बेबी 7 बिलियन : जन्म लेने वाली भारत की एक लड़की की तलाश शुरू

स्रोत: Plan International Asianet 46979
श्रेणी: General
 
 
 
27/10/2011 5:34:26:500PM
 
बेबी 7 बिलियन : जन्म लेने वाली भारत की एक लड़की की तलाश शुरू
 लंदन एवं नई दिल्ली, 27 अक्तूबर, पीआरन्यूजवायर- एशियानेट ।
वैश्विक बाल अधिकार संगठन प्लान इंटरनेशनल का कहना है कि भारत में ‘सात अरबवें बच्ची’ के जन्म के इंतजार की उल्टी गिनती शुरू कर दी गई है । विश्व की आबादी 31 अक्तूर को 7 अरब से अधिक हो जाने का अनुमान लगाया गया है, इसी दिन प्लान भारत की सर्वाधिक आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनउ के करीब जन्म लेने वाली 7 अरबवें बच्ची का जश्न मनाएगी । यह संस्था भारत में बढ़ते लिंगानुपात की ओर विश्व का ध्यान आकषिर्त करने के लिए इस अवसर को भुना रही है । यहां की आबादी में 70 लाख लड़कियां कम हैं ।
भारत में लिंग निर्धारण के आधार पर गर्भपात तथा लिंग निर्धारण के लिए अल्ट्रासाउंट की तकनीक का इस्तेमाल गैर-कानूनी है, इसके बावजूद यहां हर वर्ष हजारों कन्या भ्रूणों को जन्म से पहले ही खत्म कर दिया जाता है । भारत की वर्ष 2011 की जनगणना के मुताबिक, लड़कों की तुलना में लड़कियों का अनुपात किसी भी समय से काफी निम्न स्तर पर पहुंच चुका है । आज राष्ट्रीय आंकड़ों में शून्य से छह वर्ष की उम्र के बच्चों में प्रति हजार लड़कों के बीच लड़कियों की संख्या 914 ही रह गई है जो एक खतरनाक संकेत है ।
प्लान इंटरनेशनल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी निगेल चैपमैन ने कहा, ‘‘पूरी दुनिया की लड़कियों को अभी भी कई चीजों तक अधिकारपूर्वक पहुंच से वंचित किया जा रहा है लेकिन उनके स्वत: जन्म लेने के अधिकार को ही खत्म कर देना सबसे ज्यादा चिंताजनक है । वैश्विक स्तर पर करोड़ों लड़कियों को या तो लड़कों की अधिकतम चाहत के कारण जन्म ही नहीं लेने दिया जाता है या नवजात अवस्था में या उनके गर्भधारण के समय ही मार दिया जाता है । हमें इस अन्याय पर निश्चित रूप से रोक लगानी होगी ।’’ प्लान अपने वैश्विक अभियान ‘बिकाउज आई एम ए गर्ल’ के जरिये लड़कियों के अधिकार और सशक्तीकरण की वकालत कर रही है । इसके तहत संस्था ने कन्या भ्रूण हत्या के मुद्दे को सुलझाने के लिए भारत में ‘लेट गर्ल्स बी बार्न’ नामक पहल शुरू की है । प्लान इंडिया की कार्यकारी निदेशक भाग्यश्री देंगले कहती हैं, ‘‘विश्व में हम सबसे तेजी से विकसित हो रहे राष्ट्र हैं लेकिन लड़कियों के मामले में अभी भी सर्वाधिक चुनौतीपूर्ण स्थिति का सामना कर रहे हैं । ‘लेट गर्ल्स बी बार्न’ के जरिये हम लोगों तक पहुंच बनाने की उम्मीद करते हैं और उन्हें घटते लिंग अनुपात के परिणाम का अहसास कराना चाहते हैं तथा उन्हें लड़कियों के जन्म का जश्न मनाने में सक्रिय करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं ।’’ प्लान ने उत्तर प्रदेश 7 अरबवें बच्ची के जन्म को चिह्नित करने के लिए चुना है क्योंकि इस राज्य में न सिर्फ सबसे ज्यादा जन्म होता है बल्कि यह लड़कियों की कमी वाला भी सबसे बड़ा राज्य है । ब्राजील से भी अधिक आबादी वाले इस राज्य में प्रति हजार लड़कों के अनुपात में सिर्फ 899 लड़कियां हैं । हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश तथा देश की राजधानी दिल्ली जैसे अन्य राज्यों में भी कमोबेश यही स्थिति है ।
प्लान 31 अक्तूबर को लखनउ के पास एक सार्वजनिक समारोह में 7 अरबवें बच्ची के जन्म का जश्न मनाएगी । नवजात बच्ची को राज्य सरकार द्वारा जन्म प्रमाण पत्र दिया जाएगा । संस्था ने बच्चियों के अधिकार संबंधी अपने अभियान के अभिन्न हिस्से के तौर पर जन्म प्रमाण पत्र तैयार किया है ।
प्लान में एडवोकेसी की वैश्विक प्रमुख नादिया कासम ने कहा, ‘‘जन्म प्रमाण पत्र अमूल्य जीवन की मान्यता है और नागरिकता तथा कई अधिकारों का एक पासपोर्ट है । कई स्थानों, खासकर भारत जैसे देश में, पर यह लिंग अनुपात के अंतर का आंकड़ा पेश करता है और जहां लड़कियों की कमी हो रही है, उस जगह की पहचान का एक अहम सूचक है ।’’
स्रोत : प्लान इंटरनेशनल
पीआरन्यूजवायर- एशियानेट :