अंतरराष्ट्रीय सर्वे से अल्जाइमर के निदान और उपचार की दिशा में रुझान मिले

स्रोत: Alzheimer Asianet 45535
श्रेणी: Medical and Health Care
 
 
 
21/07/2011 7:23:12:140AM
 
अंतरराष्ट्रीय सर्वे से अल्जाइमर के निदान और उपचार की दिशा में रुझान मिले पेरिस, 20 जुलाई, 2011, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
– अल्जाइमर की बीमारी कैंसर के बाद दूसरी बड़ी खतरनाक बीमारी – दुनिया के ज्यादातर हिस्सों को याददाश्त कम होने और भ्रम की स्थिति के बारे में ब्योरा देने वाले निदान की चाहत है ।
अल्जाइमर यूरोप द्वारा पेरिस में आयोजित और हार्वर्ड स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ द्वारा संचालित अल्जाइमर्स एसोसिएशन :आर: इंटरनेशनल कान्फ्रेंस 2011 :एएआईसी 2011: में आज एक सर्वे की रिपोर्ट पेश की गई जिसके मुताबिक लोग कैंसर के बाद सबसे ज्यादा खौफ अल्जाइमर से ही खाते हैं और इसलिए एक बड़ी तादाद जब खुद में या अपने चहेतों में याददाश्त खोने और भ्रम की स्थिति पाते हैं तो तुरंत डाक्टरों के पास पहुंचते हैं या इसके मूल्यांकन के लिए व्यग्र हो जाते हैं ।
अल्जाइमर के शुरुआती लक्षण वाले व्यक्तियों द्वारा चिकित्सीय जांच नहीं कराया जाना चिंता का विषय है और इसलिए उनमें शुरुआती पहचान तथा मेडिकल हस्तक्षेप का मौका नहीं मिल पाता है । इसी को देखते हुए अल्जाइमर यूरोप ने लोगों में इस रोग को लेकर नजरिया और भरोसे पर एक सर्वेक्षण कराया ।
अल्जाइमर यूरोप के कार्यकारी निदेशक जीन जार्जिस ने कहा, ‘‘इस सर्वे की वजह अल्जाइमर के शुरुआती निदान को बढ़ावा देने के महत्व से जुड़ी है और सच्चाई यह है कि शुरुआती निदान को इंग्लैंड, फ्रांस, नार्वे और स्काटलैंड की राष्ट्रीय मनोरोग परियोजनाओं में शामिल किया गया है । यूरोप में हम मौजूदा उपचारों के शुरुआती निदान और फायदों से संबंधित मूल्यों के प्रति कुछ चिकित्सा पेशेवरों के शून्यवादी नजरिये के कारण अब भी उनके विरोध का सामना कर रहे हैं । हमें उम्मीद रही है कि जनमत सर्वेक्षण इस रोग का निदान पाने और इससे मुकाबले की इच्छाशक्ति को जाहिर करेगा ।’’ एएआईसी 2011 में पेश किए गए आंकड़े हार्वर्ड स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ द्वारा पांच देशों में संचालित सर्वेक्षण पर आधारित हैं । इस अध्ययन को बेयर की ओर से अल्जाइमर यूरोप को मिले अनुदान की मदद से संचालित किया गया । 18 साल और इससे अधिक आयु के कुल 2,678 व्यक्तियों का फरवरी 2011 में टेलीफोन के जरिये इंटरव्यू कराया गया जिनमें फ्रांस : संख्या 529 :, जर्मनी :499:, पोलैंड :509:, स्पेन :502: और अमेरिका :639: जैसे देश शामिल हैं ।
अल्जाइमर्स एसोसिएशन के मुख्य चिकित्सा और वैज्ञानिक पदाधिकारी विलियम थीज, पीएचडी ने कहा, ‘‘विश्व अल्जाइमर्स रिपोर्ट 2010 के मुताबिक, अल्जाइमर 21वीं सदी का सर्वाधिक गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संकट है । अल्जाइमर की बीमारी और पागलपन से पीड़ित लोगों की एक बड़ी संख्या परिवारों तथा देशों दोनों के लिए संयुक्त रूप से आर्थिक बोझ बनती जा रही है जिससे अल्जाइमर इस पीढ़ी की खतरनाक बीमारी बन गई है । हालांकि यदि सरकारें पर्याप्त ठोस निवेश के जरिये राष्ट्रीय शोध एवं देखभाल रणनीतियों के विकास के लिए तत्काल कार्यवाही करे तो अल्जाइमर और मनोरोग के प्रभाव को कम किया जा सकता है ।’’ पांच में से चार देशों में अल्जाइमर को ऐसा रोग माना गया है जिससे लोग कैंसर के बाद सबसे ज्यादा डरते हैं । पांचवें देश पोलैंड में अल्जाइमर को इस मामले में कैंसर और हृदय रोग के बाद तीसरे नंबर पर रखा गया है । सर्वे में कैंसर-अल्जाइमर से सर्वाधिक डरने वाले लोगों का प्रतिशत इस प्रकार रहा : फ्रांस 41.0-26.9 प्रतिशत, जर्मनी 43.8-23.6 प्रतिशत, पोलैंड 43.1-12.1 प्रतिशत, स्पेन 48.5-23.6 प्रतिशत, अमेरिका 39.3-21.9 प्रतिशत । रायशुमारी में शामिल लोगों की बड़ी संख्या इस बात से खौफजदा थे कि वे या उनके परिवार का कोई सदस्य अल्जाइमर के रोग से अन्य देशों की अपेक्षा : 43 प्रतिशत से 95 प्रतिशत : एक बड़े अंतर से प्रभावित हो जाएंगे ।
सर्वेक्षण के जरिये लोगों में व्याप्त इतना खौफ दर्शाता है कि अल्जाइमर को खासकर अमेरिका के बाहर एक खतरनाक बीमारी के रूप में चिह्नित किया गया है । क्या आप समझते हैं कि अल्जाइमर की बीमारी जानलेवा है या नहीं? इस सवाल का हां में जवाब देने वाले लोगों का प्रतिशत इस प्रकार रहा : फ्रांस में 44.4 प्रतिशत, जर्मनी में 32.7 प्रतिशत, पोलैंड में 34.3 प्रतिशत, स्पेन में 41.7 प्रतिशत, अमेरिका में 61.0 प्रतिशत ।
सर्वे में शामिल लोगों का सर्वाधिक प्रतिशत- पांच में से प्रत्येक देश में दस में से आठ : 85-95 प्रतिशत : ने कहा कि यदि वे खुद को भ्रम की स्थिति या याददाश्त खत्म होने की स्थिति में पाते हैं तो वे डाक्टर के पास यह सुनिश्चित करने के लिए जाते हैं कि क्या वाकई वे अल्जाइमर के रोग के लक्षणों से पीड़ित हो चुके हैं । परिवार के किसी सदस्य में याददाश्त कम होने या इसके मूल्यांकन के लिए डाक्टर से परामर्श लेने का अनुभव पाने वाले लोगों की संख्या सर्वाधिक :94-99 प्रतिशत : रही ।
ज्यादातर रायशुमारियों का मानना था कि अल्जाइमर के रोग का विकास कम करने के लिए अब एक प्रभावी मेडिकल या फार्मास्यूटिकल उपचार आ चुका है और इसके लक्षणों को कम गंभीर :27-63 प्रतिशत : बनाया जा सकता है । 38 से 59 प्रतिशत लोगों का मानना था कि कोई व्यक्ति अल्जाइमर रोग के शुरुआती चरण में है या नहीं, इसकी पहचान करने के लिए वर्तमान में विश्वसनीय जांच प्रक्रिया उपलब्ध हो चुकी है : हालांकि इनमें से कोई अभिमत सही नहीं है : ।
हार्वर्ड स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ में हेल्थ पालिसी एंड पालिटिकल एनलिसिस के प्रोफेसर राबर्ट ब्लेनडन, एससीडी ने कहा, ‘‘ज्यादातर लोगों ने इस रोग के वैकल्पिक उपचार तथा मेडिकल परीक्षण की संभावना को लेकर अत्यधिक उम्मीदें पाल रखी हैं । डाक्टरों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे मरीजों से बात करें कि किस तरह का उपचार और परीक्षण विकल्प उपलब्ध हैं या किस तरह का नहीं उपलब्ध है ।’’ सर्वे में लोगों ने अल्जाइमर रोग के नए उपचार पर शोध के लिए बढ़ते सरकारी खर्च को लेकर ठोस समर्थन देने का जिक्र किया है : फ्रांस में 82.6 प्रतिशत, जर्मनी में 68.2 प्रतिशत, पोलैंड में 74.7 प्रतिशत, स्पेन में 83.0 प्रतिशत, अमेरिका में 67.4 प्रतिशत । हालांकि सर्वे में शामिल ज्यादातर लोगों ने कहा कि इससे बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि वे राष्ट्रीय कार्यालय में मौजूद किसी उम्मीदवार के लिए कैसे मतदान करते हैं ।
जार्जिस ने कहा, ‘‘हमारे सर्वे द्वारा जिस खौफ और चिंता का जिक्र नहीं किया गया है वह इस अनिवार्यता का प्रमाण है कि किस तरह के लोग अल्जाइमर के मुद्दे को उठाना चाहते हैं और इसे अंतत: खत्म करना चाहते हैं । सरकारों को अपने घटकों द्वारा व्यक्त इच्छाओं का अनुसरण करना चाहिए और अल्जाइमर पर शोध के लिए वित्तीय राशि बढ़ानी चाहिए ।’’ जार्जिस ने आगे कहा, ‘‘सर्वे में शामिल लोगों द्वारा व्यक्त निदान पाने की इच्छाशक्ति बेहद उत्साहजनक है, हालांकि इसके लिए बेहतर जनशिक्षा अनिवार्य है । हमें इस रोग के निर्णायक शुरुआती परीक्षण और प्रभावी उपचार की उपलब्धता को लेकर संभावित अवास्तविक उम्मीदों के बारे में बताने की जरूरत है जबकि रोग के संशोधित उपचारों के अभाव में निदान पाने के लिए सकारात्मक कारण प्रदान करने की जरूरत है ।’’ एएआईसी के बारे में अल्जाइमर्स एसोसिएशन इंटरनेशनल कान्फ्रेंस : एएआईसी : अपनी तरह का विश्व का सबसे बड़ा सम्मेलन है जो अल्जाइमर रोग तथा इससे संबंधित गड़बड़ियों के कारण, निदान, उपचार तथा रोकथाम के बारे में सफल शोध एवं जानकारी पर रिपोर्ट पेश करने तथा चर्चा करने के लिए पूरी दुनिया के शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाता है । अल्जाइमर्स एसोसिएशन के शोध कार्यक्रम के एक हिस्से के तौर पर एएआईसी मनोरोग के बारे में नई जानकारी जुटाने के लिए एक उत्प्रेरक का काम करता है और एक अहम तथा कालेज स्तरीय शोध समुदाय को प्रेरित करता है ।
अल्जाइमर्स एसोसिएशन के बारे में अल्जाइमर्स एसोसिएशन विश्व में अल्जाइमर पीड़ितों की देखभाल, समर्थन और इस पर शोध करने वाली एक अग्रणी स्वैच्छिक स्वास्थ्य संस्था है । हमारा उद्देश्य अल्जाइमर रोग को शोध में आधुनिकता लाने के जरिये खत्म करने का है और सभी प्रभावितों के लिए देखभाल तथा सहयोग प्रदान करना एवं बढ़ाना है और मस्तिष्क स्वास्थ्य को उन्नत बनाने के जरिये मनोरोग के खतरे को कम करना है । हमारा नजरिया विश्व को अल्जाइमर विहीन बनाने का है । देखें http://www.alz.org या काल करें 800 272 3900
स्रोत : अल्जाइमर्स एसोसिएशन संपर्क : अल्जाइमर्स एसोसिएशन मीडिया लाइन : 1 312 335 4078, मीडिया एट एएलजेड डाट ओआरजी, एएआईसी 2011 प्रेस रूम, 16-21 जुलाई : 33 :0: 57 25 20 35 पीआरन्यूजवायर- एशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर4 07202124 दि