भ्रष्टाचार से मुकाबला- निहालश्री आमरेसेकरे ने 6 विस्फोटक पुस्तकें जारी कीं

स्रोत: Consultants 21 Asianet 45299
श्रेणी: Business and Finance
 
 
 
05/07/2011 9:26:22:780AM
 
भ्रष्टाचार से मुकाबला- निहालश्री आमरेसेकरे ने 6 विस्फोटक पुस्तकें जारी कीं कोलंबो, श्रीलंका, 1 जुलाई, 2001, पीआरन्यूजवायर- एशिया- एशियानेट ।
कंसल्टेंट्स 21 : पब्लिकेशंस : लिमिटेड के प्रतिष्ठित प्रोफेशनल और सामजिक कार्यकर्ता निहालश्री आमरेसेकरे : एफसीए, एफसीएमए, सीएमए, सीएफई : ने निम्नलिखित छह विस्फोटक पुस्तकों का लेखन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशन जारी किया है जिन्हें आथरहाउस यूएस ने प्रकाशित किया है और जिनमें कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार, धोखाधड़ी और आर्थिक अपराध से मुकाबले के लिए वास्तविक केस स्टडीज का आश्चर्यजनक खुलासा किया गया है : 1. ‘‘आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक एंड एडीबी एजेंडा आन प्राइवेटाइजेशन- श्रीलंकन इंश्योरेंस प्राइवेटाइजेशन, हैंडल्ड बाय प्राइसवाटरहाउसकूपर्स एंड अर्न्‍स्ट एंड यंग- एनुअल्ड एज अनलाफुल एंड इल्लिगल बाय सुप्रीम कोर्ट’’- इस पुस्तक में लेखक ने कानून प्रवर्तन की अनुपस्थिति का खुलासा किया है, साथ ही चैंबर आफ कामर्स तथा चार्टर्ड अकाउंटेंट्स इंस्टीट्यूट की संहिता का भी खुलासा किया है । 2. ट्रांसपेरेंसी एंड पब्लिक अकाउंटेबिलिटी- फिस्कल मिसमैनेजमेंट एंड लैक आफ पब्लिक अकाउंटेबिलिटी-केस स्टडी-श्रीलंका, ए कंट्री अंडर द परव्यू आफ आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, एडीबी’’- इसमें लेखक ने संवैधानिक अनिवार्यता और सामाजिक संबंधों, कानून तथा अटार्नी जनरल एवं न्यायपालिका के नियमों का जिक्र किया है । 3. ‘‘डेरिवेटिव, हेजिंग डील्स बाय सिटीबैंक, यूएसए, स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक, यूके, ड्यूश बैंक, जर्मनी, विद श्रीलंकन गवर्नमेंट्स पेट्रोलियम कारपोरेशन- ड्यूबियस एंड इल्लिगल?’’- इसमें लेखक ने अदालत की अवमानना और न्यायिक पक्षपात के मुद्दों को उठाते हुए कानून के समक्ष असमानता की स्थिति को दर्शाया है । 4. ‘‘कोलंबो हिल्टन होटल कंस्ट्रक्शन- फ्राड आन श्रीलंका गवर्नमेंट- श्रीलंकाज फर्स्ट डेरिवेटिव एक्शन इन ला’’ :राष्ट्रमंडल कानून की रिपोर्ट 1992 में जिक्र :- इसमें केपीएमजी फोर्ड रोड्स थार्नटन एंड कंपनी और आडिटर्स के साथ साथ जापान की कंपनियों मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड, तेसेई कारपोरेशन और योजो शिबाता एसोसिएट्स आर्*टेक्ट्स को लपेटा गया है । 5. ‘‘आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक एंड एडीबी एजेंडा आन प्राइवेटाइजेशन- कोलंबो पोर्ट बंकरिंग प्राइवेटाइजेशन- एनुअल्ड एज इल्लिगल एंड फ्राडमेंट बाय सुप्रीम कोर्ट’’, जिसमें यूएन ग्लोबल कंपनी शामिल है- लेखक ने इसमें सुप्रीम कोर्ट के जजों की सात बेंचों के अनुवर्ती फैसलों का जिक्र किया है जिनमें आश्चर्यजनक तरीके से बताया गया है कि असहमत फैसले के दो मूल पन्नों को अंगोपयोग द्वारा हटा दिया गया है । 6. ‘‘आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक एंड एडीबी एजेंडा आन प्राइवेटाइजेशन- पिलेज आफ द प्लांटेशंस इन श्रीलंका’’- लेखक ने जिम्मेदारी और कानून के नियमों की अनुपस्थिति का जिक्र किया है ।
लेखक जोर देकर कहते हैं कि ‘आर्थिक पर्यटन’ से ही ‘सशस्त्र आतंकवाद’ पनपा है जिसके परिणामस्वरूप मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है । लेखक ने पुस्तकों में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा है कि यह मानवता के लिए चिंता का विषय है और राष्ट्रीयता के हित से उपर हो गया है । गरीबी उन्मूलन योजनाएं बमुश्किल जगह बना पाती हैं और वह भी गरीबों की कीमत पर तथा उनके संसाधनों को ही लूटकर । इसमें सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव में लूट-खसोट होती है ।
पुस्तकें प्रकाशकों, आथरहाउस यूएस एंड यूके के पास उपलब्ध हैं : www.authorhouse.com , www.authorhouse.co.uk और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख ई-रिटेलरों के पास । अधिक जानकारी : www.consultants21.com/publications
 स्रोत : कंसल्टेंट्स 21 : पब्लिकेशंस : लिमिटेड
पीआरन्यूजवायर- एशिया- एशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर1 07011800 दि