गेट्स फाउंडेशन ने शौचालय में नए आविष्कार के प्रयास शुरू किए

स्रोत: Gates Foundation Asianet 45502
श्रेणी: Medical and Health Care
 
 
 
21/07/2011 8:27:20:990PM
 
गेट्स फाउंडेशन ने शौचालय में नए आविष्कार के प्रयास शुरू किए
किगाली, रवांडा, 19 जुलाई, 2011, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
नई रणनीति से विकासशील देशों में सुरक्षित और सुलभ, साफ-सफाई व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन ने विकासशील देशों में रह रहे करोड़ों गरीबों को सुरक्षित, स्वच्छ, साफ-सफाई सेवाएं पेश करने में मदद के लिए आज एक रणनीति शुरू करने की घोषणा की ।
किगाली में 2011 अफ्रीकासान कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए फाउंडेशन के वैश्विक विकास कार्यक्रम की अध्यक्ष सिल्विया मैथ्यूज बरवेल ने इस तत्काल चुनौती से निपटने के लिए दाताओं, सरकारों, निजी क्षेत्रों और गैर सरकारी संगठनों से अपील की जिससे विश्व की तकरीबन 40 फीसदी आबादी प्रभावित है । विकासशील देशों की एक बड़ी आबादी के बीच फ्लश वाले शौचालय उपलब्ध नहीं हैं और अरबों लोग सुरक्षित, विश्वसनीय शौचालय के अभाव से ग्रस्त हैं । एक अरब से अधिक लोग तो खुले में ही मलत्याग करते हैं ।
अफ्रीकन मिनिस्टर्स काउंसिल आन वाटर : एएमसीओडब्ल्यू : द्वारा साफ-सफाई एवं स्वच्छता पर आयोजित तीसरे अफ्रीकी सम्मेलन अफ्रीकासान में अपने संबोधन में बरवेल ने कहा, ‘‘पिछले 200 साल के दौरान शौचालय के लिए आविष्कार के जरिये साफ-सफाई व्यवस्था में बदलाव की तुलना में लोगों के जीवन बचाने तथा उनके स्वास्थ्य सुधार पर कोई खास काम नहीं हो पाया है । लेकिन साफ-सफाई व्यवस्था भी अधिकतम लोगों तक नहीं पहुंच पाई है । यह सिर्फ एक तिहाई विश्व तक ही पहुंच पाई है । हमें नई पहल करने, नए विचार पेश करने की जरूरत है । संक्षेप में कहा जाए तो हमें शौचालय में पुन: आविष्कार करने की जरूरत है ।’’ फाउंडेशन ने नए सैनिटेशन अनुदान के लिए 4.2 करोड़ डालर देने की भी घोषणा की है जिसका लक्ष्य अवशिष्ट एकत्रित और इसके भंडारण में नवीनता लाना होगा और इसकी प्रोसेसिंग अक्षय उर्जा, उर्वरक और स्वच्छ जल में की जाएगी । इसके अलावा फाउंडेशन खुले में मलत्याग की आदत खत्म करने तथा ऐसे सुलभ और दीर्घकालिक सैनिटेशन समाधानों की पहुंच बढ़ाने के लिए स्थानीय समुदायों के साथ समर्थन कार्य करेगी जिसे लोग इस्तेमाल करना चाहेंगे ।
संशोधित साफ-सफाई व्यवस्था वैश्विक स्तर पर करोड़ों लोगों के जीवन पर महत्वपूर्ण असर डाल सकती है । जो लोग बुनियादी साफ-सफाई व्यवस्था से वंचित हैं उनकी संख्या घटाकर आधी करना संयुक्त राष्ट्र के 2015 मिलेनियम डेवलपमेंट गोल्स का प्रमुख लक्ष्य है । सुरक्षित साफ-सफाई व्यवस्था होने से बच्चों में डायरिया के मामले 30 प्रतिशत तक घटेंगे और स्कूलों में उनकी उपस्थिति महत्वपूर्ण रूप से बढ़ेगी ।
अवशिष्टों को जमा करने और भंडारण करने की असुरक्षित पद्धतियों के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं और मौतें बढ़ रही हैं । हर साल डायरिया की बीमारी से लगभग 15 लाख बच्चे मर जाते हैं और इनमें से ज्यादातर मौतें सुरक्षित पेयजल एवं संशोधित स्वच्छता के साथ-साथ उचित साफ-सफाई व्यवस्था लागू करने से टाली जा सकती हैं ।
लेकिन बरवेल ने इस बात पर जोर दिया कि शौचालयों के नए आविष्कार करने को लेकर कोई जादू की छड़ी मौजूद नहीं है । सुरक्षित साफ-सफाई व्यवस्था से वंचित 2.6 अरब लोगों की जरूरतें स्वस्थ, सुलभ और टिकाउ उपाय अपनाने को लेकर हैं जिससे मानव मल को एकत्रित करने, उनका शोधन करने के बाद अन्य कार्यों में इस्तेमाल किया जा सके । सबसे महत्वपूर्ण यह कि दीर्घकालिक साफ-सफाई समाधान विकसित करने के लिए इसमें स्थानीय समुदायों के साथ साझेदारी करने की आवश्यकता है जिससे लोगों की जरूरतें पूरी की जा सके ।
फाउंडेशन और इसके भागीदार नए उपकरणों तथा प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए मिलकर काम कर रहे हैं जिससे जलविहीन, स्वच्छ शौचालय के विकास के जरिये साफ-सफाई के सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा सके और जिससे अवशिष्ट की प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग के लिए पिट खाली करने के सीवर कनेक्शन पर निर्भर नहीं रहा जा सके । विकसित किए जा रहे कई समाधान अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं जो मानव अवशिष्ट को ईंधन के रूप में विकसित कर सकते हैं और स्थानीय समुदाय को बिजली, फसलों में सुधार के लिए खाद या सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था कर सकते हैं ।
इस फाउंडेशन का एक भागीदार यूएस एजेंसी फार इंटरनेशनल डेवलपमेंट : यूएसएआईडी : है जो परियोजनाओं की वित्तीय सहायता के लिए अपने डेवलपमेंट इनोवेशन वेंचर्स के जरिये वाश फार लाइफ कार्यक्रम पेश करने जा रही है । इसके कार्यक्रम गरीबों को जल, साफ-सफाई और स्वच्छ सेवाएं प्रदान करने के लिए साक्ष्य आधारित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की पहचान, परीक्षण और इसमें मदद करते हैं । दोनों संस्थाएं इस चार वर्षीय उपक्रम के लिए 85 लाख डालर का योगदान करेंगी ।
फाउंडेशन और इसके भागीदार सुलभ समाधानों पर फोकस कर रहे हैं । इसकी साफ-सफाई सेवाओं का खर्च रोजाना प्रति व्यक्ति पर 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगा और इन्हें स्थापित करने, इस्तेमाल करने और बरकरार रखना आसान होगा । फाउंडेशन की रणनीति में उस साक्ष्य को शामिल करना है जो यह तय करता है कि लोग क्या चाहते हैं और वास्तव में कौन सा काम असरदार होगा । इसमें शिक्षा तथा जागरूकता बढ़ाने के जरिये ग्रामीण और शहरी दोनों समुदायों में संशोधित साफ-सफाई की मांगें बढ़ाना शामिल है । इसमें सैनिटेशन नीतियों को प्राथमिकता देने के लिए सरकारों और अन्य सार्वजनिक एवं निजी भागीदारों को जोड़ने के प्रयासों की वकालत करना भी शामिल है जो इस अनिवार्य मुद्दे को जोर-शोर से उठा सकें ।
अफ्रीकन वाटर एसोसिएशन के अध्यक्ष ममादू दिया ने कहा, ‘‘अफ्रीका में संशोधित साफ-सफाई व्यवस्था एक अनिवार्य मानव जरूरत है जिसे पूरा करने के लिए हमें निश्चित रूप से कार्यवाही करनी होगी । हम इस महत्वपूर्ण मसले पर नए ध्यानाकषर्ण, विचारों, और संसाधनों पर फोकस किए जाने के प्रयासों का स्वागत करते हैं ।’’ साफ-सफाई व्यवस्थ से महत्वपूर्ण आर्थिक लाभ मिलते हैं । संशोधित साफ-सफाई व्यवस्था उत्पादनशीलता में वृद्धि के तहत एक डालर के निवेश से 9 डालर का उपार्जन हो सकता है जिसमें स्वास्थ्य सेवा की लागत में कमी और बीमारी, अक्षमता और समय से पूर्व मौत रोकने में कमी आ सकती है । स्वच्छ और सुविधाजनक साफ-सफाई सेवाएं पाने वाले व्यक्ति अधिकतम इज्जत, निजता और सुरक्षा भी हासिल कर पाते हैं । यह विशेष रूप से महिलाओं और लड़कियों के लिए कारगर है जो अक्सर मासिक धर्म के दौरान काम पर या स्कूल जाने से वंचित रह जाती हैं और खुले में शौच या सार्वजनिक शौचालयों का इस्तेमाल करने के दौरान यौन उत्पीड़न के जोखिम झेलती हैं ।
नीदरलैंड के प्रिंस और जल एवं साफ-सफाई पर गठित संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सलाहकार बोर्ड के अध्यक्ष विलेम-एलेक्जेंडर ने कहा, ‘‘असुरक्षित साफ-सफाई व्यवस्था के कारण पनपने वाले रोगों की संख्या मोटे तौर पर विकासशील देशों में अस्पताल में इलाज कराने वालों की संख्या की तकरीबन आधी है । यह आंकड़ा अस्वीकार्य है क्योंकि यह सच है कि कई नीति निर्माता साफ-सफाई व्यवस्था पर बात करने से कतराते हैं और इस मुद्दे को कलंकित करते हुए एक ऐसा संकट बरकरार रखते हैं जिनके समाधान हमारी पहुंच में ही हैं ।’’ जल, साफ-सफाई और स्वास्थ्य फाउंडेशन के वैश्विक विकास कार्यक्रम का हिस्सा हैं जो कृषि विकास और वित्तीय सेवा समस्याओं जैसे मुद्दों को उठाती है जिनसे विश्व के निर्धनतम लोग प्रभावित हैं लेकिन उन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता है । इन नए अनुदानों के जरिये फाउंडेशन जल, साफ-सफाई एवं स्वास्थ्य के लिए 26.5 करोड़ डालर से अधिक की राशि देने को लेकर प्रतिबद्ध है । फाउंडेशन ने पांच साल के लिए इस क्षेत्र में अनुदान देने का फैसला किया है जबकि नई रणनीति साफ-सफाई व्यवस्था पर फोकस बढ़ाने को लेकर बनाई गई है । आज जिन नए निवेशों की घोषणा की गई है उनमें शामिल हैं : शौचालयों के लिए नए आविष्कार कुल 30 लाख डालर का यह अनुदान अफ्रीका, एशिया, यूरोप तथा उत्तरी अमेरिका की आठ यूनिवर्सिटीज को रोजाना पांच सेंट से भी कम की लागत पर सभी के लिए पाइप्ड-इन जल, सीवर कनेक्शन के बगैर या बिजली से वंचित एकमात्र इकाई के तौर पर शौचालय के लिए नए आविष्कार करने की चुनौती से निपटने की खातिर दिया जा रहा है । अनुदान पाने वालों में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलाजी, डेल्फ्ट यूनिवर्सिटी आफ टेक्नोलाजी, एडजेनोसिश एनस्टाल्ट फर वासरवर्सोरगंग, एबवेसरेइनिगंग एंड गेवासेर्सशुत्ज : ईएडब्ल्यूएजी :, नेशनल यूनिवर्सिटी आफ सिंगापुर, यूनिवर्सिई आफ क्वाजुलु-नताल, यूनिवर्सिटी आफ टोरंटो, डब्ल्यूईडीसी एट लोगबोरो यूनिवर्सिटी और स्टैनफोर्ट यूनिवर्सिटी फार ए हर्त्ज फेलोज मल्टी-यूनिवर्सिटी रिसर्च कोलेब्रेशन शामिल हैं ।
संपर्क : एमेंडाइन डी कोस्टर, एडीकोस्टर एट वेबरशैंडविक डाट काम, 32.2.894.90.17, वाश फार लाइफ
यू. एस. एजेंसी फार इंटरनेशनल डेवलपमेंट :यूएसएआईडी : के साथ कुल 1.7 करोड़ अमेरिकी डालर का समझौता किया गया है जिसके तहत गरीबों को जल, साफ-सफाई और स्वच्छता सेवाएं प्रदान करने के लिए साक्ष्य आधारित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की पहचान, परीक्षण और मदद की खातिर यूएसएआईडी तथा फाउंडेशन दोनों 85-85 लाख डालर प्रदान कर रहे हैं ताकि यूएसएआईडी के विकास नवोन्मेषक वेंचर कार्यक्रम चलाया जा सके । अधिक जानकारी के लिए इस साइट को देखें www.usaid.gov/div/washforlife
 अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक, अफ्रीकन वाटर फैसिलिटी
फाउंडेशन स्वच्छता की पायलट परियोजनाओं के विकास के लिए 1.2 करोड़ डालर की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा जिसके तहत सब-सहारा अफ्रीका में मल के अवशिष्टों के प्रबंधन की सेवाएं भी शामिल की जा सकती हैं । इसका लक्ष्य ऐसे 15 लाख शहरी गरीबों को सेवाएं प्रदान करना है जो अब स्वच्छता सेवाएं हासिल करने से वंचित हैं । संपर्क : केटिया थेरियाल्ट, के डाट थेरियाल्ट एट एएफडीबी डाट ओआरजी, 216.71.10.12.79 केन्यन वाटर सर्विसेज ट्रस्ट फंड एंड जर्मन एजेंसी फार इंटरनेशनल कारपोरेशन : जीआईजेड : जर्मनी और केन्या की सरकारों की वित्तीय मदद से चलाई गई एक परियोजना में फाउंडेशन 800,000 लोगों तक स्थायी साफ-सफाई सेवाएं पहुंचाने के प्रयास के तहत 1 करोड़ डालर दे रही है और केन्या के कम आय वाले शहरी इलाकों के 200,000 निवासियों को जल सेवाएं प्रदान कर रही है । संपर्क : फेलगोना ए. ओचियेंग, डब्ल्यूएसटीएफ, फेलगोना डाट ओचियेंग एट डब्ल्यूएसटीएफकेन्या डाट ओआरजी, 254.20.272.0696, रोलां वरचोटा, जीआईजेड, रोलां डाट वरचोटा एट जीआईजेड डाट डीई, 254.20.2719987, डा. चेरिस पोथिग, केएफडब्ल्यू, चेरिस डाट पोथिग एट केएफडब्ल्यू डाट डीई, 49 69 7431 4683 यूनेस्को-आईएचई इंस्टीट्यूट फार वाटर एजुकेशन 80 लाख डालर का यह अनुदान उन समाधानों पर फोकस बढ़ाने के जरिये पोस्टग्रैजुएट जल एवं साफ-सफाई शिक्षा प्रणाली परिवर्तित करने के प्रयास में सहयोग करेगा जो गरीबों के लिए काम करेंगे और लागत में कमी लाएंगे तथा उच्च शिक्षा की पहुंच बढ़ाने के लिए एक ठोस आनलाइन पाठ्यक्रम चलाएंगे ।
संपर्क : एलिदा फाम, ए डाट फाम एट यूनेस्को-आईएचई डाट ओआरजी, 31 15 2151722 बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का मूल्य समान है, इस सिद्धांत पर काम करते हुए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन सभी व्यक्तियों के स्वास्थ्य और उत्पादनशील जीवन में मदद करने के लिए काम करती है । विकासशील देशों में यह लोगों के स्वास्थ्य में सुधार लाने और उन्हें भूख तथा अत्यधिक गरीबी से बाहर निकालने के अवसर प्रदान करने पर केंद्रित रहती है । अमेरिका में यह संस्था यह सुनिश्चित करना चाहती है कि सभी लोग खासकर न्यूनतम संसाधनों वाले व्यक्तियों को स्कूल तथा जीवन में सफलता पाने के लिए अवसरों की आवश्यकता होती है । वाशिंगटन के सिएटल में स्थित यह संस्था बिल एंड मेलिंडा गेट्स तथा वारेन बफेट के निर्देशन में कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी जेफ रेकीज एवं सह-अध्यक्ष विलियम एच. गेट्स सीनियर के नेतृत्व में संचालित होती है । अधिक जानकारी के लिए देखें www.gatesfoundation.org या फेसबुक पर इस बातचीत में शामिल होने के लिए इस पते पर जाएं : (http://www.facebook.com/billmelindagatesfoundation ), Twitter    
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http://www.gatesfoundation.org/watersanitationhygiene/Pages/reinventing-the-toilet.aspx

संपर्क : बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, 1 206 709 3400, मीडिया एट गेट्सफाउंडेशन डाट ओआरजी
 स्रोत : बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन पीआरन्यूजवायर- एशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर2 07190859 दि