदान करने की सुविधा मिलती है । पर्यावरणीय विषयों में जल, उर्जा, स्वच्छता और कृषि शामिल होते हैं ।
– पृथ्वी पर्यवेक्षण के बारे में आईईईई समिति 
(https://www.engineeringforchange.org/home): अर्थजाइन :र्: (http://www.ieee-earth.org/)
:: का प्रकाशन करती है जो जलवायु, पारिस्थितिकी, जल और कृषि से जुडे मसलों के टिकाउ विकास के बारे में आनलाइन स्रोत है ।
– आईईईई स्पेक्ट्रम (http://spectrum.ieee.org:: आईईईई का अग्रणी प्रकाशन है जिसमें पृथ्वी के अनुकूल विषयों पर हरित तकनीकों को नियमित रूप से प्रस्तुत करता है । उर्जा की किफायत करने वाली प्रकाश व्यवस्था के प्रदर्शन को सुधारने के बारे में आईईईई स्पेक्ट्रम द्वारा तैयार वर्णनात्मक स्लाइड प्रदर्शन को देखें :-
http://spectrum.ieee.org/slideshow/energy/environment/leaving-the-lights-on
– आईईईई के भीतर बहुविध समितियां, जैसे-आईईईई समुद्री अभियंत्रण :http://www.oceanicengineering.org/),
आईईईई फोटोनिक्स :: (http://www.photonicssociety.org/),
आईईईई जियोसाईस और रिमोट सेंसिंग :(http://www.grss-ieee.org), और आईईईई बिजली एवं उर्जा समितियां :
(http://www.ieee-pes.org);  पृथ्वी के स्वास्थ्य को सुधारने और निगरानी करने की तकनीकों को उन्नत बनाने के लिए आईईईई के भीतर कार्यरत अनेक समूहों में शामिल हैं।
आईईईई के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने या स्वसंपोषित उर्जा पहलकदमी के बारे में आईईईई के किसी सदस्य से बात करने के लिए कृपया संपर्क करें :-
आईईईईटीम :एैट: वेबेरसैंडविक डाट काम आईईईई के बारे में :- दुनिया का सबसे बडा तकनीकी पेशेवरों का संगठन आईईईई मानवता के फायदों के लिए तकनीकों का उन्नयन करने के प्रति समर्पित है ।
व्यापक रूप से उध्दृत होने वाले अपने प्रकाशनों, सम्मेलनों, तकनीकी मानदंडों और पेशेवर तथा शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से आईईईई विविध क्षेत्रों में विश्वसनीय स्वर है जिनमें विमानन प्रणाली, कंप्यूटर और दूरसंचार से लेकर जैव-चिकित्सकीय अभियंत्रण, विद्युत उर्जा और उपभोक्ता इलेक्ट्रोनिक्स शामिल हैं ।
अधिक जानकारी प्राप्त करें :- http://www.ieee.org.
. स्रोत :- आईईईई संपर्क :- बिदिशा सूरी कारपोरेट वायस वेबर सैंडविक 91 11 40501229 बिदिशा :एैट: कोर्वोसैंडविक डाट सीओ डाट आईएन या गाईलेन बार्थ आईईईई 1-732-562-5315 जी डाट बार्थ :एैट: आईईईई डाट ओआरजी