यूएल : सौर्य-उर्जा बाजार के फलने-फूलने की कूंजी है उत्पादन सुरक्षा

स्रोत: UL Asianet 46707
श्रेणी: Energy and Power
 
 
 
17/10/2011 12:50:15:723PM
 
यूएल : सौर्य-उर्जा बाजार के फलने-फूलने की कूंजी है उत्पादन सुरक्षा
ताईपेई, 12 अक्टूबर, 2011 । एशियानेट – एशिया – एशियानेट ।
– एशिया में सौर्य-उर्जा उद्योग के नेताओं ने एपीईसी कार्यशाला में विचारों का आदान-प्रदान किया ।
अग्रणी सौर्य-उर्जा उत्पादन सुरक्षागत परीक्षण और प्रमाणीकरण संगठन यूएल :अंडरराइटर लैबोरेटरी: ने कहा है कि फोटोवोल्टाविक उत्पादनों की विश्वसनीयता और टिकाउपन एशिया-प्रशांत क्षेत्र में इस फलते-फूलते हरित उर्जा उद्योग के आगामी विकास की कूंजी होगी ।
यूएल औद्योगिक तकनीकों और व्यापारिक विकास के बारे में फोटोवोल्टाविक :पीवी: विश्वसनीयता और टिकाउपन पर एपीईसी कार्यशाला में स्वत:सक्रिय परामर्श की पेशकश की जो ताइपेई के हावर्ड प्लाजा होटल में 12 अक्टूबर को आयोजित हुआ ।
यह कार्यशाला सितंबर में सैनफ्रांसिस्को में हुई एपीईसी सौर्य-उर्जा तकनीक सम्मेलन पहल की बैठक का हिस्सा थी जिसमें समूचे एशिया के सौर्य-उर्जा नेताओं को एकत्र करके सौर्य-उर्जा बाजार के भविष्य के विकास के बारे में विचार विमर्श हुआ ।
अग्रणी सुरक्षा प्रमाणीकरण प्रदाता के रूप में अपनी मान्यताओं की पेशकश करते हुए यूएल ने कहा कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र को सौर्य-उर्जा की विश्वसनीयता,टिकाउपन और सुरक्षा को प्राथमिकता देना चाहिए जो इस क्षेत्र की पीवी तकनीक की प्रतिष्ठा को संवर्धित करने के अनुकूल होगा और लंबे समय में लागत को कम करने में सहायक होगा।
इसतरह ध्यान दिए जाने से इस क्षेत्र में हरित उर्जा के व्यापार के विकास और तकनीकी नवोन्मेष को भी सुविधाजन बना सकेगा ।
सोलरबज द्वारा संचालित ताजा बाजार अध्ययन के अनुसार, एशिया-प्रशांत क्षेत्र की पीवी निर्माण क्षमताएं 2015 तक विश्व की मांग के 25 प्रतिशत को पूरा करेगी जो 2010 के मुकाबले 11 प्रतिशत अधिक होगा। यह क्षेत्र की अतिसंभावनाशील बाजार में तेजी से विकास को सूचित करता है ।
हांलाकि वैश्विक बाजार में सौर्य उत्पादनों मांग काफी तेजी से बढने से उत्पादन की गुणवत्ता की चिंताएं और विभिन्न बाजारों में अपनाए जाने वाले विभिन्न प्रतिकूल मानदंडों की वजह से उत्पन्न व्यापारिक अडचनें चुनौती पेश कर रही हैं ।
एपीईसी बैठकों का उदेश्य एशिया की आर्थिक विकास रणनीतियों पर विशेष ध्यान देते हुए क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाना है, उन बैठकों का इस क्षेत्र की आर्थिक और व्यापारिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका है, साथ ही तकनीकी एकीकरण को भी संभव बनाने में सहायक हैं ।
एपीईसी की 21 सदस्य अर्थव्यवस्थाएं विश्व की समूची आबादी की लगभग 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करती हैं और इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था विश्व के औसत से अधिक तेज गति से विकसित हो रही है ।
यहां प्रमुख सौर्य-उर्जा उपकरणों की उत्पादन इकाईयां हैं जो चीन, ताइवान, जापान और भारत में स्थित हैं । सौर्य-उर्जा उपकरणों का निर्माण करने की उनकी क्षमता शक्तिशाली होने के संकेत मिलते हैं ।
इसका परिणाम है कि क्षेत्र की तकनीक का कारगर ढंग से एकीकरण कैसे होगा, उसके साथ ही लागत-खर्च को घटाने और सौर्य उद्योग के कारपोरेट लागत संरचना को बेहतर बनाना क्षेत्र के हरित उर्जा विकास के लिए प्राथमिकता बन गया है । कार्यशाला में हिस्सेदारी करने वालों में व्यापार सुविधा प्रदाताओं जैसे ताइवान का आर्थिक कार्यकलापों का मंत्रालय और संयुक्त राज्य का वाणिज्य मंत्रालय के साथ ही पीवी से संबंधित संस्थाएं और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं, इनमें यूएल, जापान इलेक्ट्रीक सेफ्टी व इंवायरमेंट टैक्नोलाजी लैबोरेटरीज :जेईटी:, थाईलैंड की सीईएस सोलर सेल टेस्टिंग सेंटर, सेमीकंडक्टर इक्वीपमेंट एंड मैटेरियल इंटरनेशनल :एसईएमआई: और कोरिया फोटोवोल्टाइक इंडस्ट्री एसोसिएशन :केओपीआईए: शामिल हैं ।
इन विशिष्ट हिस्सेदारों ने अपने अलग-अलग विचार रखे और पीवी की विश्वसनीयता तथा टिकाउपन के बारे में अपने विचारों का आदान-प्रदान किया ।
सौर्य-उर्जा उद्योग में भविष्य में होने वाले विकास के मामले में यूएल ने एपीईसी कार्यशाला में प्रस्ताव दिया कि बाजार को विस्तार देने में उत्पादन सुरक्षा प्रमुख कूंजी है। सबसे बडा पीवी उत्पादन निर्यातकर्ता के रूप में एशिया को उत्पादन प्रदर्शन, सुरक्षा, विश्वसनीयता और टिकाउपन को सुनिश्चित करने में चुनौतियों का सामना करना पडता है । यूएल ने सलाह दिया कि एशिया प्रशांत देशों के सरकारों को सोलर उत्पादन सुरक्षा प्रमाणकीकरण मानदंडों को लेकर सर्वसम्मति कायम करने की आवश्यकता है जिसके लिए राष्ट्रीय तथा स्थानीय नियमावलियों बनाने की आवश्यकता होगी और निर्माताओं, विक्रेताओं, उपभोक्ताओं, बीमाकर्ताओं और प्रासंगिक मानदंड प्रमाणीकरण संस्थानों को उनका अनुपालन करना होगा । सोलर उत्पादनों की विश्वसनीयता और टिकाउपन को प्राथमिकता प्रदान करके ही उत्पादनों की गुणवत्ता और सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सकेगा, केवल तभी इस उद्वोग को स्व-संपोषित ढंग से विकसित किया जा सकेगा ।
संयुक्त राज्य में यूएल के वरीय शोध वैज्ञानिक एडविन यांग ने विश्लेषण किया है कि सौर्य उत्पादनों की विश्वसनीयता और टिकाउपन दो स्तरों पर लाभकारी साबित हो सकते हैं ।
पहला उत्पादनों की कमजोर गुणवत्ता की वजह से आमलोगों के सामने उत्पन्न जोखिमों को घटना जो कारपोरेट प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के खतरे को समाप्त करेगा और कंपनी के नुकसानों का न्यूनीकरण कर सकेगा ।
दूसरा उद्योग के निरंतर विकास को सुविधाजनक बनाएगा । विश्वसनीयता और टिकाउपन के बारे में कठोर परीक्षण को अपनाकर उत्पादन का सुरक्षा चक्र कंपनियों की सेवा में उपलब्घ होगी जिससे वे निवेश के बजट का आंकलन कर सकेगे, बिजली की प्रति इकाई लागत की गणना कर सकेंगे और यहां तक कि क्षेत्रीय उद्योग के स्वसंपोषित विकास को आगे बढा सकेंगे ।
यूएल की राय थी कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सौर्य उत्पादनों की विश्वसनीयता और टिकाउपन निवेश और नीतिगत विकासों का प्रमुख सूचक बन जाएगा ।
यूएल को न केवल सौर्य उत्पादन सुरक्षा के द्वारपाल के रूप में, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की सौर्यउर्जा उद्योग के एकीकरण और विकास के आगे का मार्ग प्रशस्त करने में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है जिसे वह मानदंडों को स्थापित करने तथा ग्रिड परीक्षण और तकनीकी मूल्यांकन के माध्यम से करेगा ।
हाल के वषरें में, यूएल ने संयुक्त राज्य, चीन, जर्मनी, जापान और भारत में सौर्य पीवी प्रयोगशालाएं स्थापित किए हैं । हांलाकि यह सक्रियता के साथ पीवी उत्पादनों के उम्र गतिशीलता के परीक्षणों पर शोध और विकास कार्यो में इस उम्मीद से लगा है कि उसे उत्पादन सुरक्षा और टिकाउपन के मामले में उद्योग जगत की स्वीकार्यता प्राप्त होगी ।
यूएल एशिया प्रशांत के उद्योगों, सरकारों और अकादमिक जगत के बीच परस्पर संमृद्धि के बारे में जागरुकता के स्तर को बढाने में सहायता प्रदान करना जारी रखेगा ।
वह सौर्य उद्योग के साथ मिलकर इस क्षेत्र के फलते-फूलते पीवी विकास को आगे बढाने में काम करेगा और इन नए उद्योग के लिए क्षेत्र में बरकरार अपार संभावनाओं को हासिल करने का प्रयास करेगा ।
यूएल के बारे में :-
 यूएल प्रमुख वैश्विक विज्ञान सुरक्षा कंपनी है जिसका प्रमाणिक इतिहास एक सौ वषरे से भी अधिक पुराना है । उसने लगभग 100 देशों में 7000 से अधिक पेशेवरों को काम देते हुए यूएल पांच विभिन्न व्यावसायिक इकाईयों – उत्पाद सुरक्षा, पर्यावरण, जीवन व स्वास्थ्य, सत्यापन और ब्रहमांडीकरण में भविष्य की सुरक्षा के उपायो को विकसित कर रहा है ताकि ग्राहकों और वैश्विक जनसमुदाय की बढती जरूरतों को पूरा किया जा सके।
यूएल सेवाओं के बारे में अधिक जानकारी के लिए यूएल डाट काम पर पधारें। स्रोत :- यूएल संपर्क, केवल मीडिया :- लेस्ली पेंग 86-20-3213-1028 लेस्ली डाट पेंग :एैट: यूएल डाट कॉम
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