परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त राजस्व के तौर पर 80 अरब अमेरिकी डालर : 3,506 अरब रुपये : उपार्जित करेगी

स्रोत: GSMA Asianet 45859
श्रेणी: High Technology
 
 
 
11/08/2011 7:23:17:497PM
 
जीएसएमए के मुताबिक, मोबाइल ब्राडबैंड पहुंच में 10 प्रतिशत की वृद्धि भारत के परिवहन, स्वास्थ्य एवं शिक्षा क्षेत्रों के लिए अतिरिक्त राजस्व के तौर पर 80 अरब अमेरिकी डालर : 3,506 अरब रुपये : उपार्जित करेगी
नई दिल्ली, 10 अगस्त, 2011, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
मोबाइल ब्राडबैंड के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन वर्ष 2015 तक भारत के जीडीपी पर अच्छा-खासा असर छोड़ेगा जीएसएमए ने आज घोषणा की कि भारत में ब्राडबैंड की पहुंच में 10 प्रतिशत की वृद्धि से वर्ष 2015 तक देश के परिवहन, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा क्षेत्र में कुल 80 अरब डालर : 3,506 अरब रुपये : का योगदान मिलेगा । यह आंकड़ा जीएसएमए द्वारा अधिकृत और विश्लेषक संस्था एनलिसिस मैसन द्वारा इन प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर मोबाइल ब्राडबैंड विकास के आर्थिक प्रभाव के लिए संचालित एक नए अध्ययन से सामने आया है ।
ब्राडबैंड कनेक्टिविटी सामाजिक-आर्थिक सुधार का संचालक है जो सभी औद्योगिक क्षेत्रों में आर्थिक विकास को गति देती है और संवर्धित जीडीपी में योगदान करती है । एनलिसिस मैसन के मुताबिक, ब्राडबैंड के दायरे में 10 प्रतिशत की वृद्धि से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में 42 प्रतिशत :1,215 अरब रुपये यानी 27.4 अरब अमेरिकी डालर के बराबर :, शिक्षा के क्षेत्र में 36.8 प्रतिशत : अतिरिक्त 1,402 अरब रुपये यानी 31.2 अरब अमेरिकी डालर : तथा परिवहन के क्षेत्र में 18.8 प्रतिशत : अतिरिक्त 889 अरब रुपये यानी 20 अरब अमेरिकी डालर : की कुल राजस्व वृद्धि होगी ।
फिलहाल में भारत में ब्राडबैंड का दायरा 1.7 प्रतिशत :1: है और वर्ष 2015 तक इसके बढ़कर 12.5 प्रतिशत हो जाने की संभावना जताई गई है । हालांकि इस लक्ष्य को पाने के लिए जरूरी है कि अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन को शीघ्र जारी किया जाए और खासकर 700 मेगाहट्र्ज तथा 2.6 जीहट्र्ज के बैंडों को, ताकि मोबाइल आपरेटर आगामी पीढ़ी के मोबाइल ब्राडबैंड नेटवर्क और सेवाओं को शुरू कर सकें और लोगों की जरूरतों को पूरा कर सकें ।
वर्ष 2011 की दूसरी तिमाही में भारत में 35 लाख एचएसपीए मोबाइल ब्राडबैंड कनेक्शन :2: थे और यह संख्या वर्ष 2015 के अंत तक :3: तेजी से बढ़ते हुए 22.55 करोड़ तक पहुंच जाने की उम्मीद की जा रही है लेकिन यह तभी संभव है जब मोबाइल सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन की मात्रा बढ़ाई जाए । एनलिसिस मैसन के पूर्ववर्ती शोध :4: के मुताबिक, 3जी स्पेक्ट्रम का अतिरिक्त 5 मेगाहट्र्ज आवंटन आबादी के बीच मोबाइल ब्राडबैंड की पहुंच 3.3 प्रतिशत वृद्धि करेगा जिससे वर्ष 2015 तक जीडीपी बढ़ते हुए 12.1 अरब अमेरिकी डालर : 538 अरब रुपये : हो जाएगा ।
जीएसएमए में वरिष्ठ निदेशक रोबिन्द्र मैंगतानी ने कहा, ‘‘सीधी सी बात है, भारत सरकार यदि निकट भविष्य में पर्याप्त स्पेक्ट्रम आवंटित करती है तो यह एक चौंकाने वाला अर्थव्यवस्था का अवसर प्रदान करेगा । हालांकि स्पेक्ट्रम की मौजूदा कमी अभी भी भारत में मोबाइल ब्राडबैंड सेवाओं से लाभ उठाना तथा वर्ष 2014 तक 16 करोड़ इंटरनेट कनेक्शन के साथ सरकार का ब्राडबैंड कनेक्टिविटी का लक्ष्य पाना एक दुर्जेय बाधा बनी हुई है । भारत सरकार यदि प्रस्तावित राष्ट्रीय स्पेक्ट्रम अधिनियम को लागू करना चाहती है तो उसे इस पर शीघ्र अमल करना चाहिए जिसकी घोषणा अप्रैल में संचार मंत्री कपिल सिब्बल ने की थी । इसके अलावा सरकार को मोबाइल ब्राडबैंड सेवाओं की उच्च मांग को पूरा करने के लिए अत्यावश्यक रूप से वांछित स्पेक्ट्रम का आवंटन कर देना चाहिए ।’’ मैंगतानी ने आगे कहा, ‘‘भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल बाजार है और मोबाइल ब्राडबैंड के लिए एक आकषर्क और रोमांचक विकास बाजार है- यहां भविष्य में मोबाइल उद्योग को ढालने का एक अच्छा अवसर है । अभी से कार्यवाही करते हुए भारत के हार्डवेयर विनिर्माताओं एवं साफ्टवेयर कंपनियों के पास विकासशील समर्थक तत्वों का नेतृत्व करने का विशाल अवसर मिल सकता है जिससे न सिर्फ भारतीय समाज में बदलाव आएगा बल्कि उन्नतिशील निर्यात बाजार के जरिये पूरी दुनिया के देशों में मोबाइल ब्राडबैंड पेश करने की क्षमता भी बढ़ेगी ।’’ इस रिपोर्ट को देखने के लिए कृपया इन लिंक्स पर जाएं  
जीएसएमए वैश्विक स्तर पर मोबाइल आपरेटरों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है । 219 देशों में फैला जीएसएमए विश्व के तकरीबन 800 मोबाइल आपरेटरों को एकजुट रखता है जिनमें व्यापक मोबाइल इकोसिस्टम की 200 से ज्यादा कंपनियां भी शामिल हैं । इसके अलावा इस संस्था के साथ हैंडसेट निर्माता, साफ्टवेयर कंपनियां, उपकरण प्रदाता, इंटरनेट कंपनियां और मीडिया एवं मनोरंजन संगठन भी जुड़े हुए हैं । जीएसएमए मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस तथा मोबाइल एशिया कांग्रेस जैसे औद्योगिक प्रमुख कार्यक्रम भी आयोजित करती है ।
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 :1: स्रोत : नेशनल ब्राडबैंड प्लान :2: स्रोत : वायरलेस इंटेलीजेंस, वर्ष 2011 की दूसरी तिमाही :3: स्रोत : वायरलेस इंटेलीजेंस, वर्ष 2015 की चौथी तिमाही :4: स्रोत : एनलिसिस मैसन, दिसंबर 2010
स्रोत : जीएसएमए
संपर्क : प्रियंका सेथान, जीएसएमए की ओर से, 91 981 044 9951, प्रियंकासेठ एट कारवोशैंडविक डाट को डाट इन पीआरन्यूजवायर- एशियानेट : रंजन रंजन पीडब्ल्यूआर1 08100840 दि

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