अल्जाइमर्स एसोसिएशन इंटरनेशनल कांफ्रेंस 2011 से शोध को बढ़ावा मिला

स्रोत: AAIC ASIANET 45538
श्रेणी: Medical and Health Care
 
 
 
21/07/2011 9:17:30:193AM
 

अल्जाइमर्स एसोसिएशन इंटरनेशनल कांफ्रेंस 2011 से शोध को बढ़ावा मिला
 

 


 

नये रिपोर्ट ने शीघ्र अनुसंधान और वैश्विक सहयोग पर प्रकाश डालने का काम कियाफ्रांसीसी राष्ट्रपति सरकोजी ने नेशनल अल्जाइमर्स प्लान के बारे में शोधकर्त्ताओं से चर्चा की इस हफ्ते , 5000 से ज्यादा वैज्ञानिक पेरिस में आयोजित होने वाले अल्जाइमर्स एसोसिएशन इंटरनेशनल कांफ्रेंस 2011 :एएआईसी: में एल्जाइमर्स पर हुये रिसर्च पर की गई अपनी नवीन प्रगति पर रिपोर्ट पेश करेंगे वैज्ञानिकों ने 21वीं सदी की स्वास्थ्य महामारीअल्जाइमर्स रोग और अन्य मनोभ्रंश, के बारे में शीघ्र पता लगाने, चिकित्सीय हस्तक्षेप और वैश्विक मानकीकरण के बारे में प्रस्ताव रखा और चर्चा की
अल्जाइमर्स एसोसिएशन के मुख्य मेडिकल और साइंटिफिक अधिकारी, पीएचडी, विलियम थीयस, ने कहा, ‘‘ अल्जाइमर्स अमेरिका और पूरे विश्व में चौंकाने वाली दर से बढ़ रही है ’’ ‘‘इस साल हुये अल्जाइमर्स एसोसिएशन इंटरनेशनल कांफ्रेंस से अच्छी खबर यह है कि हम लोग अल्जाइमर्स का पहले ही पता चलाने की तरफ आगे बढ़ रहें हैं, यह वैश्विक वैज्ञानिक के लगातार सहयोग का परिणाम है ’’ थाइस ने कहा, ‘‘यह विकास उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है जो लम्बे समय तक, स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं और अल्जाइमर की वजह से होने वाली शारिरीक अक्षमता तथा मृत्यु से निजात पाना चाहते हैं रोग को शुरू की प्रक्रिया में ही पहचान करलक्षण के प्रत्यक्ष दिखने से पहले हीतथा इसका पहले से ही उपचार कर के ही हम इसे पूरा कर पायेंगे इसलिए सच में महत्वपूर्ण यही है कि हरेक व्यक्ति अल्जाइमर्स रोग से लड़ने के लिए आगे आये अमेरिका में, अल्जाइमर्स असोसिएशन सार्वजनिक प्रयासों की अगुवाई के जरिए हाल ही में पारित किये गये नेशनल अल्जाइमर्स प्रोजेक्ट एक्ट के बारे में जानकारी दे रहा है और उसको लागू करा रहा है आगामी अगस्त माह में पूरे काउंटी में पब्लिक इनपुट सत्रों की श्रृंखला का आयोजन होगा इसके बारे में ज्यादा जानने या इसमें संलग्न होने के लिए कृपया http://www.alz.org पर जायें ।’’ फ्रांसीसी राष्ट्रपति सरकोजी ने समूची दुनिया से आये अल्जाइमर्स वैज्ञानिकों को सम्बोधित किया फ्रांसीसी राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी ने एएआईसी 2011 में उपस्थितगणों को फ्रांसीसी नेशनल अल्जाइमर्स प्लान के विकास और कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी 2008 में शुरू किया गया, फ्रांसीसी प्लान के तीन स्तंभ है : :1: उन लोगों या उन परिवारों के जीवनस्तर को सुधारना जो इस मनोभ्रंश से गुजर रहें हैं : :2: फ्रांसीसी समाज को अल्जाइमर के खिलाफ लड़ने में संघटित करना : और :3: अल्जाइमर के अनुसंधान को बढ़ावा देना
अल्जाइमर्स एसोसिएशन के मुताबिक, फ्रांस का नेशनल अल्जाइमर्स प्लान दुनिया के दूसरे देशों में इसी तरह के प्लान के निर्माण के लिए मॉडल होगा यह एक उदाहरण है कि राष्ट्रीय नेतृत्व अल्जाइमर को एक गम्भीर मसला मानता है जिसे सम्बोधित करने की जरूरत है क्योंकि यह उम्रदराज हो रही आबादी देश पर स्वास्थ्य और वित्तीय प्रभाव डालेगीनेतृत्व जो कहता है कि हमें भविष्य की योजना बनानी है, गम्भीर अनुसंधान में निवेश करना है और इससे प्रभावित लोगों को संसाधन उपलब्ध कराने हैं
एएआईसी 2011 से लिए गये शोध के मुख्य अंशएएआईसी 2011 में प्रस्तुत किये गये दो अध्ययन मस्तिष्क की चोट और हल्के संज्ञानात्मक दुर्बलता :एमसीआई:के बीच सम्बंधों को स्पष्ट करने पर केन्द्रित थे बड़ी उम्र के बुजुर्ग जिन्होंने ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी :टीबीआई: का अनुभव किया है ने मनोभ्रंश का जोखिम दोगुने से ज्यादा दर्शाया सात साल के दौरान, देखा गया कि उन लोगों के मुकाबले जिन्हें टीबीआई नहीं था उनमें डेमनिशिया का जोखिम 7 प्रतिशत से कम था वहीं डेमनेशिया वालों का प्रतिशत 15 प्रतिशत से थोड़ा ज्यादा था
दूसरे अन्य प्रारंभिक अध्ययन में, शोधकर्त्ताओं ने अमेरिका के पूर्व एनएफएल फुटबॉल खिलाड़ियों के दो समूहों पर किये गये संज्ञानात्मक परीक्षण के परिणामों की तुलना की : :1:एक तरह के 41 व्यस्कों में कोई संज्ञानात्मक बदलाव नहीं दिखा और :2: 81 लोगों के सैम्पल में माइल्ड कोगनिटिव इम्पेयरमेंट :एमसीआई: के लक्षण पाये गये शोधकर्त्ताओं ने पाया कि पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी गैर एथलीटों के मुकाबले एमसीआई के जोखिम में ज्यादा थे एमसीआई वाले एथलीट्स का सैम्पल टेस्ट परिणाम दूसरे समूह के एमसीआई जैसा ही था, अंतर सिर्फ यह था कि एथलीटों की दुर्बलता उनसे कम थी और वो उनसे काफी युवा थे
ब्रेन इंजरी और डेमनेशिया के जोखिम में क्या संबंध है यह अस्पष्ट ही रहा, जहां कुछ अध्ययनों ने बताया की उसमें जोखिम बढ़ा तो वहीं कुछ ने इनके बीच कोई संबंध नहीं पाया यह एक बेहद जरूरी विषयण् है जिस पर ज्यादा रिसर्च को तवज्जो दिये जाने की जरूरत है ब्रेन हेल्थ और अल्जाइमर्स के जोखिम के बारे में ताजा जानकारी चाहते हैं तो http://www.alz.org पर जायें
एएआईसी 2011 ने एक सुझाव पर अध्ययन रिपोर्ट दी जिसमें बताया गया कि उन लोगों की स्थिति में गिरावट आम होती है जिनके मस्तिष्क में बदलाव अल्जाइमर्स की वजह से जल्द आता है उन्होंने तुल्नात्मक दृष्टि से संज्ञानात्मक स्वस्थ बुजुर्ग व्यस्क को प्रीक्लीनिकल एल्जाइमर्स के साथ और उसके बिना भी गिरे हुये दर को मापा, जिसे ब्रेन पीईटी स्कैन ने निर्धारित किया जो एमेलायड कहलाने वाले टॉक्सिक प्रोटिन में जमा था वो लोग जिनमें एमलायड का जमाव था में गिरावट का जोखिम दोगुना था इस अध्ययन के परिणाम ने यह भी बताया कि कुछ लोगों के चाल और संतुलन में आया बदलाव, अल्जाइमर्स के प्रारंभिक लक्षण हो सकते हैं, जो याददाश्त में आये बदलाव से पहले ही होते हैं
पहले के शोधों ने अल्जाइमर्स के संभावित खतरों के कई परिवर्तनीय जोखिम कारकों को पहचाना था हालांकि, यह अस्पष्ट रहा, कि ज्यादातर जीवन जीने के तरीके पर आधारित जोखिम कारकों में बदलाव लाने से अल्जाइमर्स के मामलों में कमी आयेगी एएआईसी 2011 में, शोधियों ने वैश्विक जोखिम वाले अल्जाइमर्स का एक नया मैथमैटिकल मॉडल प्रस्तुत किया जिसने सुझाया कि ज्ञात व्यापकता , लाइफस्टाइलआधारित, जीर्ण रोग के जोखिम कारकों को 25 प्रतिशत तक कम करने से संभावित तौर पर विश्वभर में अल्जाइमर्स के 3 मिलियन मामलों में कमी आयेगी, जिनमें अमेरिका में ही करीब आधा मिलियन शामिल हैं
वैज्ञानिकों ने मैथमैटिकल मॉडल द्वारा अल्जाइमर्स के मामलों के प्रतिशत की गणना की जो मधुमेह, मिडलाइफ उच्च रक्तचाप, मिडलाईफ मोटापा, धूम्रपान, अवसाद, कम शिक्षा प्राप्ति और शारीरिक निष्क्रियता के लिए उत्तरदायी है शोधियों ने चेतावनी दी है कि यह एक धारणा पर बना अनुमान है जो अभी तक साबित नहीं किया गया हैकि परीक्षण किये गये जोखिम कारकों तथा अल्जाइमर्स रोग के बीच कोई कारणात्मक सम्बंध है, तथा जोखिम कारकों में परिवर्तन अल्जाइमर्स के जोखिम को कर सकता है

पेरिस में आयोजित एएआईसी 2011 में आये शोधियों कि प्रारंभिक निष्कर्ष में उम्रदराज वयस्कों के समूह के समय के साथ सामान्य संज्ञानात्मक कार्य को बनाये रखने की विशिष्टता पर रिपोर्ट किया वैज्ञानिकों ने रिपोर्ट किया कि अपने अध्ययन समूह में , सबसे आवश्यक कारक जो कि स्वस्थ बोध को बनाये रखने से कामयाब रहा है में, तनाव, चिंता, अवसाद, घातक को कम करने के ढेर सारे उपाय थेइनमें भी वो लोग भागीदार थे जिन्होंने अपने जीवन में खतरनाक बीमारी, हिंसा ,या व्यसनी अभिभावकों और जीवनसाथी को झेला है जांचकर्ताओं ने परिकल्पना की कि विक्षुब्ध जीवन की घटनाओं में लौटाव से सम्भव है कि सकारात्मक मुकाबला शैलियों और व्यक्तित्व विशेषता ‘‘कर्तव्यनिष्ठा’’ से सम्बंधित हो सकता है
बापीन्यूजुमाब :प्फाइजर, जैनस्सन अल्जाइमर्स इम्यूनोथेरेपी : एक निष्क्रिय इम्यूनोथेरेपी है जो कि हलके और मध्यम अल्जाइमर्स रोग के लिए टेस्ट किया जा रहा है बापीन्यूजुमाब के फेस टू अध्ययन के परिणाम वाले प्रारंभिक रिपोर्टस ने वैसोजेनिक एडिमा :वीई: के साइड इफेक्ट के बारे में ध्यान दिलाया है दो अध्ययन जो कि एएआईसी 2011 में प्रस्तुत किये गये में :1: फेस टू सेफ्टी परिणाम का पुनमूल्यांकन, और :2: 78 हफ्तों के परे बापीन्यूजुमाब के उपचार के दीर्घकालिक सेफ्टी डेटा पर पहली रिपोर्ट के बारे में बताया गया है
दीर्घकालिक सुरक्षा परिणाम चल रहे फेस टू एक्सटेंशन स्टडी के ओपनलेबल में से एएआईसी2011 में रिपोर्ट किये गये छियासी :86: लोगों को बापीन्यूजुमाब का उपचार करीब तीन साल मिला और 43 को इस अंतरिम विश्लेषण के करीब 4 साल तक मिला कुल मिलाकर, बापीन्यूजुमाब आमतौर पर अच्छी तरह से सहनीय था और इसके साइड इफेक्ट हलके थे इस अध्ययन की सबसे उत्साहजनक खोज यह रही कि वीई :अब एआरआईए से निर्दिष्ट: समय के अनुसार कम होता दिखा एआरआईए के विकास का जोखिम ड्रग के बढ़ते हुये सम्मिश्रण के साथ खत्म हो गया : 1 से 3 के लिए 6.7 प्रतिशत इंफ्यूशन्स से 4-10 के लिए 2.7 प्रतिशत का सम्मिश्रण
दो न्यूरोरेडियोलॉजिस्ट ने बापीन्यूजुमाब अध्ययन के दूसरे फेस में 262 भागीदारों के 2,000 से ज्यादा एमआरआई इमेजों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा की वैज्ञानिकों ने पाया कि एआरआईए के लिए जोखिम कारकों में एपीओई4 :अल्जाइमर्स के लिए अनुवांशिक जोखिम कारक: और बापीन्यूजुमाब की उच्च डोज दोनों ही, पिछली अवलोकन के अनुरूप शामिल थी शोधियों के अनुसार, इस अध्ययन में निर्धारित जोखिम कारकों ने सुझाया कि छवियों में यह असमानता मस्तिष्क की रक्त वाहनियों में से एमायलायड के संचय और निकासी से संबंधित थी
अल्जाइमर्स शोध का मुख्य उददेश्य मस्तिष्क की कोशिकाओं के नुकसान और हानि को बचाना थारोग प्रक्रिया की शुरूआत में ही हस्तक्षेप करकेप्रत्यक्ष दिखने वाले लक्षणों के दिखने से बहुत पहले ही, क्योंकि फिर उस समय तक इस रोग का प्रभावी तरीके से उपचार करने में देर हो जाती 2008 में, यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग ने डॉमिनेंटली इंहेरिटेड अल्जाइमर्स नेटवर्क :डीआईएएन: स्टडी को वित्तीय सहायता भी दी, जिसे एक अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क ने 11 अग्रणी रिसर्च केन्द्रों पर संचालित किया और सेंटलुईस के वॉशिंग्टन यूनिवर्सिटी पर निर्देशित किया डीआईएएन अध्ययन युवाऑनसेट पारिवारिक अल्जाइमर्स को जांच रहा है जो कि विरल अनुवांशिक परिवर्तन के कारण होते हैं डीआईएएन के पास अब सबसे बड़ा और विश्वस्तर पर विस्तृत शोध नेटवर्क है जो प्रमुख तौर पर विरासत में मिले अलजाइमर्स को जांच रहा है जीन की वजह से उन अल्जाइमर्स के विरले व्यक्तियों पर अध्ययन जिन्हें रोग होना तय है, के द्वारा हम बड़े स्तर पर अल्जाइमर्स से पीड़ित बहुसंख्यक लोगों के बारे में और जान सकते हैं
एएआईसी 2011 में, डीआईएएन शोधकर्त्ताओं ने डीआईएएन भागीदारों के पहले समूह से नैदानिक, संज्ञानात्मक, एमआरआई, पीईटी, सेरिब्रोस्पाइनल फ्लुइड :सीएसएफ:, तथा ब्ल्ड बायोमार्केर्स को प्रस्तुत किया डीआईएएन का पंजीकरण में लोगों की कुल संख्या आखिरकार 400 व्यक्तियों तक बढ़ेगी: एएआईसी में, वैज्ञानिकों ने प्रारंभिक 150 नामांकितों में से डेटा रिपोर्ट किया परिणामों ने मस्तिष्क की कैमिस्ट्री और छवि में आये बदलावों ने सुझाया कि अल्जाइमर्स के होने कि अपेक्षित उम्र 10 या कभी कभी 20 वर्ष पहले भी पता की जा सकती है शोधियों के मुताबिक, परिणामों ने इस विशिष्ट आबादी में साध्यता और अल्जाइमर्स के रोकथाम के लिए अध्ययन के वायदे को दर्शाता है
जैसे जैसे अल्जाइमर्स के क्षेत्र में रोग के नये और प्राथमिक परीक्षण की तरफ बढ़ रहें हैं, वैसे वैसे अभिनव वैश्विक अनुसंधान पहल अल्जाइमर्स बॉयोमार्कर्स की पुष्टि और मानकीकरण की तरफ पहला प्रमुख कदम है बायोमार्कर कुछ ऐसा है जो रोग प्रक्रिया या बॉडी थेरेपी की प्रतिक्रिया दे रही है या नहीं इसको निष्पक्ष रूप से मापने का संकेतक है उदाहरण के लिए, दिल की बिमारी के लिण् रक्त चाप बायोमार्कर है। एएआईसी 2011 में प्रस्तुत दोनों अध्ययनों ने अल्जाइमर्स के वैश्विक मानकीकरण के महत्व को दर्शा दिया है और अन्तर्राष्टूीय डाटा को भी साझा कर रहा है
अल्जाइमर्स के तीन बहुअध्ययन केन्द्रों के डाटा के ब्रेन एमायलायड इमेजिंग के परिणाम तथा तीन महाद्वीपों के देशों में जातीयता और अनुवांशिकता के उन परिणामों पर पड़ने वाले प्रभाव की पहली बार तुलना की गई ये तीन अध्ययन हैं : अल्जाइमर्स डिजीज न्यूरोइमेजिंग इनीश्यिटिव :यूएयएडीएनआई:, ऑस्ट्रेलियन इमेजिंग बायोमार्कर और लाइफस्टाइल फ्लैगशिप स्टडी ऑफ एजिंग :एआईबीएल:, और जापानी अल्जाइमर्स डिजीज नूयरोइमेजिंग इंनीशियेटिव :जेएडीएनआई: उन्होंने पाया कि जापानी आबादी पर उम्र और जमे एमायलायड पर एपीओई4 का प्रभाव कॉकेशियन्स से मिलता जुलता है, जब्कि जापानियों में 4 एलेले फ्रीक्वेंसी कम है परिणाम सुझाते हैं कि तीन बहुराष्ट्रीय एडीएनआई डाटा सेट संयुक्त विश्लेषण के लिए साध्य हैं, जो अल्जाइमर्स रिसर्च क्ष़ेत्र के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है संयुक्त विश्लेषण परिणामों की शक्ति को बढ़ाता है, जातीयता के प्रभाव को कम करता है और निष्कर्ष को और ज्यादा एप्लीकेबल बनाता है अल्जाइमर्स एसोसिएशन की अगुवाई में विश्वस्तरीय एडीएनआई पहल से ओपन डाटा शेयरिंग का पहला प्रदर्शन था
सबसे पहले के अल्जाइमर्स संबंधित बदलाव को हिपोकैम्पस में आमतौर पर देखा गया, जो कि मस्तिष्क में चल रही गतिविधि का याददाश्तसंबंधी ‘‘नियंत्रण केन्द्र ’’ हैजो कि अल्जाइमर्स से प्रभावित होने वाला सबसे पहला क्षेत्र है कई प्रकाशित प्रोटोकॉल अब हिपोकैम्पल वॉल्यूम के आंकलन के लिए मौजूद है मानकीकरण प्रक्रिया के पहले फेस में, शोधियों ने कई उपलब्ध प्रोटोकॉलों का सर्वे किया रेखांकित कारणों को पहचानने के लिए कि क्यों वो अलग अलग मात्रा के अनुमान में परिणित हो रहें हैं इस काम को वित्तीय मदद अल्जाइमर्स एसोसिएशन से मिली अगला कदम अल्जाइमर्स रोग से सम्बंधित हिपोकैम्पल सिकुड़न के एकाकी प्रोटोकॉल को एमआरआईआधारित मूल्यांकन के लिए टेस्ट करना, उनका निर्माण और उन्हें सत्यापित करना होगा
एक व्यक्ति जिसे माइल्ड कोगनेटिव इम्पेयमेंट :एमसीआई:है उसे याददाश्त, बोली, या फिर अन्य मानसिक क्रियाकलाप की समस्या हो सकती है जो उनके द्वारा या अन्य लोगों द्वारा नोटिस करने के लायक होते हैं और टेस्ट में भी दिखते हैं हालांकि उनके रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित नहीं करते ऐसा नहीं है कि हर वो व्यक्ति जिसमें एमसीआई के लक्षण हो उसे अल्जाइमर्स ही हो हालांकि शोध ने दिखाया है कि जिन्हें एमसीआई है उनमें अल्जाइमर्स के विकसित होने का जोखिम अगले कुछ साल में बढ़ जाता है, वो भी तब जब उनकी मुख्य समस्या याददाश्त होती है वो कारक जो एमसीआई से अल्जाइमर्स डेमनेशिया के तरफ बढ़ने का इशारा करते हैं अल्जाइमर्स रिसर्च की मुख्य प्राथमिकता के तौर पर उभरते हैं एमसीआई पर वैश्विक परिपेक्ष्य जिनमें छह देश :ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, यूनाइटेड क्रिग्डम, तथा अमेरिका: शामिल हैं, पहली बार एएआईसी 2011 में उपस्थित रहे, उन्होंने भी पाया कि कई ऐसे सामान्य से कारक होते हैं जो एमसीआई से अल्जाइमर्स की ओर सांकेतिक तौर पर उभरते हैं , जिनमें : अवसाद, उदासीनता, चिंता, उम्र, रोजमर्रा के जीवन की गतिविधियों में क्षमता की हानि, हृदय कारकों :जिनमें हृदयाघात और मधुमेह: तथा शिक्षा का कम स्तर शामिल है अध्ययन में चिकित्सकों का भी व्यक्तिपरक स्मृति शिकायतों जो किसी भी स्वस्थ व्यक्ति में अल्जाइमर्स के योग्य संकेतक हो सकते हैं की तरफ ध्यान देने का आह्वान किया गया
यह माना जाता है कि बौद्धिक हस से पहले टॉक्सिक मॉल्युक्यूल का निर्माण जिन्हें बीटा एमायलायड कहते हैं अलजाइमर से पीड़ित व्यक्ति के दिमाग में होता है सटीक माप या फिर मस्तिष्क में एमायलायड जमाव का संकेतक सम्भव है कि पहले के निदान को उपलब्ध करा सकता है जिनकी संज्ञात्मक टेस्टिंग के वर्तमान तरीकों से तुलना हो सकती है , या यह बीमारी के बढ़ने या गम्भीरता की तरफ भी संकेत करता है एएआईसी 2011 में दो अध्ययनों की अल्जाइमर्स को पहचानने की, जो बीमारी की तरफ बढ़ाते हैं के नये तरीकों के रिपोर्ट की जांच की गई, इसमें भागीदारों को रिसर्च ट्रायल्स और थेरेपी के प्रभाव के लिए पहचाना गया एक अध्ययन में रक्त के माप को टॉक्सिक पदाथरें की मात्रा के मूल्यांकन के लिए प्रयोग में लाया गया जो मस्तिष्क में जमा है और उसे बीटा एमायलायड कहते हैं। दूसरे अध्ययन ने बताया कि सेरीग्रोस्पाइनल फलुइड :जिसमें बीटा एमायलायड शामिल है : में कुछ प्रोटिन्स का असामान्य स्तर जो कुछ कोगनिटिव इम्पेयमेंट लोगों में होता है दर्शाता है कि किसमें अल्जाइमर्स अगले 10 वषरें में बढ़ जायेगा
छोटे से पायलट स्टडी को एएआईसी 2011, में प्रस्तुत किया गया, शोधकर्ताओं ने पाया कि आंखों के पीछे रक्त वाहनियां सम्भावित अल्जाइमर्स रोग के बायोमार्कर्स के रूप में काम कर सकते हैं शोधियों ने पाया कि आंखों के पीछे की कुछ रक्त वाहनियां स्वस्थ व्यकित्यों के मुकाबले अल्जाइमर्स पीड़ित से अलग थीं, और वो ब्रेन इमेजिंग से सम्बंधित हैं जो अल्जाइमर्स का संकेतक है जहां ज्यादातर अल्जाइमर्ससम्बंधित पैथोलॉजी मस्तिष्क में होती है, रिपोर्ट के मुताबिक पता चला है कि इससे आंखों में भी कुछ बदलाव आया है, जो मस्तिष्क से काफी निकटता से जुड़ा है और चिकित्सक के कार्यालय में परीक्षा के लिए आसानी से उपलब्ध है
अध्ययन अभी प्रारंभिक स्तर पर है, लेकिन यह उत्साहवर्धक है
फ्रांस, जर्मनी, पोलैण्ड, स्पेन और अमेरिका के लोगों पर किये गये सर्वे के परिणाम से पता चला कि कैंसर के बाद लोग सबसे ज्यादा अल्जाइमर से ही डरते हैं , ज्यादा तर लोग कहते हैं कि अगर उनमें कोई भी लक्षण आते हैं याददाश्त को भूलने या भ्रम के तो वो डॉक्टर के पास जायेंगे चुनाव को बेयर के अल्जाइमर यूरोप के फंड से मदद मिली, और इसे हार्वर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ ने संचालित किया हालांकि कई प्रतिक्रिया करने वाले मानते हैं कि धीरे धीरे बढ़ने वाले अल्जाइमर के लिए कोई भी प्रभावी चिकित्सीय उपचार नहीं है : और कईयों ने बताया कि अभी भी कई ऐसे विश्वसनीय टेस्ट हैं जिनसे जाना जा सकता है कि पीड़ित व्यक्ति अल्जाइमर्स के प्रथम चरण पर है इनमें से कोई भी वकतव्य सही नहीं है वैज्ञानिकों का कहना है कि अल्जाइमर्स के बारे में बेहतर सार्वजनिक शिक्षा अतिआवश्यक है
एएआईसी के बारे में अल्जाइम्र्स एसोसिएशन इंटरनेशनल कांफ्रेंस 2011 :एएआईसी: अपनी तरह की दुनिया का सबसे बड़ा सम्मेलन है, जो समूची दुनिया के शोधकर्ताओं को अल्जाइमर्स रोग और इससे सम्बंधित व्याधियों के कारण, पहचान, उपचार और बचाव सम्बंधी अभूतपूर्व अनुसंधान और जानकारी को रिपोर्ट करने तथा चर्चा करने के लिए एकत्र करता है अल्जाइमर्स एसोसिएशन रिसर्च प्रोग्राम के हिस्से के तौर पर एएआईसी एक उत्प्रेरक का काम करता है डेमनेशिया के बारे में नई जानकारी के सृजन और एक महत्वपूर्ण , कालेजियल अनुसंधान समुदाय को बढ़ावा देने के लिए
अल्जाइम्र्स एसोसिएशन के बारे में
अल्जाइम्र्स एसोसिएशन अल्जाइमर्स के देखभाल, सहयोग और रिसर्च में दुनिया का स्वौच्छिक स्वास्थ्य संगठन है हमारा ध्येय रिसर्च की उन्नति, पीड़ितों की देखभाल और उनका सहयोग, तथा मस्तिष्क की सेहत के प्रसार के जरिए डेमनेशिया के जोखिम को कम करने के साथ ही अल्जाइमर्स रोग का उन्मूलन है हमारा मिशन दुनिया बगैर अल्जाइमर्स के है विजिट करें http://www.alz.org पर या फिर कॉल करें 800-272-3900.
स्रोत : अल्जाइमर्स एसोसिएशन सम्पर्क : अल्जाइमर्स एसोसिएशन मिडिया लाइन : 1-312-335-4078 मिडिया एट एएलजे डॉट ओआरजी, एएआईसी 2011 प्रेस रूम, जुलाई 16-21 : 33:0:1-57-25-20-35 पीआरन्यूजवायर:एशियानेट:किरण रंजन पीडब्ल्यूआर2 07202124 दि

पेरिस, 20जुलाई, 2011:पीआरन्यूजवायरएशियानेट:- –