परमाणु हथियारों और परमाणु उर्जा के बारे में युवकों के रुख के बारे में सर्वेक्षण

स्रोत: Soka Gakkai International-45804
श्रेणी: Energy and Power
 
 
 
09/08/2011 5:56:14:050PM
 
 हिरोशिमा, जापान 4 अगस्त क्योदो जेबीएनएशियानेट
सोका गाकी चुगोकु छात्र छात्र शंति समिति ने चार अगस्त को परमाणु हथियारों और शांति के बारे में हिरोशिमा क्षेत्र के युवकों के रुख के बारे में अपने 16वें वाषिर्क सर्वेक्षण के परिणमों को प्रकाशित किया हिरोशिमा नगर पर परमाणु बम गिराए जाने की वषर्गांठ छह अगस्त को है इस सर्वेक्षण में पहली बार परमाणु शक्ति के बारे में दो प्रश्न जोडे गए हैं।
सर्वेक्षण 16 मई से तीन जुलाई के बीच संचालित किया गया जिसमें चुगोकु क्षेत्र के 36 विश्व विद्यालयों के छात्रों को शामिल किया गया। इस क्षेत्र में हिरोशिमा, ओकायामा, शिमाने, टोटोरी और यामागुची जनपद शामिल हैं
सर्वेक्षण के दौरान तीन हजार प्रश्नावलियों का वितरण किया गया था जिसमें से 2324 प्रतिक्रियाओं को एकत्र किया जा सका। उत्तरदाताओं में 1291 मर्द और 1033 महिलाएं थी। इस वर्ष के निष्र्कषों के सारसंक्षेप को निम्पलिखित वेबसाइट पर प्रस्तुत किया गया है :- http://www.sgi.org/assets/pdf/hiroshimasurvey2011.pdf,, पहली बार यह चौकाने वाला तथ्य सामने आया कि आधे से कम :47 प्रतिशत: छात्रों ने कहा कि हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराया जानास्वीकार’ नहीं किया जा सकता, जिसमें 56 प्रतिशत महिलाएं और केवल 41 प्रतिशत मर्द उत्तरदाता थे
दूसरे प्रश्न पर पिछले वर्ष की तुलना में छह प्रतिशत कम प्रतिक्रियाएं आई जिनमें 13 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि यह कुछ सीमा तक तर्कसंगत था और 38 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी हालांकि 69 प्रतिशत ने कहा कि परमाणु हथियारों का मौजूद होने अपने आप में स्वीकारयोग्य नहीं है जिनमें 77 प्रतिशत महिला और 62 प्रतिशत मर्द उत्तरदाता थे
तीसरे प्रश्न में यह पूछा गया था कि भविष्य में किसी युध्द या संघर्ष के दौरान क्या परमाणु हथियारों के उपयोग की संभावना है तो 86 प्रतिशत ने कहा कि यह खूब संभव :66 प्रतिशत: है जबकि 20 प्रतिशत ने कहा कि इसका होना अनिवार्य है चौथे प्रश्न पर पिछले वर्ष की तुलना में नौ प्रतिशत अधिक अर्थत 86 प्रतिशत प्रक्रियाएं आई।
इस प्रश्न में पूछा गया था कि आप क्या सोचते है कि जापान के परमाणु उर्जा प्रकल्पों को लेकर हमें क्या करना चाहिए? :छठा प्रश्न: उत्तरदातााओं में 49 प्रतिशत ने कहा कि ‘‘हम जैसी स्थिति है उसे बने रहने देना चाहिए। 32 प्रतिशत ने जबाब दिया कि हमें परमाणु उर्जा को घटाने का प्रयास लगातार जारी रखना चाहिए।’’ और 13 प्रतिशत ने कहा कि ‘‘हमें परमाणु उर्जा को पूरीतरह समाप्त कर देना चाहिए।’’ उत्तरदाताओं में पांच प्रतिशत ने महसूस किया कि परमाणु उर्जा को बढाया जाना चाहिए। जिन छात्रो से बातचीत की गई, उनमें आधे से कुछ अधिक ने कहा कि परमाणु उर्जा पर जापान की निर्भरता को कम नहीं किया जाना चाहिए
परमाणु उर्जा और परमाणु हथियार के बीच संबंधों के बारे पूछे जाने पर 65 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने जबाब दिया कि‘‘इसकी संभावना है।’’ इस प्रश्न पर कि ‘‘आज क्या सोचते हैं कि परमाणु उर्जा को प्रोत्साहित करने का परिणाम क्या परमाणु हथियारों के प्रसार में होने की संभावना है ?’’:सातवां प्रश्न: यह पूछे जाने पर कि क्या परमाणु हथियारों को समाप्त करना संभव है, केवल 11 प्रतिशत ने संकेत दिया कि उन्हें विश्वास है कि ऐसा करना संभव है जबकि 58 प्रतिशत ने बताया कि संपूर्ण रूप से समाप्त करना तो संभव नहीं है, पर प्रसार को रोकना संभव है
शांति को प्रोत्साहन देने के बारे में कार्रवाई के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए 75 प्रतिशत ने कहा कि वे इसमें योगदान करना चाहते हैं लेकिन क्या करना चाहिए, इसे नहीं जानते, उनमें 83 प्रतिशत महिला उत्तरदाता और 68 प्रतिशत पुरुष उत्तरदाता थे कुल मिलकार 13 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि कोई कार्रवाई करने का कोई मतलब नहीं है, उनमें 18 प्रतिशत पुरुष और सात प्रतिशत महिला उत्तरदाता थे
चुगोकु छात्र शांति समिति के अध्यक्ष हिदेआकी तातेकुवा ने कहा कि ‘‘इस वर्ष के निष्कषरें से प्रदर्शित हुआ कि परमाणु निर्मूलन संभव हो सकता है, इसे लेकर जागरुकता और आशा के स्तर में निरंतर गिरावट रही है इन निष्कषरें ने हमें परमाणु हथियारों की भयंकर प्रकृति के बारे में जागरुकता बढाने के लिए अपने प्रयासों को बढाने के लिए प्रोत्साहित किया है ।’’ सोका गाकी हिरोशिमा शांति स्मारक सभागार में छह अगस्त को ही स्मृति प्रार्थनाएं आयोजित की जाएगी जिसके बाद महिला शांति समिति के तत्वाधान में परमाणु बमवषर्ा के दौश्रान जीवित बचे दो लोगों के व्याख्यान होंगे
सोका गाकी एक बौध्द संगठन है जिसके सदस्यों की संख्या जापान में 80 लाख से अधिक है। संगठन पिछले पचास वषरें से परमाणु हथियारों के निर्मूलीकरण की दिशा में कार्यरत है और 2007 में सोका गाकी इंटरनेशनल :एसजीआई: के विश्वव्यापी नेटवर्क ने जमीनी स्तर पर जागरुकता अभियान ‘‘ पिपुल्स डिकेड फार न्यूक्लीयर एबोलिशन’’ को आरंभ किया
देखें :-  http://www.peoplesdecade.org
स्रोत:- सोका गामी इंटरनेशनल
संपर्क :- जन सूचना कार्यालय सोका गाकी इंटरनेशनल टेली.:- 81-80-5957-4711 फैक्स:- 81-3-5360-9885 ईमेल :- जनडरसन :एैट: एसजीआई डाट जीआर डाट जेपी